[CRK]
हैदराबाद की शानदार वापसी: गेंदबाजों ने पलटी हारी हुई बाजी
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने आईपीएल 2026 के एक बेहद कड़े मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 10 रनों से मात दी। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने 9 विकेट खोकर 194 रन बनाए थे। जवाब में चेन्नई की टीम 8 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। यह जीत हैदराबाद के लिए इसलिए खास है क्योंकि उनके चार कम अनुभवी गेंदबाजों ने चेन्नई के बड़े सितारों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
मैच का स्कोरकार्ड कुछ इस प्रकार रहा: सनराइजर्स हैदराबाद 194/9 (अभिषेक शर्मा 59, हेनरिक क्लासेन 59; अंशुल कंबोज 3-22, जेमी ओवरटन 3-37) ने चेन्नई सुपर किंग्स 184/8 (मैट शॉर्ट 34, आयुष म्हात्रे 30; ईशन मलिंगा 3-29, नीतीश कुमार रेड्डी 2-31) को हराया।
अभिषेक शर्मा का तूफानी आगाज
हैदराबाद की पारी की शुरुआत अभिषेक शर्मा के धमाकेदार प्रदर्शन से हुई। चेन्नई ने अभिषेक और ट्रेविस हेड को रोकने के लिए ऑफ स्पिनर मैट शॉर्ट को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था। शुरुआत में यह रणनीति सफल होती दिखी, लेकिन अभिषेक ने जल्द ही अपना गियर बदला। उन्होंने केवल 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। अभिषेक ने मैट शॉर्ट के खिलाफ लेग साइड में जगह बनाकर हाथ खोले और चेन्नई के पावरप्ले के गणित को बिगाड़ दिया। उनकी 59 रनों की पारी ने हैदराबाद को वह मंच प्रदान किया जिसकी उन्हें तलाश थी।
क्लासेन बनाम नूर अहमद: अनुभव और कौशल की जंग
हैदराबाद के मध्यक्रम की रीढ़ कहे जाने वाले हेनरिक क्लासेन इस सीजन में थोड़े बदले हुए अंदाज में नजर आ रहे हैं। पिछले तीन आईपीएल सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 170 से ऊपर था, जो इस बार 140 के आसपास है। वह अब अधिक सतर्कता से बल्लेबाजी कर रहे हैं, जिसका परिणाम यह है कि उन्होंने 6 पारियों में तीन अर्धशतक जड़ दिए हैं।
चेन्नई के स्पिनर नूर अहमद के खिलाफ क्लासेन ने अपनी महारत दिखाई। उन्होंने 13वें ओवर में नूर अहमद को स्विच हिट लगाकर हैरान कर दिया। क्लासेन ने नूर अहमद के खिलाफ 185 के स्ट्राइक रेट से 24 रन बनाए, जबकि अन्य बल्लेबाज नूर के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। क्लासेन की 33 गेंदों में 59 रनों की पारी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
चेन्नई के गेंदबाजों का डेथ ओवर्स में दबदबा
एक समय लग रहा था कि हैदराबाद 230 के पार जाएगी, लेकिन चेन्नई के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। अंशुल कंबोज और गुरजपनीत सिंह ने अंतिम ओवरों में रनों पर अंकुश लगाया। कंबोज ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए, जिसमें क्लासेन का महत्वपूर्ण विकेट शामिल था। वहीं, जेमी ओवरटन ने अपनी ‘हिट-द-डेक’ गेंदबाजी से अभिषेक शर्मा को आउट कर हैदराबाद की रफ्तार रोकी। चेन्नई ने आखिरी 18 गेंदों में केवल 17 रन दिए, जो इस टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शनों में से एक है।
म्हात्रे की चोट ने बदला मैच का रुख
195 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई को 18 वर्षीय आयुष म्हात्रे ने तेज शुरुआत दिलाई। म्हात्रे ने प्रफुल्ल हिंगे के एक ओवर में पांच बाउंड्री लगाकर चेन्नई को पावरप्ले में हैदराबाद से आगे कर दिया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ऋतुराज गायकवाड़ के साथ रन चुराने के प्रयास में म्हात्रे के बाएं पैर में चोट लग गई। इस चोट के कारण म्हात्रे को मैदान छोड़ना पड़ा और यहीं से चेन्नई की लय बिगड़ गई। म्हात्रे के जाने के बाद अगले 8.4 ओवरों में चेन्नई केवल 58 रन बना सकी और 4 विकेट खो दिए।
ईशन मलिंगा और नीतीश रेड्डी की निर्णायक गेंदबाजी
चेन्नई के लिए ईशन मलिंगा किसी बुरे सपने की तरह उभरे। उन्होंने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को बाउंसर पर आउट किया और फिर डेथ ओवरों में अपनी सटीक यॉर्कर से मैट शॉर्ट और सरफराज खान को पवेलियन भेजा। मलिंगा ने 29 रन देकर 3 विकेट लिए। उनका साथ नीतीश कुमार रेड्डी ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 31 रन देकर 2 विकेट चटकाए।
शिवांग कुमार ने डेवाल्ड ब्रेविस को शून्य पर आउट कर चेन्नई के मध्यक्रम को झकझोर दिया, जबकि साकिब हुसैन ने शिवम दुबे को क्लीन बोल्ड कर चेन्नई की रही-सही उम्मीदें भी खत्म कर दीं। चेन्नई की टीम अंत में 184 रनों पर सिमट गई। यह हार चेन्नई के लिए एक सबक है कि पावरप्ले में दबदबा बनाने के बावजूद खेल को खत्म करना कितना जरूरी है। वहीं, सनराइजर्स के लिए यह जीत उनके युवा टैलेंट पर भरोसे की जीत है।
