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मिडल ओवर्स का नया ‘धुरंधर’: रजत पाटीदार का तूफान
IPL 2026 में पावरप्ले की बल्लेबाजी देखना हमेशा से रोमांचक होता है और डेथ ओवर्स का रोमांच तो अलग ही स्तर का होता है। लेकिन अक्सर मैचों के बीच के ओवर्स (मिडल ओवर्स) थोड़े उबाऊ हो जाते हैं। यहीं पर रजत पाटीदार की एंट्री होती है, जिन्होंने क्रिकेट के इस हिस्से की परिभाषा ही बदल दी है।
इस साल पाटीदार न केवल अपनी बल्लेबाजी, बल्कि अपने नए लुक से भी चर्चा में हैं। लंबे लहराते बाल और एक अलग ही अंदाज, जैसे किसी फिल्म के ‘धुरंधर’ हीरो की एंट्री हुई हो। लेकिन यह केवल दिखावा नहीं है; पाटीदार जिस स्तर की क्रिकेट खेल रहे हैं, वह दुर्लभ है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस IPL में 6 से 16 ओवरों के बीच बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 151.39 रहा है, जबकि पाटीदार का स्ट्राइक रेट अविश्वसनीय 223.86 है। वह खेल के औसत से लगभग 1.5 गुना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने मिडल ओवर्स में अब तक 18 छक्के लगाए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि वह कितने खतरनाक फॉर्म में हैं कि उनकी पूरी टीम के अन्य बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 17 छक्के लगाए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या वह दिल्ली कैपिटल्स के दिग्गज स्पिनर्स अक्षर पटेल और कुलदीप यादव के सामने भी इसी निडरता से बल्लेबाजी कर पाएंगे।
टीम फॉर्म और संभावित प्लेइंग इलेवन
दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का फॉर्म पिछले चार मैचों में WWLW रहा है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स (DC) की स्थिति LLWW रही है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (संभावित XI):
RCB ने अपने पिछले मैच में LSG को 29 गेंदों और पांच विकेट से करारी शिकस्त दी थी। अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन के साथ उतरने वाली टीम कुछ इस प्रकार हो सकती है:
- फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम, सुयश शर्मा।
दिल्ली कैपिटल्स (संभावित XI):
DC के सामने कुछ कठिन फैसले हैं। नंबर 3 पर नीतीश राणा को खिलाना है या फिर निचले क्रम में आशुतोष शर्मा को मौका देना है, यह एक बड़ा सवाल है। साथ ही, विप्रज निगम की जगह अक़ीब नाबी को खिलाने पर भी विचार किया जा रहा है।
- पथुम निसंका, KL राहुल (विकेटकीपर), नीतीश राणा/आशुतोष शर्मा, समीर रिज़वी, अक्षर पटेल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, विप्रज निगम/अक़ीब नाबी, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन, मुकेश कुमार।
नजरों के केंद्र में: KL राहुल और जितेश शर्मा
पिछले साल बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में KL राहुल ने नाबाद 93 रन बनाकर मैच जिताया था और इसे अपना ‘गढ़’ बताया था। RCB के खिलाफ उनका औसत 71.1 और स्ट्राइक रेट 144 का है। लेकिन एक बड़ी कमजोरी सामने आई है—लेगस्पिन। IPL 2025 के बाद से वह नौ पारियों में दो बार लेगस्पिन के जाल में फंसे हैं और उनका स्ट्राइक रेट महज 101 रहा है।
RCB इस कमजोरी का फायदा उठाने के लिए सुयश शर्मा को राहुल के खिलाफ जल्दी इस्तेमाल कर सकती है, क्योंकि इस साल राहुल के 75% विकेट उनके पहले 10 गेंदों का सामना करने से पहले ही गिरे हैं।
दूसरी ओर, जितेश शर्मा की बात करें तो RCB के टॉप ऑर्डर की शानदार फॉर्म की वजह से उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले हैं। इस सीजन में उन्होंने केवल 27 गेंदों का सामना किया है। हालांकि, वह टीम के लिए एक ‘फेलसेफ’ (failsafe) की तरह हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि टिम डेविड और रोमारियो शेफर्ड जैसे पावर-हिटर्स को अंत में खुलकर खेलने का मौका मिले।
महत्वपूर्ण आंकड़े: विराट कोहली के 300 छक्कों का इंतजार
इस मैच में सबकी नजरें विराट कोहली पर होंगी, जो IPL में 300 छक्कों के क्लब में शामिल होने से महज एक छक्का दूर हैं। वर्तमान में इस क्लब में केवल क्रिस गेल (357) और रोहित शर्मा (310) शामिल हैं। कोहली की आक्रामक शुरुआत (पहले 10 गेंदों में 174 का स्ट्राइक रेट) को देखते हुए उम्मीद है कि वह यह रिकॉर्ड जल्द ही पूरा कर लेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े इस प्रकार हैं:
- पेस अटैक की जंग: DC के पास इस साल दूसरा सबसे किफायती पेस अटैक है (इकोनॉमी 8.97), लेकिन उनका सामना RCB से होगा जो पेस हिटिंग में सीजन की दूसरी सर्वश्रेष्ठ टीम है (स्ट्राइक रेट 177.61)।
- कुलदीप यादव का संघर्ष: वर्ल्ड कप के बाद कुलदीप की लय थोड़ी धीमी दिखी है। DC के लिए खेलते हुए उनकी इकोनॉमी 9.8 रही है, जो उनके करियर के लिहाज से काफी ज्यादा है।
- स्पिनर्स की चुनौती: चिन्नास्वामी स्टेडियम में 2024 के बाद से स्पिनर्स की इकोनॉमी 9.09 रही है। हालांकि छोटी बाउंड्रीज डराती हैं, लेकिन हैदराबाद (10.12) और दिल्ली (9.55) जैसे मैदान स्पिनर्स के लिए और भी मुश्किल रहे हैं।
- अक्षर पटेल: अक्षर का इस IPL का प्रदर्शन संतुलित रहा है—उन्होंने अब तक 3 रन बनाए हैं और 3 विकेट लिए हैं।
पिच और परिस्थितियां
बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम आमतौर पर रनों की बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले मैच में स्थिति अलग थी। शहर में भीषण गर्मी के कारण पिच सूखी और घिसी हुई थी, जिससे गेंद रुक कर आ रही थी और स्कोर कम रहा। इस बार भी मौसम और पिच की स्थिति मैच का परिणाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
