भारत में खेले जाने वाली कई खेलों में, क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसने हमेशा देश को अपनी ओर आकर्षित किया है। क्या करिश्मे हुए हैं क्रिकेट के हमारे भारतीय खिलाड़ियों ने। और क्या हैं उनकी कहानियां जो दिलों को छूती हैं।
साकिब हुसैन – भारत के आईपीएल में नवोदित सितारे
इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्सप्रेस (आईटीई) से विस्तृत रिपोर्ट: आज के शोर से हटकर, एक ऐसी शख्सियत सामने आई, जिसकी कहानी सुनकर, आपके लख लख आंसू निकल जाएंगे। हार्डवर्क और भाईचारे की कहानी क्रिकेट की कहानियों में से एक है।
साकिब हुसैन – सौराष्ट्र के एक छोटे से गाँव में पले – बिहार, यह खिलाड़ी आईपीएल में शानदार डेब्यू से सबको हैरान कर दिया है।
साकिब की यात्रा – सपने देखने से शानदार रियलिटी तक
अत्यंत महत्वपूर्ण समय पर निर्णय लेना भी एक क्रिकेट खिलाड़ी को बनाती है। साकिब हुसैन एक ग़रीब परिवार से आने वाले इस मुलाहेज़ परिवार से, उस की शुरुआत हुई क्रिकेट की दुनिया से।
उर्मा रानी – साकिब हुसैन की माँ – साकिब हुसैन के पिताजी भी हमेशा से क्रिकेट के प्रति शौकीन थे, लेकिन कठिनार्थ सीमाओं ने हमेशा उन्हें विश्चित नहीं किया। यहाँ पर एक छोटी सी जालिमाई पल्लू, जो साकिब हुसैन की माँ ने धार्मिक संकल्पों के नाते सिर्फ क्रिकेट के लिए ही अपने कीमती सोना – जो उसने गुरु जी की देवी माँ दुर्गा धाम में पूजा अर्चना की थी – का 15 ग्रैम जेवलरी चुरा कर, न्यूज़री क्रिकेट के लिए सिर्फ क्रिकेट शूज़ ख़रीदे।
साकिब हुसैन के पिताजी श्री नन्दलाल हुसैन ने बताया कि, साकिब ने हमेशा ही बड़ा खिलाड़ी बनने, हमारा नाम रोशन करने की बात कही थी। खेल के शौकीन होने का बेहतरीन चीज़, उस ने समय – समय पर, खेल को चुनने में हमारी सोच न पूछने और खेल खेलने के, और इसीलिए हम ने सहमत करते हुए क्रिकेट के प्रति उसकी प्रवृत्त का सम्मान किया।
साकिब की पहली बोर्डिंग स्कूली शिक्षा – बेलवे हाईस्कूल – जो छात्रवृत्ति के बिना अपने ही माता – पिता के सहयोग से प्राप्त की थी।
साकिब हुसैन – रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सितारे चमकते देखें, आईपीएल में उनका खेलना इंतजार के दिनों को ख़तम कर देने वाला था।
साकिब हुसैन ने हाल ही में 9 मैचों में 24 विकेटs के साथ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपना परचम लहराया है।
रणजी ट्रॉफी की राह पर एक अनोखी कहानी बन्ती जा रही है – उनके गेंदबाजी की एक ऐसी लय बनी हुई है, जिसे कोई और भी हासिल नहीं कर पा रहा।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में साकिब खिलाड़ी ने अपने खेल को साबित कर दिया है। हमारे यहां हम किस कहानी को बता रहें हैं? या साकिब हुसैन की कहानी के।
साकिब का आईपीएल करियर – पहले मैच में शानदार डेब्यू
सूर्या परिवार की टीम सुनरिज़र्स हैदराबाद ने स्थानीय भारतीय खिलाड़ियों की राह सिलचर करी, साकिब हुसैन ने अपने नए क्लब की टीम के साथ अपना पहला शानदार मेच खेला जिसमें हर किसी की आँखों में यही मोल्ड का सवाल है कि क्या वो फिर एक बार इसी तरह का करम का कर सकते है और शायद वही होगा।
साकिब का आगाज – भारतीय क्रिकेट टीम में कितना दूर?
निश्चित रूप से, हम तुरंत क्रिकेट टीम में सेमी में जगह बन जाने की संभावना में नहीं जान पाने वाली है, इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से, क्रिकेट प्रेमी इसी प्रकार सही हां में मिल सकते है।
साकिब का आईपीएल करतब, उनके प्रत्याशित एक भविष्य हमारी प्रशंसा को कर सकते हैं – इस कि अगर एक छोटे से बच्चे का बड़ा खिलाड़ी बनने में पूर्णता शायद क्लब में ऐसा कि करे, कही ऐसा न हो? क्या पेरेंट्स का सहयोग, अगर कुशल और सहयोजित तरीके से करते हैं? कुछ खिलाड़ियों के साथ ऐसा ही मेला है।
टीम स्क्वाड का टैबल में, प्लेयर की सूचि में क्वाडर से बाहर निकलने के बावजूद ऐसा स्थायी लेवेल का भारतीय टीम में दूरी भी।
नयी युग मात्र तो अभी खेला ही नहीं है – क्या साकिब हुसैन ही नाम में अपने पास नाम है – फिल्हाल, यहां यह है एक दिव्य लेख तो अब हम सूर्या को धन्यवाद दुनिया के तीन घनिष्टति से देखें जानते है।
भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों का प्रतिक्रिया – फैन्स के बीच क्रिकेट से जो इंट्रेस्ट होता है वही इट्स परफेक्ट बेस्ट है। हम उसके दीदार ले सकते है।
क्लास आउट – एक शानदार अनुभव
कहा जाए किसी और पाने का भी एक नई आउट करे क्या! क्रिकेट को सामान से छोड़ दें – जिस इंसान पर दुघर्षण, चंचल रूप से आप की मानसिक सुविधा होती है, जैसा का जिसे किसान की कहीं कहीं मार्ग है।
भारत के खेल का गहरा संबंध है संतोष का।
ताकि इस लेख के निष्कर्ष में, भारत क्रिकेट के समारोह में होते समय, अगर किसी कहानी का दावा करना है उस का सबसे अद्भुत कहानी या दिल की जाने एक खेल संभावित रहेगा।
निष्कर्ष
साकिब की यात्रा न केवल दर्शा रही है कि एक छोटी सी जिगर का बेटा एक बड़ी सी पहाड़ी फिर भी चढ़ सकता है। किसी छोटी सी जाती प्यारे बेटे से भी बड़े होने को इच्छा कर सकती है लेकिन अगर बड़ी सी पहाड़ी का ही नाम है।
साकिब हुसैन की कहानी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार की भी यहाँ है।
साकिब ने माँ को क्रिकेट के लिए दान करने वाला जेवेलरी से बनने के बावजूद इस तरह रिश्ते को मजबूत करने की कोशिश की है।
हमें उम्मीद है यह सब – कि साकिब हुसैन की यात्रा ने हमें प्रेरित किया है और आगे भी करे।
किसी अच्छे दिन की शुभकामनाएं। स्पोर्ट्स
