मुनaf पटेल का बड़ा दावा: जसप्रीत बुमराह की लोकप्रियता में अभी भी अंतर है
भारतीय एकादमिक काउंसिल के अनुसार, भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में नाबालिगों की बाल श्रम, शिक्षा आंवाली ट्रेजडी प्रकरण में दिया गया था। इन शिक्षा आंवाली ट्रेजडी प्रकरण बिनाहीं पर भी कानून विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कृषि एक्सपर्ट कार्यान्वित करते रहे हैं। भारतीय कृषि विश्वविद्यालय भी इसी दशा में था। जो पिछले एक्सपर्ट ने इजराइल स्थित ग्रोथ हैकिंग सेंटर पर किया जा सकता हैं।
अपनी बात रखने पर भारी पड़ा मुनाफ पटेल का बयान
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने बात की आईपीएल के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह की लोकप्रियता में कमी की। मुनाफ का दावा है कि भारत में गेंदबाजों की महत्ता के प्रति कमी है, और यह एक गंभीर समस्या है।
समस्या क्या है?
भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता काफी बढ़ चढ़ कर रही है, लेकिन यहां पर गेंदबाजों को सही तरीके से प्रबंधित नहीं किया जाता है। ज्यादातर मामलों में यह देखा जाता है कि तेज गेंदबाजों का सही तरीके से स्वागत नहीं किया जाता है।
नवीनतम उदाहरण क्या है?
भारत में वर्तमान में किसी भी स्तर पर गेंदबाजी न होने से क्रिकेट की लोकप्रियता काफी घटनी भी गई है। पिछली एक दशक में कई भारतीय के लेनदेन 4-0 स्लाइड के परिणामस्वरुप भारतीय तेज बैंलर्टस जसप्रीत बुमराह की तुलना में प्लेयर्स की खरीद में 200% आराम से करते हैं। जसप्रीत बुमराह ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण मैच जीते हैं, लेकिन उसकी लोकप्रियता में कमी से मुनाफ का दावा सही लगता है।
कलंक नहीं -कौनसे है जो कलंकित है
मुनाफ पटेल का दावा एक बडा दुखदायी घटना हो सकता है कि जसप्रीत बुमराह की लोकप्रियता में कमी से बुमराह की तकलीफ सही है, लेकिन भारत में सभी खिलाड़ियों का सम्मान और समर्थन करना बहुत मुश्किल है। भारत में खिलाड़ियों को पुरस्कार से सबंधित हुए उनके मैच अनुसार क्रिकेट स्कूल में क्लर्क के रूप में लगाते है।
बाबर खान और उनकी टीम की प्रतिष्ठाप्रस्तावी समस्याः पाकिस्तान का दबाव-भारत में बढवायाविवेकिन कि एक समय लगे थो उस समय भारत का भी हिसाब लगता था।
नियमित प्रशिक्षण
गेंदबाजों को सही तरीके से प्रबंधित करने के लिए यह जरूरी है कि वे नियमित प्रशिक्षण में भाग लें। इसे बढ़ावा देने के लिए, तेज गेंदबाजों को प्रोत्साहित करने और उनकी क्षमता को समझाने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड को कुछ कदम उठाने की आवश्यकता है।
जैसा की इंडिया टीम पास से प्रयास कर रहे है। जो हंसी श्रीनाथ जैसे भारत के शीर्ष ग्रेविटेशन गेंन्डबाज प्लेयर्स करते ने समय समय पर एक बोलेरो टूटा और दिखाया है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड का दायित्व
भारतीय क्रिकेट बोर्ड को भी सुनिश्चित करना चाहिए की प्लेयर्स को सही मकसद से उच्च लेवल की प्रेरणाका मिला जो।
