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निर्णायक मुकाबला: बल्लेबाजों की बारी और चटगांव का मैदान
बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज अब अपने रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। पहले दो मैचों के बाद सीरीज 1-1 की बराबरी पर है, और अब तीसरा और अंतिम मुकाबला चटगांव में खेला जाएगा। इस मैच की सबसे बड़ी खासियत वेन्यु (स्थान) का बदलना है। जहां ढाका के मैदान स्पिन गेंदबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुए, वहीं चटगांव की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए यह बदलाव किसी राहत से कम नहीं है। ढाका में उन्हें रन बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और स्कोरिंग रेट को बढ़ाना उनके लिए एक चुनौती बन गया था। उदाहरण के तौर पर, बांग्लादेश को 199 रनों का पीछा करने में 35.3 ओवर लगे, जो यह दर्शाता है कि पिचें कितनी धीमी थीं। अब चटगांव में मिलने वाली सच्ची गति (true pace) और उछाल से ब्लैक कैप्स के अनुभवी बल्लेबाज जैसे हेनरी निकोल्स, विल यंग और कप्तान टॉम लाथम को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
बांग्लादेश की चुनौतियां और अनुशासन का मुद्दा
मैदान के बदलाव के साथ-साथ बांग्लादेश के लिए कुछ अन्य चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं। दूसरे वनडे में धीमी ओवर रेट के कारण बांग्लादेशी टीम पर उनकी मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया गया है। कप्तान मेहदी हसन मिराज की टीम निर्धारित लक्ष्य से दो ओवर पीछे थी, जिसे मैच रेफरी एंडी पाइकॉफ्ट ने दंडित किया। हालांकि कप्तान ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया है, लेकिन निर्णायक मैच में समय प्रबंधन उनके लिए महत्वपूर्ण होगा।
बल्लेबाजी की बात करें तो बांग्लादेश के लिए यह अभी भी एक चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन चटगांव का मैदान उनके लिए लकी रहा है। बांग्लादेश ने यहां खेले अपने पिछले चार मैचों में से तीन जीते हैं, और दिलचस्प बात यह है कि वे तीनों जीत लक्ष्य का पीछा करते हुए (chasing) मिली हैं।
स्पिन विभाग और गेंदबाजी रणनीति
चटगांव की सपाट पिच पर स्पिनरों के लिए ज्यादा मदद मिलने की संभावना कम है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए जेडन लेनोक्स पर अकेले स्पिन विभाग को संभालने का भारी दबाव होगा। टीम प्रबंधन डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को पार्ट-टाइम विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन युवा लेगस्पिनर आदित्य अशोक को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का एक मजबूत मामला बनता है।
वहीं बांग्लादेश के लिए मेहदी हसन मिराज और रिशाद हुसैन को अपनी सटीकता और अनुशासन पर ध्यान देना होगा। उम्मीद है कि बांग्लादेश अपनी रणनीति में तीन तेज गेंदबाजों के साथ ही उतरेगा ताकि पिच की उछाल का फायदा उठाया जा सके।
खिलाड़ी जिन पर रहेगी नजर (In the Spotlight)
- नाहिद राणा (बांग्लादेश): राणा हर सीरीज के साथ बेहतर होते जा रहे हैं। सोमवार को उनके 32 रन देकर 5 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन ने उनकी परिपक्वता को दर्शाया है। उनकी गति और उछाल ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। चटगांव की बल्लेबाजी अनुकूल पिच उनके लिए चुनौती होगी, लेकिन उनकी वर्तमान फॉर्म उन्हें खतरनाक बनाती है।
- निक केली (न्यूजीलैंड): दूसरे वनडे में निक केली ने धैर्य का परिचय देते हुए 86 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि बांग्लादेशी विकेटकीपर लिटन दास का मानना है कि केली ऑन-साइड (leg side) पर संघर्ष करते हैं, लेकिन एक बड़ा स्कोर बनाने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा।
पिच रिपोर्ट और महत्वपूर्ण आंकड़े
चटगांव के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। पिछले चार वनडे मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली चारों टीमें हार चुकी हैं। इसके अलावा, गुरुवार सुबह बारिश की 25 प्रतिशत संभावना है, जो मैच के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
कुछ दिलचस्प तथ्य:
- बांग्लादेश ने 2006 के बाद पहली बार लगातार दो वनडे मैचों में एक भी छक्का नहीं conceded किया।
- न्यूजीलैंड की टीम 2009 के बाद पहली बार लगातार दो पारियों में एक भी छक्का मारने में नाकाम रही है।
- चटगांव के स्टेडियमों में खेले गए 41 वनडे मैचों में अब तक किसी भी तेज गेंदबाज ने 5 विकेट हॉल (five-wicket haul) हासिल नहीं किया है।
संभावित प्लेइंग इलेवन (Probable XIs)
बांग्लादेश: सैफ हसन, तन्ज़ीद हसन, सौम्य सरकार, नजमुल होसैन शासतो, तौहीद हृदॉय, लिटन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन मिराज (कप्तान), रिशाद हुसैन, शोरिफुल इस्लाम, तस्कीन अहमद, नाहिद राणा।
न्यूजीलैंड: हेनरी निकोल्स, निक केली, विल यंग, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, टॉम लाथम (कप्तान और विकेटकीपर), मुहम्मद अब्बास, जोश क्लार्कसन, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर, विल ओ’रूर्के, जेडन लेनोक्स। (टिम रॉबिन्सन के टीम शीट में शामिल होने से उनके खेलने की संभावना बढ़ गई है)।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला एक बेहद संतुलित जंग होने वाला है। दोनों टीमों ने पिछले मैचों में अपनी कमजोरियां और लड़ने की क्षमता दिखाई है। अंततः जीत उसी टीम की होगी जिसकी बल्लेबाजी चटगांव की सपाट पिच पर अधिक प्रभावी साबित होगी।
