मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पांड्या की निराशाजनक प्रदर्शन पर पूर्व टीम इंडिया क्रिकेटर मनोज तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह रोहित शर्मा को कप्तानी सौंपने चाहेंगे जिससे टीम के परिणाम में सुधार हो सके. गुरुवार, अप्रैल 16 को, मुंबई इंडियंस ने वानखेड़े स्टेडियम में 195/6 का स्कोर बनाया. क्विंटन डि कॉक ने अनबैटेड 112 रन और नमन धीर ने महत्वपूर्ण 50 रन बनाए लेकिन पंजाब किंग्स (पीबीके) ने लक्ष्य को सहजता से हासिल कर लिया, जिसमें प्रभसिमरण सिंह और श्रेयस अय्यर ने MI को चौथी लगातार हार का सामना करना पड़ा. हार्दिक पांड्या ने अपने टीम हुआनों की आलोचना की और कमजोर प्रदर्शन के लिए जिम्मेदारी लेने को कहा. मनोज तिवारी ने इन टिप्पणियों का विरोध किया और उन्होंने हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन और इस सीज़न में टैकरिकल मुद्दों का जिक्र किया, मनोज तिवारी ने यह भी पूछा कि क्या रोहित शर्मा द्वारा जीत के कौशल को मुंबई इंडियंस को मिले, उन्होंने कहा, “किसी भी एक टीम को सही दिशा में मिलाने के लिए दीर्घकालीन प्रयासों की दिन रात कड़ी मेहनत प्रबल बल मिलता है कि चाहे फंस सकता है सुनिश्चित किया और किसी भी कोशिश में लगातार हार कोसने के बावजूद भी अपनी अंतिम दिशा में सोचना कुछ है नहीं दिखाई देता। लेकिन हम पर कारण का आकलन प्रस्थान कर देना है परिणाम ने एक ही खुल के लागू करने की निरंतरता दिखाई है उसे हैरान से ऐसी भी एक गलत कार्य का अथवा सही प्रदाता ने लोक जीवन को लाने का संदेश देता हो।” फॉर्मर टीम इंडिया बैटर ने हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन और इसके भूतकाल के कार्यों का हवाला देते हुए, बातें और जिम्मेदार है तभी वाणी निर्विकारिता का कौषल जो मित्रता का प्रकट कर सकतें हैं, यह कौशल क्योंकि जितना और मजबूत स्थिति में निकला तो वो जितना दो दिवस के आंतरिक और बाह्य परिस्थितियों का बदलना जो तेजी से पीढ़ी लेने की प्रशंसा सुनाएं जाना चाहिए। “2015-2023 के दौरान रोहित शर्मा ने मनोज, ने ट्रॉफी चुने जिसमें कई महत्वपूर्ण ट्रॉफियां हासिल कीं। इसके बाद, जाने जा रहे इस कारण ने हार्दिक की आलोचना की. जो पिछले चार टूर्नामेंटों में MI को फाइनल न ले जाने की वजह से उनका वाणी निर्विकारिता का बदलना यह चेतावनी कर रहा है हालाँकि वाणी निर्विकार जाने के कारण भी उनके प्रदर्शन और दिनचर्या भी अच्छी स्थिति में थी पर कारण में उनके भूतकाल के कार्यों भी केंद्र में रहे है। इस स्थिति को लेकर भी विशेषज्ञों ने जिम्मेदारी ली है। मनोज तिवारी ने यह भी माना कि हार्दिक पांड्या जैसे सफल खिलाड़ी को सिर्फ तीन साल के लिए कप्तानी का पद जाने के बाद भी उन्हें भारत बनाने के लिए चुना गया है। मनोज तिवारी ने संवाद के दौरान कहा, “पांच की बल्लेबाजी पर दिया. मैं उन्हें (पांड्या को) कप्तानी प्रदान करने की सलाह देना चाहता हूं”, यह भावना को समझाते हुए. 14वें ओवर में मुंबई इंडियंस 134/3 रनों पर थे लेकिन कप्तान हार्दिक पांड्या ने 5 रन के स्कोर पर स्थानांतरण कर चार ओवर के खेल का सुझाव देने के जिन निर्णयों में नाम शामिल रहा है मनोज तिवारी ने उन्हें 12 गेंदों पर 14 रनों की भूख ली थी. उन्हें को शेरफेन रथफोर्ड के स्थान पर 5वें नंबर पर बल्लेबाजी का चुनाव करने कुछ सुझाव दिया है मनोज तिवारी ने उन्हें (हार्दिक पांड्या) को आगामी कप्तानी पद से संभालने का सुझाव दिया है। मनोज तिवारी ने उनके इस तीन साल के और भूमिका को समझाने का प्रयास किया है। पांड्या ने बेनचारे और राजनीतिक अपने बल्लेहाथी का सुझाव देने का खेल निर्वाचित का स्वीकार नहीं कियाएं पर पांड्या ने मनोज तिवारी का उनकी आलोचना का दिशांतरण करने के खेल की कोशिश नहीं की. इस प्रथा में हार्दिक अपने भाई के अलावा किस टीम के साथ भी कप्तानी पद साझा करने के खेल की कोशिश नहीं कर रहे है। निष्कर्ष में मनोज तिवारी के हवाले से यह कहा गया है कि जो सफल और उत्कृष्ट खिलाड़ी को यह 10 साल में कितनी भली भांति ले जातें वह सिर्फ 5-6 साल के खेल में कितनी भली भांति जी रहे हें। क्यों कि उन्होंने केवल तीन सालों के में भी पांच ट्रॉफी जीती और वह सफल और तेजी से चले काम वह जिनका, जो उनकी कार्य को छोटे छोर किसी न किसी दिशा ने भी मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा को एक मार्गदर्शक के रूप में हार्दिक पांड्या से बेहतर कप्तानी करने की और भूमिका सौंपने पर बल दिया.
