वैभव सूर्यवंशी का जलवा: 15 साल में 404 रन और 37 छक्के
बस 15 साल की उम्र में, वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए इस युवा बल्लेबाज ने 404 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। इतना ही नहीं, उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 37 छक्के भी जड़े, जो उन्हें इस सीजन के सबसे खतरनाक स्ट्राइक बैट्समैन में शुमार कराता है।
मंजरेकर का समर्थन: “अगर वह सम्मान चाहता है…”
पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मंजरेकर ने स्पोर्टस्टार के कार्यक्रम इनसाइट एज में कहा कि वैभव ने आईपीएल और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय टी20 टीम में जगह बनाने का दावा पूरी तरह पूरा कर लिया है।
मंजरेकर ने कहा, “जब कोई इतने अच्छे प्रदर्शन के साथ खेल रहा है, तो वह तैयार है। आईपीएल के मंच को देखते हुए, मैं मानता हूं कि उसने पर्याप्त किया है।”
लेकिन टेस्ट क्रिकेट का अभी इम्तिहान बाकी
हालांकि, मंजरेकर ने एक अहम चेतावनी भी जारी की। उनका मानना है कि वैभव ने अभी तक लाल गेंद क्रिकेट में अपनी क्लास साबित नहीं की है। 8 प्रथम श्रेणी मैचों में उनके नाम सिर्फ 207 रन हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर मात्र 93 है।
मंजरेकर ने टिप्पणी की, “टेस्ट क्रिकेट ही वास्तविक परीक्षा ग्रह है। देखिए, वह गेंद को मिडल स्टंप पर मिलने के बावजूद लेग साइड से कवर तक मारता है। ऐसे शॉट से इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया जैसी पिचों पर स्कोर नहीं बनता।”
संजय बांगर: आईपीएल 2026 सबसे विस्फोटक सीजन
इस बीच, पूर्व भारतीय कोच संजय बांगर ने आईपीएल 2026 को अब तक का सबसे एक्सप्लोसिव सीजन बताया है। जियोहॉटस्टार से बात करते हुए उन्होंने कहा, “पावरप्ले में बल्लेबाजों की मंशा एकदम अलग स्तर पर है। टीमें अब पहली गेंद से ही आक्रामक रणनीति अपना रही हैं।”
उन्होंने वैभव और अभिषेक शर्मा को उदाहरण दिया जो मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों को दबाव में डाल रहे हैं।
क्या बीसीसीआई देगा मौका?
कई विशेषज्ञों और क्रिकेट प्रेमियों की मांग है कि बीसीसीआई वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रीय टी20 टीम में जगह दे। उनका प्रदर्शन आईपीएल के साथ-साथ अंडर-19 विश्व कप में भी शानदार रहा है।
लेकिन एक सवाल बरकरार है: क्या टी20 का स्टार बनना पर्याप्त है? क्रिकेट के पवित्रतम प्रारूप में भी अगर वह अपनी क्षमता साबित कर दे, तो उनका भविष्य सचमुच उज्जवल हो सकता है।
निष्कर्ष: सम्मान कमाने का रास्ता कठिन है
मंजरेकर का बयान साफ है—“अगर वह सम्मान चाहता है, तो उसे टेस्ट क्रिकेट में भी सिद्ध होना होगा।” सोशल मीडिया पर वैभव के शॉट्स तो वायरल हो रहे हैं, लेकिन भारत जैसे देश में एक प्रतिष्ठित बल्लेबाज बनने के लिए टेस्ट क्रिकेट में स्थायित्व जरूरी है।
अगले कुछ महीनों में वैभव की प्रथम श्रेणी क्रिकेट में प्रतिबद्धता और प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह एक फैशन ट्रेंड हैं या भारत के लिए सच्चे भविष्य के बल्लेबाज।
