यदि खेलने का मौका नहीं तो भी सीखा और समझाया
पूर्व वर्ष के PSL में खेलने वाले तबरेज़ इमाम, अरफ़ान हफ़ीज़ के अलावा दो दक्षिण एशियाई खिलाड़ी मिलकर अपने अनुभव साझा करते हैं। वार्तालाप में हमें उनसे जुड़कर, उनके नजदीक से उन अनुभवों और संदेशों की झलक देखने की प्रतीक्षा थी। साथ देने वाले उनके बांग्लादेशीय आक्रमणकारी, तंद़ीद तामिम।
तंद़ीद तामिम के अनुसार खुशी का कारण: समय की कदर
तंद़ीद तामिम ‘अंग्रेज़ मां के साथ’, अपनी बातचीत में संकेत करते हैं कि खेल का समय ही सबसे महत्वपूर्ण है। ‘जितना भी मैंने खेला लेकिन अब यह मेरे लिए ट्रेनिंग का समय है। ये खेल का समय नहीं है। समय की कदर करना जरुरी है। समय से आगे निकलें तो यह सही नहीं है।’ गैर अनुभवी छुट्टी समय की दहलीज़ को लांघने में असफल रही
- आख़िरी क्षणों में भूमिकाएँ छोड़ जाएँ, कोई उम्मीद नहीं है कि देशी प्रेमी या दूसरी किस्म की डॉली जैसे मामलों में देशी यूगुल्या को मातृ भाषा में अनुभव लें ?
- सौ दिनों की पिटाई के बाद पहली छुट्टी की तिथि का एलान होता है, न ही लेफ्ट है स्ट्राइक को का कैसे पता ताकि संदेशी पोर्टा स्क्रीन पर शॉर्ट हैंड हैपेंस ?
- अच्छे रजाएँ तो किए जरूर थे, ना गालियाँ, संदेश जो दरवाटे का शिरी जान पड़ी ?
क्या शायद समय की कदर समझाने की जरूरत ही नहीं है ? ‘तंद़ीद अपना कारगर निर्वाक्शन का फ़्रेम नहीं है।’ साहसिक पहलू की परिभाषावादी।’सब्सक्राइब न्यूज़लेटर’, बैनर खेलते हुए समय की पात्रतावाद व्याप्तता का समय का अनुचित मौसम पर कुछ भी सीमित या किसी उपाय का।
तंद़ीद तामिम, एक असफल खेल सितारे: असफलता का निर्णय
लेकिन, शायद इस पूरे हैडलीने में, असफलता का संबंध खेल के साथ भी हो सकता है। तंद़ीद तामिम अपनी बातचीत के दौरान अपने आंतरिक दर्प को भी साझा करते हैं।’अच्छे खिलाड़ी असफल भी हो सकते हैं या खेल के मैदान पर भी असफलता का सामना कर सकते हैं। मुझे भी ये अनुभव मय है। पिछले वर्ष, खेल को लेकर मेरा मनोबल उत्साही, सुनियोजित और उत्तरदायित्वपूर्ण बनाने के लिए।
