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नंबर 3 की जंग: जैकब बेथेल का टेस्ट क्रिकेट में अपना स्थान पक्का करने का लक्ष्य
इंग्लैंड के उभरते हुए सितारे जैकब बेथेल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 के बल्लेबाजी स्थान पर अपनी जगह बनाए रखना चाहते हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान, बेथेल ने अपनी महत्वाकांक्षाओं और अपनी वर्तमान स्थिति पर खुलकर बात की। बेथेल, जिन्होंने जनवरी में एससीजी (SCG) में इंग्लैंड के लिए अपना शानदार पहला शतक जड़ा था, इस स्थान को अपने लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं।
हालांकि, इंग्लैंड की टीम प्रबंधन जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए अपनी बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। चर्चा है कि यदि इंग्लैंड ज़ैक क्रॉली को टीम से बाहर करने का निर्णय लेता है, तो बेथेल को ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में प्रमोट किया जा सकता है। ऐसा करने से टीम को मध्यक्रम में जेम्स रयू जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को शामिल करने का मौका मिलेगा।
लचीलापन और जो रूट का उदाहरण
Sky Cricket पॉडकास्ट में बात करते हुए बेथेल ने कहा कि वह टीम की जरूरत के हिसाब से बदलाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने साल 2013 की एशेज सीरीज का उदाहरण दिया, जब जो रूट ने ओपनिंग की थी, जिससे इंग्लैंड को मध्यक्रम में जॉनी बेयरस्टो को खिलाने का अवसर मिला था।
बेथेल ने कहा, “अगर मेरी मर्जी होती, तो मैं नंबर 3 पर ही रहना पसंद करता। मुझे यह पोजीशन बहुत पसंद है। मुझे नहीं लगता कि नंबर 3 और ओपनिंग के बीच कोई बहुत बड़ा अंतर है। रूट जैसे खिलाड़ी ने भी शुरुआत में ओपनिंग की और फिर वह नंबर 4 पर आए। अगर टीम मैनेजमेंट चाहता है कि मैं ओपनिंग करूँ, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन मैं नंबर 3 के स्थान को अपना बनाना चाहता हूँ।”
IPL और RCB: आलोचनाओं का सामना
मैदान के बाहर, बेथेल इस समय एक अलग तरह के दबाव का सामना कर रहे हैं। वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का हिस्सा हैं, लेकिन इस सीजन में उन्हें अभी तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। फिल सॉल्ट, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड और जोश हेज़लवुड जैसे खिलाड़ियों के होने के कारण वह बेंच पर बैठे हैं।
इस स्थिति के कारण उनकी आलोचना भी हो रही है। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज अलास्टेयर कुक ने उनके इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कुक का मानना है कि बेथेल को भारत में ‘खाली बैठने’ के बजाय इंग्लैंड वापस आकर वॉरविकशायर के लिए काउंटी चैंपियनशिप में रेड बॉल क्रिकेट खेलना चाहिए था, ताकि उनकी टेस्ट तैयारी बेहतर हो सके।
IPL के ‘अदृश्य लाभ’ और मानसिक मजबूती
अपनी आलोचनाओं का जवाब देते हुए बेथेल ने तर्क दिया कि IPL में रहने के फायदे केवल मैदान पर खेलने तक सीमित नहीं हैं। उनके अनुसार, यहाँ का माहौल और दबाव उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बना रहा है।
बेथेल ने विस्तार से समझाते हुए कहा, “मेरे हिसाब से इसका कोई सही या गलत तरीका नहीं है। पिछले साल मैंने महसूस किया था कि क्रिकेट से दूर रहने के कारण मैं भारत सीरीज के अंत तक पूरी तरह तैयार नहीं था, जिससे मैंने एक सबक सीखा। लेकिन जब मैं पिछले साल IPL से वापस आया था, तो वेस्टइंडीज सीरीज के दौरान मैं बेहतरीन फॉर्म में था। मुझे लगता है कि मैं अभी एक महीने पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि IPL में अभ्यास सत्र (nets session) के दौरान भी भारी दबाव होता है। जब आपके चारों ओर कोच और दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी आपको देख रहे होते हैं और भीड़ अपने फोन से आपका वीडियो बना रही होती है, तो वह अनुभव आपको मानसिक रूप से तैयार करता है। बेथेल का मानना है कि यह एक्सपोजर काउंटी चैंपियनशिप के चार राउंड खेलने से भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
न्यूजीलैंड सीरीज की तैयारी: ड्यूक्स गेंदों का इंतजार
4 जून को लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट मैच से ठीक पहले बेथेल अपनी तैयारियों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह इंग्लैंड से ‘ड्यूक्स’ (Dukes) लाल गेंदों का एक शिपमेंट मंगवा रहे हैं, जिसका उपयोग वह IPL के दूसरे भाग के दौरान अपनी ट्रेनिंग में करेंगे।
बेथेल ने कहा, “मेरी ड्यूक्स गेंदें कल आ रही हैं। मैं व्हाइट-बॉल ट्रेनिंग के साथ-साथ रेड-बॉल प्रैक्टिस को भी तेज करने की योजना बना रहा हूँ। मेरा दृढ़ विश्वास है कि अभी मेरे लिए IPL में रहना ही सही फैसला है।”
प्रतिस्पर्धा और भविष्य की राह
दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड के एक अन्य खिलाड़ी जॉर्डन कॉक्स भी RCB टीम का हिस्सा हैं और उन्हें भी अभी तक मौका नहीं मिला है। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो बेथेल ने संकेत दिया कि वह टीम की प्राथमिकता सूची में कॉक्स से ऊपर हो सकते हैं। उन्होंने सकारात्मकता के साथ कहा कि नेट सत्रों में सभी को समान समय मिलता है और वह खुद को हर संभव अवसर के लिए तैयार रख रहे हैं।
कुल मिलाकर, जैकब बेथेल एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं जो आधुनिक क्रिकेट के दबाव को संभालने की क्षमता रखते हैं और अपने करियर के लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इंग्लैंड का चयन पैनल उन्हें नंबर 3 पर मौका देता है या उनकी भूमिका में कोई बदलाव करता है।
