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बांग्लादेश क्रिकेट का नया अध्याय: पूर्व कप्तानों को मिला विशेष सम्मान
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। तमीम इकबाल, जो वर्तमान में बोर्ड की एड-हॉक कमेटी के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं, ने क्रिकेट के दिग्गजों को सम्मान देने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। राष्ट्रीय खेल परिषद (NSC) द्वारा अमीनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाले पिछले बोर्ड को भंग करने के बाद, तमीम इकबाल ने कार्यभार संभाला और बहुत ही कम समय में अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवा दिया है।
कैप्टन्स कार्ड: एक लाइफटाइम आईडी
तमीम इकबाल ने कार्यभार संभालते ही खिलाड़ियों के वेतन और मैच फीस में वृद्धि जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसी कड़ी में अब उन्होंने ‘कैप्टन्स कार्ड’ लॉन्च किया है। 16 अप्रैल को ढाका के एक पांच सितारा होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में, पुरुषों की टीम के 27 और महिलाओं की टीम के 6 पूर्व व वर्तमान कप्तानों को यह विशेष कार्ड सौंपा गया। जो खिलाड़ी इस समारोह में शामिल नहीं हो सके, उनके कार्ड बोर्ड के कार्यालय में सुरक्षित रखे गए हैं।
कार्ड के खास फायदे और सुविधाएं
इस कार्ड की उपयोगिता को लेकर तमीम इकबाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पूर्व कप्तानों को वह सम्मान और सुविधा प्रदान करना है, जिसके वे हकदार हैं। इस कार्ड के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- वीआईपी एक्सेस: अब किसी भी पूर्व कप्तान को बांग्लादेश के मैचों, आईसीसी या एसीसी इवेंट्स, घरेलू सीरीज या बीपीएल मैचों के लिए टिकट के लिए लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा।
- परिवार के लिए सुविधा: कार्ड के साथ मिलने वाले टिकटों में कप्तान के परिवार के सदस्यों को भी प्रवेश की अनुमति होगी।
- प्राथमिकता पार्किंग: मीरपुर स्टेडियम जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कप्तानों को विशेष पार्किंग सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें दूर गाड़ी खड़ी करने की परेशानी नहीं होगी।
- स्वास्थ्य बीमा: बीसीबी ने सेवानिवृत्त कप्तानों के लिए स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की है, जो वर्तमान खिलाड़ियों के समान ही होगा।
- 24/7 मेडिकल सपोर्ट: बोर्ड की मेडिकल टीम दिन-रात पूर्व कप्तानों की सेवा में उपलब्ध रहेगी, चाहे वे देश में हों या विदेश में।
सम्मान की एक नई शुरुआत
समारोह के दौरान तमीम इकबाल ने भावुक होते हुए कहा, ‘जब तक मैं यहां हूं, बांग्लादेश के किसी कप्तान को टिकट के लिए फोन करने या लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’ उन्होंने इसे पूर्व कप्तानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस कार्ड की सुविधाओं को और भी विस्तार दिया जाएगा।
हालांकि मशरफे बिन मुर्तजा, शाकिब अल हसन और फारुक अहमद जैसे कई दिग्गज इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके, लेकिन तमीम इकबाल ने स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत अधिकांश कप्तानों से हुई है और यह पहल पूरे क्रिकेट जगत के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
निष्कर्ष
तमीम इकबाल का यह कदम न केवल पूर्व खिलाड़ियों के प्रति सम्मान दर्शाता है, बल्कि यह बांग्लादेश क्रिकेट की संस्कृति को और अधिक पेशेवर और समावेशी बनाने का प्रयास भी है। यह ‘कैप्टन्स कार्ड’ साबित करता है कि जो खिलाड़ी देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करते हैं, उन्हें बोर्ड हमेशा अपने परिवार का हिस्सा मानकर सम्मानित करता रहेगा। आने वाले समय में यह कार्ड क्रिकेट दिग्गजों के लिए एक पहचान और गौरव का प्रतीक बना रहेगा।
