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वेस्टली और एल्गर के शतकों ने सरे के खिलाफ मुकाबले को ड्रॉ में बदला
क्रिकेट के मैदान पर जब बल्ले हावी हो जाते हैं, तो गेंदबाज अक्सर बेबस नजर आते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा किया ओवल में देखने को मिला, जहाँ एसेक्स (Essex) और सरे (Surrey) के बीच खेला गया रोथसेय काउंटी चैंपियनशिप का मुकाबला एक हाई-स्कोरिंग ड्रॉ पर समाप्त हुआ। एसेक्स के कप्तान टॉम वेस्टली और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज डीन एल्गर की शानदार बल्लेबाजी ने यह सुनिश्चित कर दिया कि सरे इस मैच में जीत का कोई भी मौका न तलाश सके।
मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो एसेक्स ने अपनी पहली पारी में 409 रन बनाए, जिसमें वॉल्टर ने 101, एल्गर ने 92 और थाइन ने 64 रनों का योगदान दिया। जवाब में सरे ने 472 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें लॉरेंस (125) और सिबली (101) ने शानदार शतक जड़े, जबकि हार्मर ने 3 विकेट लिए। दूसरी पारी में एसेक्स ने बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी की और 2 विकेट खोकर 302 रनों पर अपनी पारी घोषित कर दी।
टॉम वेस्टली का आक्रामक प्रहार
एसेक्स के कप्तान टॉम वेस्टली ने अपनी कप्तानी पारी को एक अलग स्तर पर ले जाते हुए 136 रनों की शक्तिशाली पारी खेली। वेस्टली ने अपनी इस पारी में 22 चौकों और 2 छक्कों की मदद से सरे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी। लंच के समय एसेक्स का स्कोर 92 पर 1 था, जिसके बाद वेस्टली ने अपनी पारी की गति बढ़ाई।
उन्होंने विशेष रूप से टॉम लॉज और मैट फिशर पर कड़ा प्रहार किया। लॉज के एक ओवर में उन्होंने एक छक्का और फिर एक्स्ट्रा कवर की दिशा में एक शानदार चौका लगाकर अपनी लय साबित की। वेस्टली ने बड़ी तेजी से अपना 33वां फर्स्ट-क्लास शतक पूरा किया और मैच को पूरी तरह से एसेक्स के नियंत्रण में ला दिया।
डीन एल्गर: अनुभव और स्थिरता का संगम
वेस्टली के आक्रामक अंदाज के विपरीत, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट ओपनर और कप्तान डीन एल्गर ने एक ‘एंकर’ की भूमिका निभाई। एल्गर ने नाबाद 107 रनों की पारी खेली, जो उनके लंबे और शानदार करियर का 55वां फर्स्ट-क्लास शतक था। 38 वर्षीय एल्गर, जिन्होंने 86 टेस्ट मैच खेले हैं, ने यह साबित कर दिया कि अनुभव आज भी उतना ही मूल्यवान है।
एल्गर और वेस्टली के बीच दूसरे विकेट के लिए 197 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। जहाँ वेस्टली तेजी से रन बना रहे थे, वहीं एल्गर ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। हालांकि, एल्गर ने भी बीच-बीच में अपने शॉट्स का प्रदर्शन किया, जिसमें डैन लॉरेंस की ऑफ स्पिन पर लगाया गया एक शानदार छक्का शामिल था। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 238 गेंदों का सामना किया और करीब साढ़े पांच घंटे तक बल्लेबाजी की।
रिकॉर्ड तोड़ भीड़ और सपाट पिच
इस मैच की एक बड़ी विशेषता किया ओवल में उमड़ी दर्शकों की भीड़ रही। स्टेडियम में 15,000 से अधिक प्रशंसक मैच देखने पहुंचे, जो इस सदी में ओवल में किसी काउंटी चैंपियनशिप मैच के लिए सबसे अधिक उपस्थिति है। इसने पिछले सीजन के इसी मुकाबले में आए 14,982 दर्शकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
पिच के बारे में बात करें तो सतह बेहद सपाट और धीमी थी, साथ ही आसमान बिल्कुल साफ था। यही कारण था कि चार दिनों के खेल में केवल 22 विकेट गिरे, जबकि कुल 1,183 रन बने। ऐसी परिस्थितियों में गेंदबाजों के लिए विकेट लेना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
गस एटकिंसन की वापसी और प्रदर्शन
सरे की टीम के लिए सकारात्मक पहलू गस एटकिंसन की वापसी रही। हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद एटकिंसन ने इस मैच में अपनी वापसी की। धीमी पिच के बावजूद, एटकिंसन ने अच्छी गति से गेंदबाजी की और एसेक्स की दूसरी पारी में 11 ओवर में केवल 12 रन देकर 1 विकेट लिया। उनकी गेंदबाजी में वह खतरा नजर आया जो इंग्लैंड की टीम के लिए भविष्य में काफी उपयोगी साबित होगा।
मैच का अंतिम परिणाम
मैच के अंत तक एसेक्स 239 रनों की बढ़त पर था। खेल के अंतिम क्षणों में बेन फोक्स और रोरी बर्न्स ने गेंदबाजी की, जबकि जॉर्डन क्लार्क विकेटकीपिंग कर रहे थे। दोनों टीमों को इस मैच से 12-12 अंक प्राप्त हुए। सरे के लिए निराशाजनक बात यह रही कि उन्होंने सीजन के अपने पहले तीन मैच ड्रॉ किए हैं, और वे तीनों ही मैच हाई-स्कोरिंग रहे हैं।
- एसेक्स (पहली पारी): 409 (वॉल्टर 101, एल्गर 92)
- सरे (पहली पारी): 472 (लॉरेंस 125, सिबली 101)
- एसेक्स (दूसरी पारी): 302/2 घोषित (वेस्टली 136, एल्गर 107*)
- परिणाम: मैच ड्रॉ
