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विराट कोहली: टी20 क्रिकेट के असली बादशाह
आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से खेलते हुए विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई है। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ मिली शानदार जीत के बाद क्रिकेट जगत में कोहली की चर्चा जोरों पर है। 44 गेंदों पर 81 रनों की उनकी पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें ऑरेंज कैप की दौड़ में भी सबसे आगे खड़ा कर दिया है।
डेल स्टेन की नजर में कोहली एक ‘जीनियस’
कोहली के पूर्व साथी खिलाड़ी डेल स्टेन ने ईएसपीएनक्रिकइंफो के ‘टाइम:आउट’ शो के दौरान उनकी जमकर प्रशंसा की। स्टेन ने कहा, ‘वह एक जीनियस हैं। वह जानते हैं कि खेल की स्थिति को कैसे पढ़ना है और पहली गेंद से ही लक्ष्य तक कैसे पहुंचना है।’ स्टेन के अनुसार, कोहली की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह हमेशा सुधार की तलाश में रहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘वह अब तक के सबसे बेहतरीन रन-चेज़र हैं जिन्हें मैंने देखा है।’
इयान बिशप ने की कोहली के विकास की सराहना
दिग्गज कमेंटेटर इयान बिशप ने कोहली की उम्र के इस पड़ाव पर उनके खेल में आए बदलाव को ‘असाधारण’ बताया। 37 वर्षीय कोहली जिस तरह से आधुनिक टी20 क्रिकेट की ‘हाई-टेम्पो’ शैली के साथ खुद को ढाल रहे हैं, वह वाकई काबिले तारीफ है। बिशप ने कहा कि खेल में लगातार खुद को विकसित करना और नए रोल को अपनाना कोहली की महानता को दर्शाता है।
देवदत्त पडिक्कल के साथ साझेदारी का महत्व
गुजरात टाइटन्स के 206 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी को एक मजबूत नींव की जरूरत थी। देवदत्त पडिक्कल ने 27 गेंदों पर 55 रनों की पारी खेलकर कोहली का बखूबी साथ निभाया। पडिक्कल ने मैच के बाद कहा, ‘विराट भाई ने अपने करियर में सब कुछ हासिल किया है, फिर भी वह हर अभ्यास सत्र और हर मैच में अपना 100 प्रतिशत देते हैं। उनकी यही ऊर्जा और जुनून पूरी टीम के लिए प्रेरणा का स्रोत है।’
आंकड़ों में कोहली का जबरदस्त बदलाव
अगर हम कोहली के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि उन्होंने टी20 प्रारूप में खुद को कैसे बदला है। 2024 में उनका स्ट्राइक रेट 154.70 था, जो 2025 में 144.71 रहा और इस सीजन में वह 163.18 के स्ट्राइक रेट के साथ खेल रहे हैं। यह निरंतरता साबित करती है कि वे केवल रन नहीं बना रहे, बल्कि खेल की मांग के अनुसार अपनी गति को भी बदल रहे हैं।
‘जीत का मंत्र: स्पष्टता और इरादा’
मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार लेने वाले कोहली ने अपनी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा, ‘पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन थी। हमारी योजना यह थी कि अगर हम पर्याप्त देर तक क्रीज पर टिके रहे, तो लक्ष्य का पीछा करना आसान हो जाएगा। देवदत्त शानदार खेल रहे थे, और हमने बस दबाव बनाए रखने की कोशिश की। हमारी बल्लेबाजी में स्पष्टता थी, और यही हमारी सफलता का मुख्य कारण रहा।’
क्या आरसीबी फिर से इतिहास दोहराएगी?
पिछले साल अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने के बाद, आरसीबी इस साल भी लय में दिख रही है। कोहली ने अपनी बातों से संकेत दिए हैं कि वे इस सीजन में और भी बड़े लक्ष्यों की ओर देख रहे हैं। चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलना उनके लिए हमेशा खास रहा है। फैंस को उम्मीद है कि कोहली की कप्तानी और बल्लेबाजी का यह जादू टीम को एक और शानदार ट्रॉफी की ओर ले जाएगा।
विराट कोहली का यह रूप न केवल आरसीबी के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है। एक खिलाड़ी जो 37 साल की उम्र में भी युवा जोश के साथ मैदान पर उतरता है, वह आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है।
