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भारत का दबदबा: ब्रिस्बेन में बारिश के बीच सीरीज हुई भारत के नाम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई रोमांचक टी20 सीरीज का अंत थोड़ा फीका रहा, लेकिन नतीजे ने भारतीय प्रशंसकों को खुशी का मौका दिया है। ब्रिस्बेन में खेले गए पांचवें और निर्णायक मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 4.5 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 52 रन बना लिए थे। हालांकि, इसके बाद मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली के कारण खेल को रोकना पड़ा और अंततः मैच को रद्द करने का फैसला लिया गया। इस ‘नो रिजल्ट’ के साथ ही भारत ने इस सीरीज को 2-1 से जीत लिया है।
गाबा की उछाल और भारतीय सलामी जोड़ी का प्रहार
मैच की शुरुआत से ही गाबा की पिच पर मिलने वाली अतिरिक्त उछाल और गति को लेकर काफी चर्चा थी। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य गेंदबाज जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति में बेन द्वारशुइस और नाथन एलिस ने गेंदबाजी की शुरुआत की। भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण पर शुरू से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया।
विशेष रूप से शुभमन गिल बेहद शानदार लय में नजर आए। उन्होंने मात्र 16 गेंदों में 29 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें उन्होंने दर्शनीय कवर ड्राइव और आक्रामक शॉट लगाए। गिल, जो दौरे की शुरुआत में थोड़े संघर्ष करते दिख रहे थे, उन्होंने अपनी क्लास का नमूना पेश किया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने 23 रन बनाए, हालांकि उनके लिए किस्मत ने बड़ा साथ दिया।
ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग और अभिषेक शर्मा की किस्मत
अभिषेक शर्मा को इस छोटी सी पारी के दौरान दो जीवनदान मिले। पहली बार जब उन्होंने बेन द्वारशुइस की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से शॉट मारने की कोशिश की, तो दिग्गज फील्डर ग्लेन मैक्सवेल ने एक आसान सा कैच टपका दिया। इसके बाद 11 रन के निजी स्कोर पर अभिषेक को एक और जीवनदान मिला, जब द्वारशुइस ने फाइन-लेग से दौड़ते हुए उनका कैच छोड़ दिया। अभिषेक ने इन जीवनदानों का भरपूर फायदा उठाया और नाथन एलिस को मिडविकेट के ऊपर से एक गगनचुंबी छक्का जड़ा।
सीरीज का सफर: कैनबरा से ब्रिस्बेन तक
यह टी20 सीरीज काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। सीरीज का पहला मैच कैनबरा में भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। इसके बाद मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेले गए दूसरे मैच में 82,000 दर्शकों के सामने ऑस्ट्रेलिया ने जोश हेजलवुड की घातक गेंदबाजी के दम पर जीत हासिल की थी। हालांकि, भारत ने जोरदार वापसी करते हुए होबार्ट और गोल्ड कोस्ट की धीमी पिचों पर अपने स्पिनरों के जाल में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को फंसाया और लगातार दो मैच जीतकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली थी।
कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान और वर्ल्ड कप की तैयारी
सीरीज ट्रॉफी उठाने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हर खिलाड़ी ने हर मैच में योगदान दिया, वह सराहनीय है। यह बल्ले, गेंद और फील्डिंग के साथ एक संपूर्ण टीम प्रयास था। हमने देखा कि भारत में महिला टीम के वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा समर्थन मिला था। घर में खेलने का दबाव होता है, लेकिन उत्साह भी उतना ही अधिक होता है।”
भारत अब अपने घर पर होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के खिताब की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम के प्रदर्शन ने आगामी बड़े टूर्नामेंट के लिए उम्मीदें जगा दी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के लिए आत्ममंथन का समय
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने हार को स्वीकार करते हुए सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। मार्श ने कहा, “मुझे याद नहीं आता कि पिछली बार कब इतने सारे मैचों में बारिश ने बाधा डाली थी। हमारे लिए सीखने के लिए बहुत कुछ है। वर्ल्ड कप के साल में हम जो स्क्वाड और लचीलापन बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वह शानदार रहा है।” ऑस्ट्रेलिया के लिए चिंता का विषय उच्च गुणवत्ता वाले स्पिनरों के खिलाफ उनके बल्लेबाजों का संघर्ष रहा है, जिस पर उन्हें जल्द ही काम करना होगा।
सीरीज के मुख्य निष्कर्ष (Takeaways)
- जितेश बनाम सैमसन: सीरीज के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान के लिए जितेश शर्मा और संजू सैमसन के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जो टीम चयनकर्ताओं के लिए एक सुखद सिरदर्द है।
- स्पिनरों का जलवा: भारतीय स्पिनरों ने गोल्ड कोस्ट और होबार्ट में सीरीज का रुख भारत की ओर मोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- शुभमन गिल की फॉर्म: गिल का फॉर्म में लौटना भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप से पहले सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है।
ब्रिस्बेन की बारिश ने भले ही खेल को पूरा नहीं होने दिया, लेकिन टीम इंडिया का आत्मविश्वास इस विदेशी जीत के बाद सातवें आसमान पर होगा। अब सबकी निगाहें घरेलू सरजमीं पर होने वाले मेगा इवेंट पर टिकी हैं।
