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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने हाल के मैचों में अपनी बल्लेबाजी में एक नया और रोमांचक आयाम जोड़ा है। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम की धीमी पिच पर 146 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, RCB ने 29 गेंद शेष रहते हुए शानदार जीत दर्ज की। यह केवल एक जीत नहीं थी, बल्कि यह उनकी आक्रामक बल्लेबाजी पहचान का एक प्रमाण था, जिसका नेतृत्व कप्तान रजत पाटीदार कर रहे हैं।
रजत पाटीदार का निर्भीक इरादा: RCB की नई पहचान
आरसीबी की बल्लेबाजी में रजत पाटीदार का आगमन टीम के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ है। बुधवार को जब फिल साल्ट और देवदत्त पडिक्कल कम स्ट्राइक-रेट पर आउट हुए, तब पाटीदार ने आते ही पारी की गति को पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने अपनी पहली 12 गेंदों में तीन छक्के और एक चौका लगाकर 27 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 200 से अधिक था। यह दर्शाता है कि वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि एक स्पष्ट इरादे के साथ खेल रहे थे। यहां तक कि उनका आउट होना भी इसी शीर्ष गियर में खेलने का परिणाम था, जब वे प्रिंस यादव को डाउन द ग्राउंड हिट करने की कोशिश कर रहे थे।
पाटीदार की यह नवीनतम पारी आईपीएल 2026 में उनकी ‘नो-होल्ड्स बार्ड’ बल्लेबाजी का विस्तार थी। उनके पिछले कुछ प्रदर्शन इस बात की पुष्टि करते हैं:
- मुंबई इंडियंस के खिलाफ: 20 गेंदों में 53 रन
- राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ: 40 गेंदों में 63 रन
- चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ: 29 गेंदों में 50 रन
- सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ: 12 गेंदों में 31 रन
पूर्व भारतीय बल्लेबाज अंबाती रायडू के अनुसार, पाटीदार का यह दृष्टिकोण बाकी बल्लेबाजी इकाई पर
