मेहदी हसन मिराज ने मिरपुर टेस्ट मैच के तीसरे दिन के बाद कहा कि मैच अभी ’50-50′ की स्थिति में है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 34 रनों की बढ़त बना ली थी और दूसरी पारी में सभी दस विकेट सुरक्षित रखे थे। मेहदी ने पाकिस्तान की पहली पारी में 5 विकेट लेकर टीम के लिए अहम योगदान दिया।

मैच की स्थिति अभी भी संतुलित

“हमारे पास अभी दो दिन बचे हैं, लेकिन अभी की स्थिति 50-50 है क्योंकि हम बहुत बड़ी बढ़त नहीं बना पाए हैं,” मेहदी ने कहा। “हमें जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करनी होगी, क्योंकि मिरपुर की पिच पर आखिर में कौन-सा स्कोर पर्याप्त होगा, यह कहना मुश्किल है। मेरा मानना है कि हमें कम से कम 300 रनों की बढ़त हासिल करनी चाहिए। चौथे और पांचवें दिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुश्किल हो सकती है।”

पाकिस्तान की पारी में बांग्लादेश का दबाव

तीसरे दिन की शुरुआत पाकिस्तान के लिए मजबूत रही, जब वे 179 रनों पर केवल एक विकेट गंवाकर चल रहे थे। उन्होंने अगले स्कोर 210/1 तक पहुंच दिया, लेकिन फिर बांग्लादेश के गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए अगले 20 रनों के भीतर लगातार चार विकेट झटक लिए।

टास्किन अहमद और मेहदी हसन मिराज ने इस घातक दौर में दो-दो विकेट लिए। टास्किन ने शतक बनाने वाले आज़म अवाइस और कप्तान शान मसूद को पवेलियन भेजा, जबकि मेहदी ने सऊद शकील और अब्दुल्लाह शफायक फजल को आउट किया।

नो-बॉल का नुकसान

टास्किन के पास तीसरा विकेट भी लेने का मौका था, लेकिन वे नो-बॉल डालते हुए एज निकलवा नहीं पाए। उस समय सलमान अगा शून्य पर 13 गेंदें खेल चुके थे। बाद में उन्होंने 58 रन बनाए और मोहम्मद रिजवान के साथ छठे विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी की। पाकिस्तान की टीम अंततः 100.3 ओवरों में 389 रन बनाकर आउट हो गई, जिससे बांग्लादेश को 27 रनों की बढ़त मिली।

मेहदी ने कहा, “क्रिकेट में साझेदारियां होती हैं। हमारे पास उस दौर में दबाव बनाने का मौका था, लेकिन नो-बॉल ने स्थिति बदल दी। अगर वह विकेट आ जाता, तो मैच अलग रहता। जब कोई बल्लेबाज जान बचाकर आगे खेलता है, तो उसका मानसिकता बदल जाती है।”

टास्किन की वापसी पर तारीफ

टास्किन अहमद का यह पहला टेस्ट मैच था बांग्लादेश के पश्चिम एशिया दौरे के बाद से। मेहदी ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि टास्किन ने आज बेहतरीन गेंदबाजी की। वे मुझे दूसरे छोर पर मजबूत साथी साबित हुए, खासकर जब पाकिस्तान तेजी से विकेट गंवा रहा था। वे रन नहीं दे रहे थे, जिससे हमारी गेंदबाजी जोड़ी दबाव बनाने में सफल रही।”

उन्होंने कहा, “अगर एक छोर से रन लीक होते हैं, तो दूसरे छोर से रन रोकने का कोई फायदा नहीं होता। जब दोनों छोर से टाइट गेंदबाजी होती है, तभी विकेट आते हैं। राणा और एबादोत ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। हमने दिन के अंत तक पाकिस्तान को बढ़त नहीं लेने दी, जो गेंदबाजी इकाई के लिए सकारात्मक बात है।”

मेहदी की वापसी और आत्मविश्वास

मेहदी का यह पाकिस्तान के खिलाफ पहला पांच विकेट हॉल था, जो 12 महीने बाद आया। इस दौरान वे आयरलैंड और श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट में केवल पांच विकेट ले पाए थे। वनडे मैचों में भी उनके खाते में विकेट कम थे।

“पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों में मुझे खुद पर बहुत आत्मविश्वास नहीं था,” मेहदी ने कहा। “मैंने अपनी गेंदबाजी पर बहुत काम किया, और धीरे-धीरे मेरा आत्मविश्वास लौटा। मुझे लगता है कि मैं विकेट न लेने के बावजूद भी प्रभावी गेंदबाज हूं। टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज को खुद को संभालने के लिए पर्याप्त समय मिलता है, जो अन्य प्रारूपों में नहीं होता।”

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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