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दीप्ति का जादू: 5-19 के साथ भारत का 14 रनों से जीत

भारत ने चौथे टी20 में दक्षिण अफ्रीका को 14 रनों से हराकर सीरीज में 3-1 का खाता खोला। यह जीत महज एक सामान्य जीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसा मैच था जहां भारत ने चार मैचों के बाद पहली बार स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत का श्रेय सबसे ज्यादा जाता है दीप्ति शर्मा को, जिन्होंने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार पांच विकेट लिए और भारत की रीढ़ बनकर खेल निर्णय तक पहुंचाया।

दीप्ति का दोहरा योगदान: बल्ले और गेंद दोनों से

जहां दीप्ति की गेंदबाजी ने सबका ध्यान खींचा, वहीं उनकी बल्लेबाजी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 26 गेंदों में 36 रनों की पारी खेलकर उन्होंने रिचा घोष (34*), जिनके साथ छठे विकेट के लिए 65 रन की अटूट साझेदारी की, के साथ मिलकर भारत को 185/5 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। यह पारी उस समय और भी महत्वपूर्ण थी जब टीम 120/5 के स्कोर पर झूल रही थी।

गाडू को चोट, लेकिन विकेट दिलाया

भारत के लिए एक बार फिर चिंता की बात यह रही कि टीम को एक और चोट लगी। मध्यक्रम की गेंदबाज क्रांति गाडू ने अपने चार ओवरों में 1-33 देकर दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट का महत्वपूर्ण विकेट लिया, जो लगातार पांच अंतरराष्ट्रीय मैचों में 50+ स्कोर लगा रही थीं। लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में गाडू को सीमा रेखा पर गेंद बचाते समय एड़ी में चोट आई और उन्हें गोल्फ कार्ट पर बाहर ले जाया गया।

टाजमिन ब्रिट्स का शानदार कैच

मैच के शुरुआती चरण में ही टाजमिन ब्रिट्स ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ओपनर अनुष्का शर्मा (27 रन, 18 गेंद) ने मिडविकेट की दिशा में शॉट खेला, लेकिन ब्रिट्स ने आसमान से गेंद को एक हाथ से झपटकर एक शानदार कैच लपक लिया। यह विकेट दक्षिण अफ्रीका के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने भारत के पावरप्ले को सीमित कर दिया।

निर्णयों पर सवाल: हरमनप्रीत का रहस्यमयी रन आउट

भारत के 102/3 के स्कोर पर छोटा सा संकट आया। भारती फुलमाली को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया, जबकि गेंद लेग साइड जा रही थी और रिव्यू नहीं था। इसके बाद, सबसे बड़ा विवाद हरमनप्रीत कौर के आउट होने पर हुआ। गेंदने बैट के किनारे नहीं छुआ, लेकिन विकेटकीपर सिनालो जाफ्ता ने जोर से रिएक्शन दिया, जिससे हरमनप्रीत खुद ही रन आउट के लिए चली गईं। तीन विकेट सिर्फ 14 गेंदों में गिरे, जिससे भारत दबाव में आ गया।

लूस ने वोल्वार्ड्ट की विरासत को आगे बढ़ाया

वोल्वार्ड्ट के आउट होते ही भारत को मौका मिला, लेकिन सूने लूस ने 13 गेंदों में 19 रन से शुरुआत कर जवाब दिया। उन्होंने गाडू को एक छक्का लगाया और कुल 24 गेंदों में 40 रन बनाए। लेकिन दीप्ति के सामने वह भी झुक गईं — एक धीमी, लो गेंद पर उनका फुटवर्क फेल हुआ और वह बोल्ड हो गईं।

दीप्ति का अंतिम हमला

लूस के आउट होते ही दीप्ति ने गेंदबाजी में अपना दबदबा बनाया। उनके पहले दो ओवरों में सिर्फ 7 रन और 2 विकेट थे। फिर 15वें ओवर में वापसी करते हुए उन्होंने रेनेके को डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट करवाया। अंतिम ओवर में उन्होंने खाका को एलबीडब्ल्यू और सेखुखुने को फ्लाइट पर लगाया स्टंप आउट, जिससे उनका शानदार 5-19 का आंकड़ा पूरा हुआ।

निष्कर्ष

दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी लूस (40) और ब्रिट्स (30) के अलावा कहीं नहीं चली, और बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी। नदीन डी क्लर्क के आराम के बावजूद, यह प्रदर्शन पर्याप्त नहीं था। दीप्ति के शानदार प्रदर्शन ने न सिर्फ उनकी वापसी की घोषणा की, बल्कि भारत को यह भी बता दिया कि गहरी गेंदबाजी लाइन का समर्थन कौन कर सकता है।

भारत अब सीरीज का अंतिम मैच खेलेगा, जहां वह जीत के इस झंडे को और ऊंचा करने की कोशिश करेगा।

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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