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अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शपूर ज़द्रान आज अपनी जिंदगी की सबसे कड़ी पारी खेल रहे हैं—लेकिन इस बार, मैदान पर नहीं, बल्कि दिल्ली के एक आईसीयू में। 39 वर्षीय शपूर, जो क्रिकेट के मैदान पर 6’2″ की लंबाई और तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे, आज एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसिस (HLH) से जूझ रहे हैं।

HLH: एक दुर्लभ और घातक बीमारी

HLH एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली असामान्य रूप से काम करने लगती है और खुद के ऊतकों को नुकसान पहुंचाती है। इस बीमारी में अत्यधिक सूजन (hyper inflammation) होती है, जिससे अस्थि मज्जा, यकृत, तिल्ली और लसीका गांठों को नुकसान पहुंचता है। आमतौर पर यह बीमारी बच्चों में देखी जाती है, लेकिन कुछ वयस्कों में भी इसका खतरा होता है। शपूर के मामले में बीमारी चौथे चरण (स्टेज फोर) में है, जो अत्यंत गंभीर मानी जाती है।

रास्ते में आई कई बाधाएं

अक्टूबर 2023 में शपूर को पहली बार तबला बैठने जैसी स्थिति महसूस हुई। अफगानिस्तान के डॉक्टरों ने उन्हें भारत में इलाज के लिए भेजा। भारत आने के लिए राशिद खान और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मिरवैस अशरफ ने अपने संपर्कों के जरिए त्वरित वीजा की व्यवस्था कराई। अशरफ ने आईसीसी अध्यक्ष जय शाह से सीधे संपर्क किया।

शपूर 18 जनवरी 2024 को भारत पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और पूर्व साथी असगर अफगान भी थे। उनके छोटे भाई घमइ ज़द्रान, जो कनाडा में रहते हैं, 26 जनवरी को उनसे जुड़ गए।

लगातार बदलती हालत

घमइ के अनुसार, पहले शपूर के शरीर में खसरा (Tuberculosis) का संक्रमण फैल चुका था, जिसका खुलासा एमआरआई और सीटी स्कैन से हुआ। इलाज के बाद थोड़ी सुधार हुई, और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

लगभग 20 दिनों तक वे स्थिर रहे, लेकिन फिर संक्रमण वापस लौट आया। उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद से उनकी हालत में नाटकीय गिरावट आई। कुछ दिनों बाद उन्हें डेंगू भी हो गया, जिससे उनका प्रतिरक्षा तंत्र और कमजोर हो गया।

26 मार्च: चौथे चरण की पुष्टि

26 मार्च को, रमजान के महीने के दौरान, शपूर को बोन मैरो टेस्ट के लिए ले जाया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि वे HLH के चौथे चरण में हैं। अब वे लगभग बोल नहीं पाते, अधिकतर समय नींद में ही रहते हैं और 84 किलो तक पहुंच चुके हैं—जबकि पहले भर्ती होने के समय वे 98 किलो वजन के थे।

क्रिकेट दुनिया का समर्थन

क्रिकेट जगत में इस खबर के बाद चिंता की लहर दौड़ गई है। राशिद खान लगातार डॉक्टरों से संवाद कर रहे हैं और टी20 विश्व कप के दौरान उन्हें देखने भी गए थे।

अम गजनफर (मुंबई इंडियंस) ने भी अप्रैल में उनसे मुलाकात की और उनके परिवार से नियमित संपर्क बनाए रखा है। अफगानिस्तान के ओडीआई कप्तान हशमतउल्लाह शाहिदी और पूर्व प्रेसिडेंट हामिद करजई ने भी उनके लिए समर्थन जताया है।

शपूर के भाई घमइ कहते हैं, “हमें उम्मीद है कि वह धीरे-धीरे सुधरेंगे। हालांकि, अभी उनमें जीवंतता बहुत कम है।”

शपूर ज़द्रान ज़द्रान परिवार के सबसे बड़े भाई हैं—चार भाइयों और छह बहनों के साथ परिवार का सहारा हैं। आज वह न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि अपने परिवार के भविष्य के लिए भी लड़ रहे हैं।

हालांकि संघर्ष भारी है, लेकिन स्टेरॉइड्स का इलाज काम कर रहा है। परिवार को उम्मीद है कि ईश्वर की कृपा और आधुनिक चिकित्सा के बलबूते शपूर एक बार फिर स्वस्थ होंगे।

हम सभी की शुभकामनाएं शपूर ज़द्रान और उनके परिवार के साथ हैं।

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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