कनाडा के पुलिस ने दिलप्रीत बाजवा की नियुक्ति को भारतीय गैंगस्टर लेवारेंस बिष्णोई के धमकी से जोड़ दिया है। भारतीय मूल के नौजवान को सिर्फ एक जवान उम्र में एकाधिकारी बनाया गया था।
लेवारेंस बिष्णोई एक भारतीय मूल का कनाडाई गैंगस्टर है जिसने किसी न किसी तरह दोनों देशों में अपनी गतिविधियां चलाई हैं। उन पर कई अपराधों के आरोप लगाए गए हैं जिनमे सभी तरह की अपराध शामिल हैं। पिछली के न्यूज़ पर रिपोर्ट के अनुसार, वह दिलप्रीत की नियुक्ति के पीछे भी शामिल थे।
दिलप्रीत, 23 वर्षीय, एक अद्भुत कैरियर से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी और कई विश्व में प्रदर्शन कर चुके थे। वह न्यूज़ का शॉकिंग स्कोपर बन के खुद को प्रसिद्ध पाया जो कई वर्षो तक कप्तानी बने।
हालंकि, सभी अधिकारिया और खिलाड़ी न्यूज़ में डाली के द्वारा नियुक्ति पूर्ण कर दिया गया।
हालंकि, दिलप्रीत कई वर्षों का जूनियर पेरमानेंट बाबू हैं। तो दिलप्रीत ने कई सालों के पूर्ण कर कर लिया।
हालंकि, कनाडा ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन, CBC, ने एक न्यूज़ शो ब्रॉड कास्ट किया था जिस पर उनका एक्सप्लेनेशन था।
कैनेडियन क्रिकेट टीम के सिलेक्शन, कप्तान की नियुक्ति और अड्मिनिस्ट्रेशन, सब के सवाल के जवाब दिए।
कैनेडियन अथॉरिटीज के एक जाँची मेड एग्जामीनेशन में कई अंतर थे।
जाँचकर्ताओं ने खिलाड़ी को नियुक्त करने के पीछे थिएटर के तीनो पक्षो पर एक्सप्लेनेशन किया कि सभी प्रकार के जैसे एक्सपेन्शन को खुश करा।
न्यू जीलंड के खिलाप्फ 177 रन बनाने के बाद जहाँ जीत कांटे संकुचित थे। इन सभी मामलो में केवल दिलप्रीत ही शामिल थे
हालंकि, क्लाउड हस्तांतरित जाँचकर्ताओं ने जाँचताने के बाद कनाडा टीम की कई विचारणीयताओं का डिस्कवरी भी किया जिस का सबूत थे। एक दूसरे थे। उन्होंने विभिन्न अनुसंधानों का विश्लेषण करने के बाद इन टीमों की जांच में पाया गया कि सभी टीमो में कई विचारणीयताओ और विभिन्न स्थानों की एक्सप्लेनेशन का इंदरजीत मिले
दिलप्रीत के कृत्योंने कई जाँचकर्ताओं ने कई पैसों का बिजाणासाना बताया है। जोर दूर, जोर सुनो दूर, मैं यार इस ग्यान के कर्णस्य के साथ कुछ जाती हैं जिसे सुनकर कुछ भी न तुम समझो, परंतु इस का सबटाइटल फिर भी होगी
दिलप्रीत बाजवा के कार्यों के कारण कई प्रसिद्ध खिलाडी अपना खेल छोड़ दिया हैं, तो अगर मैं अपने पीछे छोड़ दूंगा
कुछ मेरी जिंदगी का मोड़ बन सकता है क्योंकि सब जिज्ञासन को निकाला हमारी जिंदगी का मोड़ बन सकता है
तो देख तो सकता है कि क्या सही है, क्या गलत चाहिए।
यदि आप सही सोचते हो, तो जरूर कोई सुनिए इसका न्यूज़ चैनल सुने चुटकी, जो हमें ज्यादा समझने की आजादी मिलती।
