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नई दिल्ली, 17 अप्रैल: बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की दो प्रमुख खिलाड़ियों नाहिदा अख्तर और शारमिन सुल्ताना को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दंडित किया है। यह घटना श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के दौरान घटित हुई।
10% जुर्माना और डेमेरिट पॉइंट
ICC ने दोनों खिलाड़ियों पर 10% मैच फीस का जुर्माना लगाया है और उनके खिलाफ एक-एक डेमेरिट पॉइंट भी जोड़ा है। यह निर्णय सीरीज़ के दूसरे वनडे के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद लिया गया।
दोनों खिलाड़ियों पर स्तर 1 आचरण उल्लंघन का आरोप लगाया गया, जिसमें खिलाड़ी की अशोभनीय आचरण या भाव-भंगिमा शामिल होती है।
नाहिदा अख्तर पर आरोप: अपमानजनक इशारा
सीरीज़ के दूसरे मैच के 17वें ओवर के दौरान, जब नाहिदा अख्तर ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अथपत्थू को आउट किया, तो उन्होंने पवेलियन की ओर एक इशारा कर दिया। यह कार्रवाई ICC के आर्टिकल 2.5 के खिलाफ मानी गई, जिसमें बल्लेबाज़ को उकसाने वाली भाषा या इशारे की मनाही है।
इस तरह का व्यवहार खेल के भावनात्मक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।
शारमिन सुल्ताना का विवाद: सहमति के बिना छोड़ा नहीं क्रीज़
दूसरी ओर, शारमिन सुल्ताना पर आर्टिकल 2.8 के तहत दंड लगाया गया। जब उन्हें LBW आउट दिया गया, तो वे फैसले से नाखुश थीं और मैदान छोड़ने में तामाशा किया। उनकी ओर से अपील के बिना मैदान को तुरंत छोड़ने में देरी हुई, जो नियमों के खिलाफ माना गया।
इस नियम का उद्देश्य खेल में निर्णयों का सम्मान करने और खेल के प्रवाह को बनाए रखना है।
अदालती कार्रवाई से बचा मामला
खुशी की बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों ने अपने उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और दंड को मान लिया। इस कारण किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
इस मामले में आरोप लगाने वालों में मैदानी अंपायर एलॉइस शेरिडन और रोकेया सुल्ताना, तीसरे अंपायर डॉनी रानी सरकार और चौथे अंपायर साथिरा जाकिर जेसी शामिल थे। मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने ICC के अंतरराष्ट्रीय पैनल के तहत दंड के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया।
बता दें कि इस जुर्माने के बावजूद, दोनों खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में यह पहला डेमेरिट पॉइंट है, जो पिछले 24 महीनों के दौरान लगा है।
सीरीज़ पर श्रीलंका का कब्जा
खेल के परिणाम की बात करें, तो श्रीलंकाई महिला टीम ने सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम कर लिया। यह जीत उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आगे के प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट से पहले आत्मविश्वास बढ़ाएगी।
हालांकि बांग्लादेश टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस घटना ने खिलाड़ियों के लिए अनुशासन के महत्व की याद दिला दी है।
अब दोनों टीमों की नजर आगामी टूर्नामेंटों पर होगी और उम्मीद है कि वे इस तरह के उल्लंघन से बचते हुए खेल के उच्च मानकों को बनाए रखेंगी।
