चमारी अथापथु का भविष्य: क्या जल्द संन्यास लेने वाली हैं श्रीलंकाई कप्तान?
श्रीलंकाई महिला क्रिकेट टीम की स्टार और कप्तान चमारी अथापथु को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चाएं चल रही थीं कि क्या वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी। हालांकि, टीम के नए हेड कोच जेमी सिडन्स ने इन तमाम कयासों पर पूर्णविराम लगा दिया है। 36 वर्षीय अथापथु, जो अपने 16वें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीजन में हैं, अभी भी टीम की रीढ़ बनी हुई हैं।
जेमी सिडन्स का स्पष्ट रुख
कोच जेमी सिडन्स ने अथापथु के साथ हुई अपनी बातचीत का खुलासा करते हुए कहा कि चमारी अभी भी खेल को लेकर बेहद उत्साहित हैं। सिडन्स ने कहा, ‘मेरी चमारी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है। वह एक या दो साल से कहीं ज्यादा समय तक क्रिकेट खेलने की इच्छुक हैं।’ कोच का मानना है कि यदि अथापथु अपनी वर्तमान फिटनेस बनाए रखती हैं और इसी तरह मेहनत करती रहती हैं, तो उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा बनाए रखना कोई मुश्किल काम नहीं है।
टीम में बदलाव का दौर
जेमी सिडन्स ने 16 मार्च को अपना कार्यभार संभाला है और वह टीम के साथ एक आक्रामक दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि दुनिया की शीर्ष टीमों को हराने के लिए ‘सुरक्षित खेलना’ (playing it safe) अब काम नहीं आएगा। सिडन्स ने अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए कहा, ‘हम एक या दो रन लेकर जीतते हैं, लेकिन हम विपक्षी टीम से ज्यादा चौके नहीं लगा रहे हैं। हमें बाउंड्री मारने की जरूरत है। अगर हम शीर्ष टीमों को हराना चाहते हैं, तो हमें अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बदलाव करना होगा।’
गेंदबाजी में नई तकनीक की जरूरत
सिडन्स ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी विभाग में भी सुधार की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ऑफ स्पिन पर निर्भर रहना काफी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक तेज गेंदबाज के पास धीमी गेंदों (slower balls) का भंडार होना चाहिए। हमें अपनी गेंदबाजी में ऐसी विविधता लानी होगी कि बल्लेबाज हमें आसानी से निशाना न बना सकें।’
भविष्य की तैयारी
अथापथु की मौजूदगी टीम के युवाओं के लिए एक वरदान की तरह है। सिडन्स का कहना है कि अथापथु का साथ होना नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए सीखने का एक शानदार मौका है। उन्होंने कहा, ‘मेरा काम खिलाड़ियों को बेहतर बनाना, उन्हें निडर बनाना और एक ऐसी रणनीति तैयार करना है जिसमें भविष्य के खिलाड़ी खुद को ढाल सकें।’ उन्होंने टीम में दो बहुत ही प्रतिभाशाली युवा तेज गेंदबाजों की भी प्रशंसा की, जो जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रभाव छोड़ेंगी।
आगामी चुनौतियां
श्रीलंकाई टीम अब जून में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप की तैयारी कर रही है। सिडन्स को भरोसा है कि लड़कियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मानसिकता की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘वे किसी भी शीर्ष खिलाड़ी की तरह ही अच्छा क्रिकेट खेल सकती हैं। मेरा लक्ष्य उनकी क्षमता को पहचानना और उन्हें और बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।’
निश्चित रूप से, जेमी सिडन्स का यह सकारात्मक रवैया श्रीलंकाई महिला क्रिकेट टीम के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आया है। फैंस के लिए यह सुखद समाचार है कि उनकी चहेती कप्तान चमारी अथापथु अभी और भी कई यादगार पारियां खेलती हुई नजर आएंगी।
