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क्वेटा ग्लैडिएटर्स का दबदबा: लाहौर कलंदर्स को 6 विकेट से रौंदा
कराची की एक चुनौतीपूर्ण पिच पर क्वेटा ग्लैडिएटर्स ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर लाहौर कलंदर्स को छह विकेट से करारी शिकस्त दी। इस मैच में ग्लैडिएटर्स ने 135 रनों के लक्ष्य को 22 गेंदें शेष रहते ही हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही ग्लैडिएटर्स ने अंक तालिका में लंबी छलांग लगाई है और अब वे चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, लाहौर कलंदर्स की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं; उन्होंने लगातार तीन मैच हारे हैं और छह मैचों में से चार में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, जिससे वे सातवें स्थान पर सिमट गए हैं।
रोसौ और नवाज की ऐतिहासिक साझेदारी
मैच की शुरुआत में लाहौर द्वारा दिए गए 135 रनों का लक्ष्य आसान नहीं लग रहा था। पिच पर गेंद का बाउंस कम था और पुरानी गेंद के लिए सतह पर अत्यधिक ग्रिप थी, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना कठिन हो रहा था। पावरप्ले के दौरान शमिल हुसैन और सऊद Shakeel के जल्दी विकेट गिरने से ग्लैडिएटर्स दबाव में आ सकते थे, लेकिन रिली रोसौ और हसन नवाज ने मोर्चा संभाला।
इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मात्र 69 गेंदों में 104 रनों की एक शानदार साझेदारी की। पावरप्ले के अंतिम तीन ओवरों में उन्होंने 31 रन जोड़कर पारी को वह गति दी, जिसकी टीम को सख्त जरूरत थी। रिली रोसौ ने अपनी परिपक्वता का परिचय दिया, जबकि हसन नवाज ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।
मध्य ओवरों का रोमांच और निर्णायक प्रहार
लाहौर की ओर से उसामा मीर ने पावरप्ले के बाद दो बेहतरीन ओवर फेंके, जिसमें उन्होंने सातवें और नौवें ओवर में क्रमशः केवल दो और पांच रन दिए। हालांकि, दूसरे छोर से हारिस रऊफ महंगे साबित हुए, जिन्होंने 11 और 10 रन लुटाए, जिससे बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बढ़ गया। इसके बाद केवल 10 ओवरों में 60 रनों की आवश्यकता थी।
हसन नवाज ने उसामा मीर को एक चौका और एक छक्का जड़कर जीत की राह आसान कर दी। मैच का निर्णायक मोड़ 13वां ओवर था, जिसमें रिली रोसौ ने डैनियल सैम्स को दो शानदार चौके लगाए और सीजन का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। इसी ओवर में हसन नवाज ने भी एक चौका जड़ा, जिससे अंतिम सात ओवरों में केवल 25 रनों की जरूरत रह गई। हालांकि हसन और दिनेश चंडीमल के विकेट गिरे, लेकिन ग्लैडिएटर्स ने बिना किसी परेशानी के जीत हासिल कर ली।
लाहौर कलंदर्स की बल्लेबाजी का पतन
लाहौर कलंदर्स के लिए यह मुकाबला शुरुआत से ही मुश्किल रहा। पहले तीन ओवरों के भीतर मोहम्मद नईम और फखर जमान के विकेट गिर जाने से उनकी बल्लेबाजी की कमर टूट गई। हालांकि दोनों ओपनर्स ने साकिब खान और जहांदंद खान के खिलाफ कुछ चौके लगाए थे, लेकिन नईम कम बाउंस का शिकार हुए और जहांदंद की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद अल्जारी जोसेफ ने एक घातक इन-स्विंग डिलीवरी फेंकी, जिसने फखर जमान के स्टंप्स बिखेर दिए।
कराची की पिच पर कलंदर्स की बल्लेबाजी का संघर्ष साफ दिख रहा था। इस शहर में खेले गए तीन मैचों में यह तीसरी बार था जब उनकी पूरी टीम आउट हो गई। श्रीलंकाई बल्लेबाज चरिथ असलंका को टीम में शामिल करने का फैसला भी काम नहीं आया, क्योंकि वे पावरप्ले के अंत में जोसेफ की एक शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर आउट हो गए। साकिब खान ने भी पावरप्ले के ठीक बाद मोहम्मद फारूक को एलबीडब्ल्यू (LBW) कर कलंदर्स की स्थिति और खराब कर दी।
गेंदबाजी में उस्मान तारिक और अब्रार का जादू
जैसे ही स्पिनर मैदान पर आए, लाहौर के बल्लेबाजों पर दबाव और बढ़ गया। उस्मान तारिक ने 11वें ओवर में अपनी सटीक गेंदबाजी से तहलका मचाया और मात्र तीन गेंदों के भीतर अब्दुल्ला शफीक और शाहीन शाह अफरीदी के विकेट चटका दिए। उन्होंने अपनी धीमी गति की गेंदों से सिकंदर रजा को भी छकाया और अपने चार ओवरों के स्पैल में मात्र 18 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए।
वहीं, अब्रार अहमद ने अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को पूरी तरह बांधे रखा। उन्होंने अपने चार ओवरों में 13 डॉट गेंदें फेंकी और केवल 14 रन दिए, हालांकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उनकी कंजूसी ने रनों की गति को पूरी तरह रोक दिया था।
उसामा मीर का छोटा लेकिन विस्फोटक कैमियो
ऐसा लग रहा था कि लाहौर कलंदर्स का स्कोर 100 रनों से भी कम रहेगा, लेकिन अंत में उसामा मीर ने एक छोटा लेकिन धमाकेदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 7 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें अल्जारी जोसेफ के खिलाफ लगातार दो छक्के और जहांदंद के खिलाफ एक छक्का और एक चौका शामिल था। हालांकि, अंततः वे कवर पर कैच आउट हो गए, लेकिन उनके इन रनों ने टीम को 134 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
मैच का संक्षिप्त परिणाम:
- लाहौर कलंदर्स: 134 रन (हसीबुल 33, उस्मान तारिक 3-18, जहांदंद 3-35)
- क्वेटा ग्लैडिएटर्स: 138/4 (रिली रोसौ 60*, हसन नवाज 49)
- परिणाम: क्वेटा ग्लैडिएटर्स 6 विकेट से विजयी।
