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गोल्ड कोस्ट में सीरीज का रोमांच: कौन मारेगा बाजी?
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही T20I सीरीज अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुँच गई है। होबार्ट में भारत की शानदार जीत के बाद सीरीज 1-1 की बराबरी पर है, और अब सबकी नजरें गोल्ड कोस्ट के करारा स्टेडियम पर टिकी हैं। हालाँकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हलकों में फिलहाल एशेज टीम की घोषणा को लेकर ज्यादा चर्चा हो रही है, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह T20I सीरीज आगामी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ट्रेविस हेड और सीन एबॉट जैसे खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद, ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आज़माने के लिए तैयार है।
भारतीय टीम का हौसला बुलंद: बल्लेबाजी की गहराई बनी ताकत
होबार्ट में खेले गए पिछले मुकाबले में भारतीय टीम ने जिस तरह से लक्ष्य का पीछा किया, उसने उनकी बल्लेबाजी की गहराई को दुनिया के सामने पेश किया। केवल तिलक वर्मा ही ऐसे बल्लेबाज थे जिनका स्ट्राइक रेट 125 से नीचे रहा, जबकि वाशिंगटन सुंदर और जितेश शर्मा ने अंत में आकर मैच को तेजी से खत्म किया। भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उनके पास मौजूद ऑलराउंडर विकल्प हैं, जो टीम को संतुलन प्रदान करते हैं।
अभिषेक शर्मा: कोहली के रिकॉर्ड पर नजर
इस सीरीज में अगर किसी एक बल्लेबाज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, तो वह हैं अभिषेक शर्मा। अभिषेक ने न केवल आक्रामक बल्लेबाजी की है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी रन बनाए हैं। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर उनकी 68 रनों की पारी इसकी गवाह है। अभिषेक को T20I क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने के लिए केवल 39 रनों की दरकार है। यदि वह इस मैच में यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वह विराट कोहली के 27 पारियों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। इतना ही नहीं, वह गेंदों का सामना करने के मामले में दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज भी बन सकते हैं, जहाँ वर्तमान में सूर्यकुमार यादव (573 गेंदें) शीर्ष पर हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम में बदलाव: ड्वार्शिस और मैक्सवेल की वापसी?
मेजबान टीम के लिए गेंदबाजी में बेन ड्वार्शिस की वापसी एक सकारात्मक खबर है। सीन एबॉट की जगह टीम में शामिल किए गए ड्वार्शिस बाएं हाथ की गेंदबाजी में विविधता लाते हैं। मिचेल स्टार्क के संन्यास और स्पेंसर जॉनसन की चोट के बाद, ड्वार्शिस विश्व कप के लिए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की भूमिका के लिए सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। इसके अलावा, अनुभवी ग्लेन मैक्सवेल की कलाई की चोट में सुधार हुआ है और उनके इस मैच में खेलने की पूरी संभावना है, जो कंगारू टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान करेंगे।
पिच और परिस्थितियाँ: करारा स्टेडियम का मिजाज
गोल्ड कोस्ट के करारा स्टेडियम में अब तक केवल दो अंतरराष्ट्रीय पुरुष मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से एक बारिश के कारण 10 ओवर का कर दिया गया था। ऐसे में यहाँ के आंकड़े थोड़े सीमित हैं। हालाँकि, बिग बैश लीग (BBL) के रिकॉर्ड बताते हैं कि यह मैदान बल्लेबाजी के लिए काफी अनुकूल है। यहाँ का स्ट्राइक रेट अन्य मैदानों की तुलना में बेहतर रहा है, जिसका अर्थ है कि दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है।
मैच के अहम आंकड़े और मील के पत्थर
- ग्लेन मैक्सवेल: उन्हें T20I में 50 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ 1 विकेट की जरूरत है।
- मार्कस स्टोइनिस: स्टोइनिस को भी 50 विकेट पूरे करने के लिए 2 विकेट चाहिए। वे दोनों ऑस्ट्रेलिया के पहले ऐसे पुरुष खिलाड़ी बन सकते हैं जिन्होंने 1000 रन और 50 विकेट का डबल पूरा किया हो।
- नाथन एलिस: उन्हें 50 T20I विकेट पूरे करने के लिए 3 विकेट की आवश्यकता है।
- तिलक वर्मा: तिलक को अपने 1000 अंतरराष्ट्रीय T20 रन पूरे करने के लिए मात्र 9 रनों की जरूरत है।
संभावित प्लेइंग इलेवन (Probable XI)
भारत: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, जितेश शर्मा, शिवम दुबे/नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह।
ऑस्ट्रेलिया: मैट शॉर्ट, मिचेल मार्श (कप्तान), जोश इंग्लिस, टिम डेविड, मिच ओवेन, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, जेवियर बार्टलेट, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, मैट कुहनेमैन।
निष्कर्ष: सामरिक बदलावों का दौर
भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मैच से पहले स्पष्ट किया कि टीम विभिन्न संयोजनों के साथ प्रयोग कर रही है ताकि विश्व कप से पहले सभी विकल्प खुले रहें। नीतीश कुमार रेड्डी की फिटनेस पर भी नजर रहेगी, जो टीम में एक अतिरिक्त तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर का विकल्प दे सकते हैं। दोनों ही टीमें सीरीज में बढ़त बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगी, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
