IPL 2026 में अनुशासन का संकट: वेपिंग विवाद ने बढ़ाई बीसीसीआई की चिंता
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर है। जहाँ एक ओर क्रिकेट प्रेमी मैदान पर चौकों और छक्कों की बौछार का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मैदान के बाहर खिलाड़ियों के व्यवहार ने विवादों को जन्म दे दिया है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट के दो प्रमुख चेहरों—पंजाब किंग्स के युजवेंद्र चहल और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग—के वेपिंग (ई-सिगरेट का उपयोग) करने के मामलों ने बीसीसीआई को परेशानी में डाल दिया है। इन घटनाओं ने न केवल टूर्नामेंट की छवि धूमिल की है, बल्कि खिलाड़ियों की व्यावसायिकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
रियान पराग और युजवेंद्र चहल: वेपिंग के दोषी पाए गए
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच हुए एक मुकाबले के दौरान रियान पराग को ड्रेसिंग रूम के भीतर वेपिंग करते हुए कैमरे में कैद किया गया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे प्रशंसकों और आलोचकों में भारी आक्रोश फैल गया। रियान पराग, जो इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं, उनसे खेल भावना और अनुशासन की मिसाल पेश करने की उम्मीद की जाती थी।
वहीं दूसरी ओर, अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल भी इसी तरह के आचरण के दोषी पाए गए। चहल को पंजाब किंग्स के अपने साथियों के साथ उड़ान (flight) के दौरान वेपिंग करते हुए देखा गया। इन दोनों खिलाड़ियों के इस व्यवहार ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।
भारत में वेपिंग के खिलाफ क्या है कानून?
यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि भारत में वेपिंग या ई-सिगरेट का उपयोग केवल एक अनुशासनहीनता का मामला नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी प्रतिबंधित है। भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA), 2019’ के तहत इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। ऐसे में, इन खिलाड़ियों द्वारा सार्वजनिक रूप से वेपिंग करना न केवल आईपीएल के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि देश के कानून की भी अवहेलना है।
बीसीसीआई द्वारा दंड और सख्त चेतावनी
बीसीसीआई ने रियान पराग की इस हरकत को गंभीरता से लेते हुए उन पर तत्काल कार्रवाई की है। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने के लिए उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। युजवेंद्र चहल के खिलाफ अभी आधिकारिक सजा की घोषणा होना बाकी है, लेकिन बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह के कृत्य को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल 2026 के सभी प्रतिभागियों के लिए एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनुशासनहीनता के गंभीर परिणाम होंगे, जिसमें कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
आठ पन्नों का नया निर्देश और प्रोटोकॉल
गुरुवार को बीसीसीआई ने इन विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ी और सभी आईपीएल फ्रैंचाइजी के लिए आठ पन्नों का एक विस्तृत निर्देश जारी किया। इस निर्देश में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को सभी प्रोटोकॉल का पालन करने का कड़ा आदेश दिया गया है।
देवजीत सैकिया ने अपने बयान में कहा, “ड्रेसिंग रूम और टूर्नामेंट के अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग की घटनाएं बीसीसीआई के संज्ञान में आई हैं। भारतीय कानून के तहत ई-सिगरेट प्रतिबंधित है। जो भी व्यक्ति टूर्नामेंट परिसर के भीतर ऐसा करते पाया जाएगा, वह न केवल बीसीसीआई और आईपीएल के नियमों का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि वह कानून के तहत संज्ञेय अपराध भी कर सकता है।”
- ड्रेसिंग रूम, डगआउट और अभ्यास सुविधाओं में वेपिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
- टीम होटलों के भीतर भी किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग नहीं किया जा सकता।
- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और प्रतिबंध लगाया जाएगा।
होटल रूम में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक
अनुशासन को और कड़ा करने के लिए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के होटल रूम में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है। अब खिलाड़ियों के दोस्तों और परिवार के सदस्यों को भी होटल के कमरों तक पहुँचने के लिए संबंधित टीम मैनेजर से पूर्वानुमति लेनी होगी। बीसीसीआई का मानना है कि यह कदम न केवल व्यावसायिकता सुनिश्चित करेगा, बल्कि आईपीएल में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने में भी सहायक होगा।
निष्कर्ष के रूप में, बीसीसीआई का यह कड़ा रुख यह संदेश देता है कि खेल की गरिमा और देश के कानून से ऊपर कोई खिलाड़ी नहीं है। आईपीएल 2026 का समापन सुचारू रूप से हो, इसके लिए सभी टीमों को इन नए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
