संजू सैमसन का कमाल: दिल्ली के खिलाफ जीत के बाद खोला बल्लेबाजी का राज
आईपीएल के इस रोमांचक सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से हराकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यह जीत न केवल पॉइंट्स टेबल के लिहाज से महत्वपूर्ण थी, बल्कि यह चेन्नई की दिल्ली पर इस सीजन की दूसरी जीत भी रही। इस लो-स्कोरिंग मैच में संजू सैमसन ने 52 गेंदों में नाबाद 87 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी क्लास दिखाई।
मुश्किल पिच पर सैमसन का संयम
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मैच किसी बुरे सपने जैसा रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए, शुरुआती झटकों के बाद टीम दबाव में आ गई। हालांकि, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी के बीच छठे विकेट के लिए हुई 65 रनों की साझेदारी ने टीम को 155 रनों तक पहुँचाया, लेकिन यह लक्ष्य चेन्नई के बल्लेबाजों के लिए काफी नहीं था। चेन्नई की ओर से अकील हुसैन और नूर अहमद की स्पिन जोड़ी ने अपनी गेंदबाजी से दिल्ली को बांधे रखा।
सैमसन ने बताया सफलता का रहस्य
मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा शांत रहता हूँ। मेरा काम केवल अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना है, जो पिछले 3-5 वर्षों से मेरे लिए काम कर रही है। मैं गेंदबाजों की चाल को भांपते हुए क्रीज पर थोड़ा मूव करता हूं, जो मेरी रणनीति का हिस्सा है।’
सैमसन ने आगे कहा, ‘पिच थोड़ी कठिन थी, लेकिन मैं अपनी शॉट खेलने की क्षमता पर भरोसा रखता था। पावरप्ले में कम रन बनने के बावजूद मैं जानता था कि मिडिल ओवर्स में स्पिनर्स के खिलाफ मैं रन बना सकता हूँ।’
टीम की जीत को दी प्राथमिकता
अपनी शतकों की भूख के बारे में पूछे जाने पर सैमसन ने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने माना कि शतक बनाना हमेशा विशेष होता है, लेकिन टीम को जीत दिलाना अधिक संतोषजनक है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी आपको थोड़ा स्वार्थी होना पड़ता है, लेकिन जब आपका साथी खिलाड़ी अच्छा खेल रहा हो और टीम जीत रही हो, तो वह खुशी कहीं ज्यादा होती है।’
चेन्नई की शानदार बल्लेबाजी
चेन्नई की शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी उम्मीद थी, क्योंकि कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, संजू सैमसन ने एक छोर संभाले रखा और कार्तिक शर्मा (नाबाद 38 रन) के साथ मिलकर टीम को 15 गेंद शेष रहते जीत तक पहुँचाया। संजू का यह फॉर्म चेन्नई के लिए प्लेऑफ की राह में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो रहा है।
आगे की चुनौतियां
दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते थे। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए संजू सैमसन का फॉर्म में होना बाकी टीमों के लिए खतरे की घंटी है। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने भी मैच के बाद संजू की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके जैसे खिलाड़ी का टीम में होना एक बड़ी ताकत है।
इस जीत के साथ ही चेन्नई सुपर किंग्स ने साबित कर दिया है कि वे कठिन पिचों पर भी गेम को कंट्रोल करना बखूबी जानते हैं। प्रशंसकों को उम्मीद है कि सैमसन का यह शानदार फॉर्म टूर्नामेंट के आगामी मैचों में भी जारी रहेगा।
