2009 में पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम पर आतंकी हमला
पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दौरान, श्रीलंकाई टीम का बस आतंकवादियों ने नियंत्रित कर लिया था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 8 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें आ रही थीं।
कुमार संगाक्कारा ने इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा, थरंगा परनाविताना भी इसी हमले में घायल हो गए थे। इस हमले ने पाकिस्तानी क्रिकेट पर एक अनिश्चित भविष्य का संकेत दिया था।
क्या हुआ था उस दिन?
मार्च 3, 2009: दिन की पहली पारी में श्रीलंकाई टीम 18 ओवर में 282 रन बना चुकी थी। इसके बाद, टीम के सदस्यों ने अपने बस में फंसे हुए थे। उस समय कोई खेल नहीं चल रहा था। एक दिन पहले, खिलाड़ी थरंगा परनाविताना ने एक दुर्भाग्यपूर्ण चुटकुला सुनाया था, जिसके बारे में कुमार संगाक्कारा ने बाद में कहा था कि वह यादगार है।
थरंगा परनाविताना का दुर्भाग्यपूर्ण चुटकुला
अतीत में, कुमार संगाक्कारा ने एक बातचीत में बताया कि उनका एक साथी खिलाड़ी थरंगा परनाविताना ने उन्हें एक दुर्भाग्यपूर्ण चुटकुला सुनाया था, जिसके बारे में कहा गया था कि उनके मंत्री ने एक टीवी चैनल को एक शांति मंत्र देते हुए देखा। चुटकुले के अंत में, उन्होंने कहा कि यह देखकर उनके मन में विचार आया कि यह संभव नहीं है कि दोनों ही नेता एक ही सबक को सुन सकें। यह चुटकुला कई समयों से प्रासंगिक साबित हुआ।
कुमार संगाक्कारा की अपील
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायल होने के बाद भी, कुमार संगाक्कारा ने प्रसन्नता से कहा कि पाकिस्तानियों को श्रीलंका के लिए सहानुभूति रखनी चाहिए। हालांकि, संगठन ने घायल चुनिंदा के श्रद्धांजलि देने के लिए पाकिस्तान का दौरा रद्द करने का फैसला किया।
पाकिस्तानी क्रिकेट पर प्रभाव
इस घटना ने पाकिस्तानी क्रिकेट पर एक गहरा विपरीत प्रभाव डाला। कई खिलाड़ियों ने इस घटना को एक अत्यधिक खेदजनक यादगार बना दिया, जिससे पाकिस्तान में घरेलू खेलों को निरंतर गड़बड़ी हुई। इसी से टीमें पाकिस्तान जाने के लिए लिए अनिच्छुक हो गईं।
आतंकवादी हमले से प्रभावित खिलाड़ी
- कुमार संगाक्करा: संगाक्कारा ने बाद में बताया कि आतंकवादी हमले से उन्हें प्रसन्नता से यह प्रतिपलित हुआ और बाद के वर्षों में बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पाकिस्तानी टीम के लिए खेलने देने के पक्ष में कुछ काम किया।
- थरंगा परनाविताना: श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान थरंगा परनाविताना ने इस घटना के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष होने के बावजूद खेल को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
- अबलता मेंडिस: तीन खिलाड़ियों में से एक अबाल्टा मेंडिस ने भी इस घटना को एक दुर्भाग्यपूर्ण खेल के रूप में यादगार कर दिया।
