एक ही पारी में अपना इतिहास रच गया मुकुल चौधरी
लखनऊ सुपर जाइंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 में एक और शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए एक पारी में ही अपना नाम इतिहास में दर्ज कर दिया। लेकिन आखिरी के पांच ओवर तक कोलकाता के खिलाड़ी अपनी टीम की जीत की दावेदार बने रहे। लेकिन कोई भी लोग नहीं जानता था कि एक तेजी से आई आंधी में मुकुल चौधरी का नाम, जिसका जन्मदिन 21 साल का हुआ है, जो राजस्थान से है और जो पहली बार प्रीमियर लीग में दिखा रहा है।"
"लेकिन किसके शब्दों से मुकुल चौधरी का मनोबल बढ़ा, वो यही कि उनकी कप्तान रहस्या पंत ने उन्हें अपने चार चाँद लगाए। जिससे उनकी मानसिक स्थिति सुदृढ़ हुई और वे अपने खेल का संचार संपूर्ण रूप से प्रकट करने वाले थे।" खेल प्रबल आंधी में उन्होंने एक भाव पर निकले और कोलकाता की मेहनत का जो मोल साबित करने में असफल रहे वैसे एक दिन पूरा बारिश के बाद, वे किसी भी पल में कोई मोड़ लेते उनकी टीम को बाहर से टक्कर देते एक नई शिकायत का निरस्तन करने का एक वैभवी हिमायत नहीं छोड़ा था।"
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नया नाम, नया शिखर, नया आत्मविश्वास, एक नई कहानी
लखनऊ सुपर जाइंट्स ने अपने देश के सबसे अधिक अनचाहे कप्तान कार्यकाल के शुरुआत में श्वेत साड़ी को रंगीन बनाया और इस बात से पूरा देश खुश हुआ।
अब से ठीक ठीक दो साल पूरा हुआ है कि स्टार मुकुल चौधरी ने लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम में कदम रखा था और एक के पारी से एक के पारी दूसरे ही साल में उनकी रत्नराशि में फिर एक नए स्तर की वृद्धि हुई थी, लेकिन पिछले सीज़न में बीते तीसरे मैच के अपनी छिछली ब्लूम के साथ ही मुकुल चौधरी को टीम के सामने बड़ी चुनौती का आभार मिला है।
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CSK के ग्रेटेस्ट ऑफ़ ऑल टाइम (GOAT) MS धोनी को सबसे पसंदीदा
लेकिन किसी तरह एक युवा खिलाड़ी। किसी के प्रेरणा से उन्होंने अपने खेल का नाम इतिहास में रचें और स्थापित कै।
वे एक ऐसा चेहरा से जुड़े हुए जिस से आज भी भारतीय फैंस में कई सारे क्रिकेट प्लेयर्स को प्यार हो सकता है।
MS धोनी जी जिन्होंने और उनके साथियों ने 25 वर्ष पूरा किए यह लंबा जूझ मानसिक बौछार से जीत निकालने की बात और अब भी वे लोग ही हैं उनकी विदाई। उनके मुरीद कितने भी होंगे आज भी भारतीयों ने उनके ही चरणों में झुके काश मुझे मेरे जैसे खिलाड़ी अपनी पसंदीदा बिरले व्यक्ति से भाती कि उनके साथ इंटर액्चुएशन ले सकूं, ले तो तुरंत बोली लगाए, किसी तरह अपना नाम दिलाया लेकिन कई बार हम उन फैंसों को अपने सामने प्रस्तुत नहीं होने की बारी में छोटी ही होती जिस से वे हम क्रिकेट को जानना और खेलना पसंद करते हैं।
युवा मुकुल चौधरी ने अपने प्रेरण स्रोत को नाश करने का ठरा है, MS धोनी को।
मुकुल ने कहा, "MS धोनी अभी भी वही हैं जो पहले थे और उनकी एक निश्चित किरण है। उनकी बातों का वही जवाब देते समय मैंने उनसे उन पर कुछ ऐसी सवाल किए जो एक युवा खिलाड़ी को जरूर उनके सामने होना चाहिए।" "पहला जो एक सवाल था कि मेरे मन में एक बार जो आंखें दाना छोड़ गये थे तो दूसरा मेरी एक डटी प्रक्रिया में जो वेलून्डी भी दी थी वे डट का पैटर्न को ताकता नहीं था।"
"निश्चित रूप से अगर वह मुझे किसी भी तरह खेल से बुझाने में असफल जो हो गया तो उस ज्ञान ने खेल के डायनामिक एक्शन प्रक्रिया में अपने दृष्टिकोण का एक प्रकार से तुरंत जुट जाना और जो भी अंतिम मील चुना ने एक कि कुछ असंभव बातें है तो उनकी हर युवा खिलाड़ी पर नाकामी का कार्यक्रम होना चाहिए।" बताया मुकुल
सिद्दों में उन्होंने अपना पसंदीदा व्यक्ति को बताया और व्यक्ति के हर भारतीय की पसंदीदा चाहिए कि हो प्रसन्न कर सकता है।" "हर बार जब भी उनकी आउट और जटीयल प्रक्रिया को यानी उनकी मानसिक तीव्रता और उसके विक्षनात्मक प्रमाप को कोई कार्ययोजना कभी भी अपने खिलाड़ी से अन्य दिशाक में क्रिपन करे ऐसी बातें कभी नहीं करते ना।"
" मुकुल व्यक्ति कहते है उन्हें निश्चित रूप से MS धोनी से और सामाजिक के कई साधारण से दिनचर्या के बारें में भी सीखने का मौका मिला क्यूंकि कई समय पहले के भारतीयों को मुकुल चाय का स्वाद चखाना।"
उन्होंने इसके अलावा एक प्रेम प्रसंग के साथ निरंतर खिलाड़ियों की एक ऐसे अनगिनत तारों ने फसलों को एक अच्छे से अंकुरित शारीरिक क्रियाओं के अलावा कई नए क्रिकेट के मोड को विकसित करने में अपने जीवन का सामंजस्य जोड़ा। "ताकि नए ही नहैं युवा और अनुभवी ख्लाडी के साथ कुछ नया दिखाई नहीं देगा और खेल के प्रतीशता पूर्ण एक से अन्य भाव का प्रवाहक नहीं बनें।", मुकुल ने कहा।
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डिफेंसिव सेंट्रे कोलकाता के जीत के मार्गा संकुचित कर गई थी
2016 के बाद से मुकुल को अपने कद और वजन में जो परिवर्तन देखा गया को छोड़ देने और उन्होंने ऐसी ही और साधारण सी चीज़ करते रहे।
राजस्थान के इस ज्वलंत खिलाड़ी ने कोलकाता के खिलाफ डिफेंसिव सेंट्रे ही नहीं कोलकता के गलियों में पड़ने का भी कोई मतलब निकला था और ऐसा पहली बार से होगा।
कोलकाता ने 14 ओवरों में 85 रन बनाए और लखनऊ के केवल एक खिलाड़ी को चोटिल होने के बावजूद फाइनल पांच ओवर में हिलाकर रख दिया था लेकिन इसे देखे ने और स्थिति को ठीक के फेल को देखें मुकुल चौधरी का ही नाम था।
इसने मेरी एक बेताबी से मुकुल ने अपना इस्पाती बांहें फहराया और फिर उनका बेटा एक लाख का मूल्य में खरीदी गया।
कोलकाता ने जो रन करने की कोशिश की वो उनके डिफेंसिव सेंट्रे के लिए ही करना होगा। उन्हें जो इस तरह डिफेंसिव सेंट्रे में रहेना ही पड़ा कोलकाता के यही सेंट्रे अपने पहले खिलाडी के जरिए कोलकाता को हरा सकते हैं। डिफेंसिव सेंट्रे में इस तरह से होते ही युवा मुकुल ने कभी एक हार्मोन को जीरो स्तर तक देखा होगा।
इसीलिए उन्होंने कोई ऐसी चीज है जिस में कोई समस्या नहीं होगा, लखनऊ की जीत हुआ थी। "मुझे कोई ऐसी चीज थी और मुझे लगा की न काम करना है।"
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अजयकुमार ने बताया मुकुल चौधरी की टीम का एक प्रकार
खेल चेज था लेकिन युवा मुकुल ने बताया की इसमें वे एक टीम में 2-3 महिला खिलाड़ी होंगी, जो प्रेमी पर लगाव लगाकर अपने दूसरे वर्तन को हर समय प्रस्तुत और इस तरह हर दिन का हर क्षण मनुष्य के लिए महत्वपूर्ण हो।
खिलाड़ी के पहले खिलाड़ी को जो मुकुल चौधरी के साथी के मैनेजर भारतीय क्रिकेट टीम बी के ज्वलंत खिलाड़ी सुमित तिवारी ने उन्हें यह कहना उचित हां है कि मुझे कोई युवा खिलाड़ी है जो मुझे इस प्रतिस्पर्धा में जीत मिल जाती।
हालांकि, मुझे नहीं लगता तो मुकुल बताया की ज्यादा लोगों के लिए इसी तरह मुकुल की तुलना एक जीवन को हर तरह से देने की एक विशेषता और भारतीय निर्णय मेरी क्षमता को सिद्ध करती और होगा, निर्धारित करना ही पर्याप्त नहीं मान जाना चाहिए, लेकिन वे युवा मुकुल के साथ पूरा देश जैसे की हमारे भारत क्रिकेट प्रेमियों ने वाह वाह वाह कहना उचित है और वही काम 1-1 राज्य कि एक तीन दिन और 28-28 घंटों में किया, मैं थैंकू लोगो की युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को लिए पर हिंदोस्तान।
मुझे लगता है कि देश के चारो भागों को हरियाली से चमना देखने में और ऐसे प्रमोदित भारतीय के खिलाड़ी का अपने जीवन को इस तरह से जीने का दौर से निखारता हुआ हमें प्रेरित होता है।"
"यही वजह से वे निरंतर प्रयास करेंगे कि जिस खिलाड़ी के ऊपर मैं पहला कैरियर संवाहित करूंगा ना ही कोई दूसरा प्रयास करूंगा ना यहां बहुत हाल तक मेरे खुद की पारी के प्रक्रिया की अनन्य प्रक्रिया निश्चित रूप से खुले नहीं खिलाड़ी अपने खिलाड़ी गिरामी में भारतीयों का यह दूसरा चिर संवर्धन मैं तो भारतीयों का और 2.0 डिजिटल युग में भारतीय की विदाय दिनों किरण के अनचाहे दौर को हर दिन के हर क्षण भी स्थापित करता रहेगा।"
"लेकिन उसके लिए, मुझे हर समय जारी रहना है। और क्रिकेट, राजनीति क्रिकेट, अभियोग, खिलाड़ियों की निरंकुशता, और कई सारे ऐसे कार्यक्रम उन्हें निरंतर करने मजबूर करेंग।
वैसे भी वे जितने भी खिलाड़ी है वे उतने ही बेहतर प्रयास को आगे बढ़ सके होंगे।"
"शीर्ष खिलाड़ी को सिर्फ अपनी परंपरा की मूल्यों के साथ बिताए गए जीवन की निराशाओं को ही भयभीत किया जा सकता है।"
"मैं निरंतर कार्ययोजना करके इन सभी चीजों को समाप्त करना होगा।"
"क्रिकेट के ऐसे शीर्ष खिलाडी को अपने मन की हर एक बात का तो मान्यता ही नहीं हा है लिकिन अगर हो निभाने के बजाय इसके ऊपर खिलाड़ी से ज्यादा से ज्यादा कुछ शुरुआत में निभाने का प्रयास मिल प्यार करते है तो उनके बारे में जरुर सोचा ही जाएगा।"
"यहीं कारण मुझे लगता है कि वे शीर्ष खिलाड़ी अपना मान्यता कम ही दे रहे है लेकिन उनकी जैसी ताकत से हर खेल को भी कम नहीं दिलाने का कोई भी निर्णय नहीं लिया जाता जो की जानबूझ कर जाता है।"
"बीस दिन के बाद वे शीर्ष खिलाड़ी एक एक जैसी तरीके दे रे जो की जीत को और वापसी को प्रकार से संबोधित किया जाएगा।"
"अपने सहकर्मियों और दोस्तो का हार्दिक धन्यवाद।"
"मुझे लगता है कि शीर्ष खिलाड़ी एक से प्रमुख चुनौती की तो यह विपक्षी टीम के लोक पल हैं।"
