फ्लाइट में वेपिंग का वीडियो हुआ वायरल
आईपीएल 2026 के दौरान पंजाब किंग्स के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में चहल को उनके साथी खिलाड़ी अर्शदीप सिंह के साथ यात्रा करते देखा जा सकता है, जहां वे विंडो सीट पर बैठे हैं और कथित तौर पर वेपिंग करते नजर आ रहे हैं। अर्शदीप द्वारा साझा किए गए इस वीडियो के बाद खेल जगत में हड़कंप मच गया है।
भारत में ई-सिगरेट पर कानूनी स्थिति
भारत में ई-सिगरेट का उपयोग, उत्पादन और वितरण पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम’ (PECA) के तहत, यदि कोई व्यक्ति पहली बार ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे एक साल तक की जेल या 1 लाख रुपये का जुर्माना, या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। यह नियम सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ निजी यात्रा के दौरान भी समान रूप से लागू होते हैं।
विमानन नियमों का उल्लंघन और संभावित प्रतिबंध
विमान के अंदर वेपिंग करना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है। ‘एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ के अनुसार, विमान में ई-सिगरेट ले जाना या उसका उपयोग करना प्रतिबंधित है। यदि किसी यात्री को विमान में धूम्रपान या वेपिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ‘अनियंत्रित यात्री’ (Unruly Passenger) घोषित किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, उस यात्री पर 3 महीने से लेकर आजीवन उड़ान भरने तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
बीसीसीआई और आईपीएल की आचार संहिता
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हमेशा से खिलाड़ियों के अनुशासन को लेकर सख्त रहा है। आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 के तहत, यदि कोई खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों या ई-सिगरेट के उपयोग का दोषी पाया जाता है, तो उस पर मैच फीस का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट लगाया जा सकता है। पंजाब किंग्स प्रबंधन भी अपने आंतरिक प्रोटोकॉल और टीम की छवि खराब करने के आरोप में खिलाड़ी पर अतिरिक्त कार्रवाई या जुर्माना लगा सकता है।
क्या यह पहला मामला है?
यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी क्रिकेटर का नाम वेपिंग विवाद से जुड़ा है। कुछ दिन पहले ही राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए देखे गए थे, जिसने क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चा बटोरी थी। इन घटनाओं ने खिलाड़ियों के अनुशासन और सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भविष्य की संभावनाएं
फिलहाल, किसी भी आधिकारिक संस्था जैसे बीसीसीआई या विमानन मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह वीडियो अभी केवल एक वायरल फुटेज है, लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए भविष्य में जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। यदि यह सिद्ध हो जाता है कि चहल वास्तव में वेपिंग कर रहे थे, तो उन्हें न केवल कानूनी बल्कि खेल संबंधी प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ सकता है।
अंततः, एक पेशेवर खिलाड़ी होने के नाते, प्रशंसकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या यह मामला केवल सोशल मीडिया की चर्चा तक ही सीमित रहेगा। अनुशासन और खेल के प्रति मर्यादा बनाए रखना हर खिलाड़ी की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस प्रकार की घटनाएं खिलाड़ियों के करियर पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।
