[CRK]
ढाका, 16 अप्रैल: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के नए अध्यक्ष तमीम इकबाल ने देश के क्रिकेट इतिहास में एक भावनात्मक और सम्मानजनक कदम उठाया है। एक भव्य समारोह में, उन्होंने 33 पूर्व और वर्तमान कप्तानों के लिए ‘कप्तान कार्ड’ की शुरुआत की, जो जीवनभर वैध रहेगा। लेकिन इस ऐतिहासिक क्षण में एक दुर्घटना हुई—वह बांग्लादेश के पहले टेस्ट शतक बनाने वाले पूर्व कप्तान अमीनुल इस्लाम बुलबुल तक पहुंचने में असफल रहे।
कप्तान कार्ड: सम्मान की शुरुआत
16 अप्रैल को ढाका के एक पांच-सितारा होटल में आयोजित कार्यक्रम में 27 पुरुष और 6 महिला कप्तानों को इन विशेष कार्ड्स का वितरण किया गया। यह पहल तमीम के कार्यकाल की एक बड़ी घोषणा है, जिसका उद्देश्य पूर्व कप्तानों के योगदान को आधिकारिक तौर पर सम्मानित करना है।
कार्ड प्राप्तकर्ताओं में बुलबुल का नाम भी शामिल था, लेकिन तमीम ने मंच से ही स्वीकार किया कि वह उनसे संपर्क नहीं कर पाए।
“मुझे ब्लॉक कर दिया गया था”
यह क्षण जहां एक ओर भावुक था, वहीं तमीम के हंसते हुए बयान ने माहौल को हल्का भी किया। उन्होंने कहा, “मैंने बुलबुल भाई को फोन किया, मैसेज भी भेजे। फिर मुझे एहसास हुआ कि मुझे ब्लॉक कर दिया गया है (हंसते हुए)। लेकिन कोई बात नहीं। मैं जानता हूं कि उन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। वे हमारे पहले टेस्ट शतक बनाने वाले खिलाड़ी हैं। मैं उन तक पहुंचना चाहता था, लेकिन नहीं पहुंच पाया।”
उपेक्षित महानों के प्रति सम्मान
तमीम ने अपने भाषण में गहरी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी सक्रिय होते हैं, तो उनके पास मांगों की भरमार होती है, लेकिन सेवानिवृत्त होने के बाद, वे केवल एक चीज़ चाहते हैं—सम्मान।
“ये कप्तान कार्ड बहुत बड़ी चीज़ नहीं है। लेकिन यह एक शुरुआत है,” उन्होंने कहा। “मैं भी महसूस करता हूं—क्या होगा अगर मैं मैदान पर जाऊं और कोई मुझे पहचान नहीं पाए? यह दर्दनाक है कि उन लोगों को जिन्होंने क्रिकेट की नींव रखी, कभी-कभी ऐसा एहसास होता हो।”
क्रिकेट के स्तंभों को नमन
तमीम ने उन पुरोधाओं को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने बिना सुविधाओं, बिना मीडिया समर्थन और बिना आर्थिक सहायता के खेल को आगे बढ़ाया।
- अमीनुल इस्लाम बुलबुल: बांग्लादेश के पहले टेस्ट शतक बनाने वाले खिलाड़ी और पूर्व BCB अध्यक्ष।
- मशरफे मुर्तजा: जिनके कार्यकाल में बांग्लादेश क्रिकेट ने वैश्विक सम्मान पाया।
- शकीब अल हसन: एक महान ऑलराउंडर, जो अभी भी खेल रहे हैं, लेकिन कार्ड समारोह में नहीं पहुंच पाए।
- फारुक इमाम और पायलॉट खान: जो व्यस्त या विदेश में थे।
तमीम ने सभी अनुपस्थित कप्तानों के लिए स्पष्ट संदेश दिया: “आपके कार्ड तैयार हैं। BCB कार्यालय में उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा। जब भी आप उपलब्ध हों, कृपया आकर उन्हें ले लें। बांग्लादेश क्रिकेट के लिए आपके योगदान को हम सभी सम्मान की नजर से देखते हैं।”
भविष्य की उम्मीदें
तमीम ने खिलाड़ियों के वेतन और मैच फीस में वृद्धि करने जैसे निर्णय लेकर पहले ही अपने कार्यकाल को प्रभावी बना दिया है। अब ‘कप्तान कार्ड’ के माध्यम से वह पीढ़ियों के बीच सम्मान और निरंतरता की ब्रिज बना रहे हैं।
उनकी यह पहल न केवल एक रूपक है, बल्कि वह संदेश भी है कि क्रिकेट की विरासत बनी रहनी चाहिए। चाहे आप एक टेस्ट शतक बनाएं या एक टी20 मैच जीतें—आपका योगदान कभी नहीं भुलाया जाएगा।
कप्तान कार्ड की लॉन्चिंग ने साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक परिवार है—और तमीम इस परिवार को मजबूत कर रहे हैं।
