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ऋषभ पंत का संघर्ष: क्या मानसिक उलझन बन रही है हार की वजह?
आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान ऋषभ पंत का फॉर्म चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया मुकाबलों में, विशेषकर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ तीन गेंद पर शून्य पर आउट होने के बाद, क्रिकेट विशेषज्ञों ने पंत की बल्लेबाजी शैली पर सवाल उठाए हैं। महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि पंत इस समय अपने दिमाग में ‘एक से ज्यादा मैच’ खेल रहे हैं। स्टेन के अनुसार, वह अपनी स्वाभाविक शैली और श्रेयस अय्यर या रजत पाटीदार जैसे अन्य कप्तानों द्वारा अपनाई गई आक्रामक शैली के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में खुद को दबा रहे हैं।
आंकड़े क्या कहते हैं?
पंत का मौजूदा सीजन का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। सात पारियों में उन्होंने 132.43 के स्ट्राइक रेट से कुल 147 रन बनाए हैं। केवल सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 50 गेंदों में 68 रन और पंजाब किंग्स के खिलाफ 23 गेंदों में 43 रनों की पारी को छोड़कर, उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। यह प्रदर्शन पिछले सीजन के आंकड़ों के करीब है, जहां उन्होंने 14 पारियों में 133.17 के स्ट्राइक रेट से 269 रन बनाए थे।
विशेषज्ञों की राय: ‘स्पष्टता की कमी’
ईएसपीएनक्रिकइंफो के ‘टाइमआउट’ शो पर चर्चा करते हुए फाफ डु प्लेसिस ने विराट कोहली का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कठिन पिच पर एक आधुनिक बल्लेबाज को यह समझने की जरूरत है कि जोखिम को कैसे कम किया जाए और डॉट गेंदों को कैसे रोका जाए। डु प्लेसिस के अनुसार, श्रेयस अय्यर और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी इस समय टी20 क्रिकेट के नए मानकों को सेट कर रहे हैं, और पंत शायद उन्हीं की तरह खेलने के दबाव में अपनी लय खो रहे हैं।
सबा करीम ने इस मुद्दे को एक अलग नजरिए से देखा। करीम के मुताबिक, ऋषभ पंत अभी भी सफेद गेंद के क्रिकेट (ODI और T20) में अपनी बल्लेबाजी की सही ‘टेम्पलेट’ नहीं खोज पाए हैं। उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट में पंत की सोच काफी पारदर्शी और स्पष्ट होती है, लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में उन्हें अभी भी अपनी पहचान बनानी बाकी है।’
जस्टिन लैंगर का समर्थन
लखनऊ सुपर जायंट्स के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर ने अपने कप्तान का बचाव करते हुए कहा, ‘पंत स्वभाव से बहुत आक्रामक खिलाड़ी हैं और वह आजादी के साथ खेलना पसंद करते हैं। वह अपनी बल्लेबाजी को लेकर उतना ही निराश हैं जितना बाकी टीम है। वह नंबर 3 पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और टीम को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद है।’
निष्कर्ष: क्या पंत वापसी कर पाएंगे?
इतिहास गवाह है कि पंत आईपीएल में आक्रामक बल्लेबाजी के पर्याय रहे हैं। 2018 के सीजन में 684 रन और 173.60 का स्ट्राइक रेट यह साबित करता है कि उनमें मैच जिताने की अपार क्षमता है। हालांकि, मौजूदा सीजन में LSG को उनकी उस फॉर्म की सख्त जरूरत है। क्या पंत जल्द ही अपनी मानसिक उलझनों को पीछे छोड़कर मैदान पर फिर से अपना पुराना आक्रामक रूप दिखा पाएंगे? यह आने वाले मैचों में ही स्पष्ट होगा। टीम और फैंस को उम्मीद है कि पंत जल्द ही अपने फॉर्म में वापसी करेंगे और लखनऊ सुपर जायंट्स को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखेंगे।
