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बेंगलुरु, 5 अप्रैल 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम में 146 रनों के लक्ष्य को मात्र 29 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। यह एक ऐसी पारी थी जिसमें कप्तान रजत पटिदार की मंशा पूरी टीम में दिखी। पिच आम से ज्यादा धीमी थी, लेकिन आरसीबी के बल्लेबाजों ने उसके हिसाब से खेलते हुए भी आक्रामकता नहीं छोड़ी।
पटिदार की आग ने बदला गेम का रुख
मैच की शुरुआत फिल सॉल्ट और देवदत्त पडिक्कल के लिए अच्छी नहीं रही, जिन्होंने 100 से कम स्ट्राइक रेट के साथ जल्दी आउट हो गए। लेकिन जैसे ही रजत पटिदार क्रीज पर आए, गेम का तापमान बढ़ गया। पहले 12 गेंदों में उन्होंने तीन छक्के और एक चौका जड़कर 27 रन बनाए, जिसका स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर रहा।
उनका आउट होना भी आक्रामकता का ही नतीजा था – प्रिंस यादव को लंबी गेंद पर ड्राइव देने के चक्कर में विकेट गंवा बैठे। लेकिन यही उनकी पहचान बन चुकी है। पिछले कुछ मैचों में उनके प्रदर्शन की बात करें, तो:
- Mumbai Indians के खिलाफ – 53 (20 गेंदों)
- Rajasthan Royals के खिलाफ – 63 (40 गेंदों)
- Chennai Super Kings के खिलाफ – 50 (29 गेंदों)
- Sunrisers Hyderabad के खिलाफ – 31 (12 गेंदों)
यही आत्मविश्वास अब पूरी टीम में फैल रहा है।
रायुडू का विश्लेषण: पटिदार का टेम्पलेट पूरी टीम अपना रही
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबति रायुडू ने ESPNcricinfo के कार्यक्रम TimeOut में कहा, “वे हर गेंद के लिए जा रहे हैं। कप्तान ऐसा कर रहा है, तो पूरी टीम उसी तेज रफ्तार पर चल रही है। जैसे ही पटिदार क्रीज पर आते हैं, तुरंत इरादे साफ नजर आते हैं।”
उन्होंने जोड़ा, “यह उनके गैर-स्ट्राइकर और आने वाले बल्लेबाजों पर भी असर डाल रहा है। आरसीबी को इस तरह खेलते हुए देखना बेहद ताजगी देने वाला है।”
उन्होंने धीमी पिच पर भी आरसीबी के बल्लेबाजों की तारीफ की और कहा कि वे सिर्फ गलत गेंदों पर छक्के नहीं मार रहे, बल्कि अच्छी गेंदों पर भी सिक्स लगा रहे हैं – जो किसी शीर्ष टीम की पहचान होती है।
जीतेश का जलवा और फिंच का संदेश
पटिदार के बाद जीतेश शर्मा ने महज 9 गेंदों में 23 रन बनाकर आरसीबी को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह उनका इस सीजन का पहला दहाई से ऊपर का स्कोर था, जबकि उनके पिछले चार प्रयास सिर्फ 0, DNB, 5 और 10 रनों पर सिमट चुके थे।
आस्ट्रेलिया के पूर्व T20 विश्व कप विजेता कप्तान आरोन फिंच ने कहा, “यह टीम आत्मविश्वास से भरी है। जब तक मैच खत्म नहीं होता, वे दबाव बनाए रखते हैं।”
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई बल्लेबाज आसानी से खेल ले, तो टीम की संस्कृति खराब हो सकती है। “अगर कोई बल्लेबाज सिर्फ 25 रन नाबाद बना ले और मैच संभाल लिया, तो वह टीम के तरीके के खिलाफ है। आरसीबी अब ऐसा नहीं करता। वे अपने सिद्धांतों पर डटे रहते हैं।”
आरसीबी की नई पहचान: बिना कंप्रोमाइज के खेलना
रायुडू ने जोर देकर कहा कि आरसीबी में अब मंशा के बिना जगह नहीं मिलेगी। “हर कोई पटिदार के टेम्पलेट में बखूबी फिट बैठ रहा है। ऐसी टीम में, अगर तुम इरादे के साथ नहीं खेलते, तो तुम्हें ड्रॉप कर दिया जाएगा। यही असली टीम संस्कृति है।”
आरसीबी अब सिर्फ जीतने वाली टीम नहीं, बल्कि अपने तरीके से जीतने वाली टीम बन गई है। और उसकी आग का चूल्हा रजत पटिदार बन चुके हैं।
