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महिला विश्व कप 2029: अब होगा और भी बड़ा मुकाबला
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट की वैश्विक पहुंच और लोकप्रियता को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में समाप्त हुए महिला विश्व कप की ‘सफलता को आगे बढ़ाने’ के उद्देश्य से, बोर्ड ने 2029 के संस्करण में टीमों की संख्या को बढ़ाकर दस करने पर सहमति व्यक्त की है। यह निर्णय कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है; ICC ने 2021 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ही महिला खेल के विस्तार की घोषणा कर दी थी। 2025 के सफल आयोजन के बाद, बोर्ड ने महिला क्रिकेट के विकास के प्रति अपनी ‘प्रतिबद्धता’ को फिर से दोहराया है।
साल 2000 के बाद से, महिला वनडे विश्व कप के मुख्य टूर्नामेंट में केवल आठ टीमें ही हिस्सा लेती रही हैं। लेकिन 2029 से यह परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। जहां हालिया विश्व कप में केवल 31 मैच खेले गए थे, वहीं 2029 के संस्करण में 10 टीमें कुल 48 मैचों में एक-दूसरे का सामना करेंगी। यह विस्तार न केवल टूर्नामेंट की अवधि बढ़ाएगा, बल्कि उभरते हुए देशों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा। इसके अलावा, अगले साल होने वाले महिला टी20 विश्व कप में भी विस्तार देखने को मिलेगा, जिसमें अब 10 के बजाय 12 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी।
दर्शकों के रिकॉर्ड और वैश्विक पहुंच
ICC द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महिला क्रिकेट के प्रति दीवानगी अपने चरम पर है। बोर्ड ने बताया कि लगभग 300,000 प्रशंसकों ने स्टेडियम में बैठकर मैचों का आनंद लिया, जिसने किसी भी महिला क्रिकेट आयोजन के लिए टूर्नामेंट उपस्थिति का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। केवल स्टेडियम ही नहीं, बल्कि डिजिटल और टीवी प्रसारण के मामले में भी नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। पूरी दुनिया में दर्शकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है, जिसमें अकेले भारत में लगभग 50 करोड़ (500 मिलियन) दर्शकों ने मैचों का लुत्फ उठाया।
महिला क्रिकेट समिति में नई नियुक्तियां
खेल के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए, ICC बोर्ड ने महिला क्रिकेट समिति के कई प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। इसमें भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान मिताली राज के साथ-साथ अमोल मजुमदार, एशले डी सिल्वा, बेन सॉयर, चार्लोट एडवर्ड्स और साला स्टेला सियाले-विया जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों और कोचों की उपस्थिति से उम्मीद है कि महिला क्रिकेट की रणनीतिक दिशा और भी बेहतर होगी।
लॉस एंजिल्स 2028 और ब्रिस्बेन 2032: ओलंपिक का सपना
क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे रोमांचक खबरों में से एक ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी है। ICC बोर्ड ने खुलासा किया कि 2028 में लॉस एंजिल्स (LA28) में होने वाले ओलंपिक खेलों में पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रतियोगिताओं में कुल 28 मैच खेले जाएंगे। प्रत्येक वर्ग में छह टीमें हिस्सा लेंगी।
योग्यता के मानदंडों के अनुसार, पांच क्षेत्रों (अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, यूरोप और ओशिनिया) में से प्रत्येक की शीर्ष रैंक वाली टीम इसमें शामिल होगी, जिसमें मेजबान संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) भी शामिल है। छठी टीम का चयन एक क्वालीफायर के माध्यम से किया जाएगा, जिसके विवरण की घोषणा बाद में की जाएगी। ये मैच 12 जुलाई, 2028 से शुरू होंगे और लॉस एंजिल्स से लगभग 50 किमी दूर स्थित फेयरग्राउंड्स स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
ब्रिस्बेन 2032 के लिए बातचीत शुरू
इतना ही नहीं, 2032 के ब्रिस्बेन ओलंपिक खेलों के लिए भी क्रिकेट को शामिल करने की चर्चा शुरू हो चुकी है। ICC के सीईओ संजोग गुप्ता ने बोर्ड के सदस्यों को सूचित किया है कि उन्होंने ब्रिस्बेन 2032 की टीम के साथ क्रिकेट को उनके कार्यक्रम में शामिल करने के लिए ‘सार्थक चर्चा’ की है। हाल ही में स्विट्जरलैंड के लुसाने में ICC के चेयरमैन जय शाह और संजोग गुप्ता ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), LA28 और ब्रिस्बेन 2032 की टीमों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में इवेंट डिलीवरी, प्रतियोगिता प्रारूप और योग्यता परिदृश्यों पर गहराई से चर्चा की गई।
ओलंपिक के अलावा, क्रिकेट को अन्य बहु-खेल आयोजनों में भी जगह मिल रही है, जैसे 2026 में आइची-नागोया (जापान) में एशियाई खेल, 2027 में काहिरा (मिस्र) में अफ्रीकी खेल और 2027 में लीमा (पेरू) में पैनएम गेम्स।
मोबाइल गेमिंग और अधिकारों का विवाद
मैदान के बाहर, ICC डिजिटल दुनिया में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। बोर्ड ने पुष्टि की है कि वह अपने आधिकारिक मोबाइल क्रिकेट गेम के लिए एक बोली प्रक्रिया (ITT) शुरू करेगा। हालांकि, यह मामला वर्तमान में ICC और विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ है।
विवाद का मुख्य कारण खिलाड़ियों के NIL (नाम, छवि और समानता) अधिकार हैं। WCA का दावा है कि ICC द्वारा खिलाड़ियों को शामिल करते हुए किसी भी गेम को विकसित करना अनुबंध का उल्लंघन होगा। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए, ICC ने इस साल की शुरुआत में निर्णय लिया था कि सदस्य बोर्ड सीधे अपने खिलाड़ियों के साथ NIL अधिकारों पर बातचीत करेंगे, न कि WCA के माध्यम से। WCA के पास वर्तमान में लगभग 600 खिलाड़ियों के अधिकार हैं और वे पहले ही गेमिंग बाजार में प्रवेश कर चुके हैं। हालांकि ICC ने जून में ही रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन बोर्डों को अपने खिलाड़ियों के साथ इन अधिकारों पर बातचीत करने में समय लग रहा है। अनुमान है कि अब तक कम से कम आधे पूर्ण सदस्यों ने ये अधिकार सुरक्षित कर लिए हैं।
निष्कर्ष
महिला विश्व कप का विस्तार और ओलंपिक में क्रिकेट की मजबूत दावेदारी यह दर्शाती है कि क्रिकेट अब केवल कुछ देशों तक सीमित खेल नहीं रह गया है। प्रशासनिक चुनौतियों और गेमिंग अधिकारों के विवादों के बावजूद, क्रिकेट का वैश्विक भविष्य अत्यंत उज्ज्वल और व्यापक नजर आ रहा है।
