मुंबई इंडियंस की मुश्किल राह: शॉन पोलॉक ने बताया क्यों पिछड़ रही है टीम
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं साबित हो रहा है। अपनी पिछली उपलब्धियों और मजबूत टीम के बावजूद, फ्रेंचाइजी इस समय अंक तालिका में काफी नीचे खिसक गई है। टीम ने अब तक खेले अपने सात मैचों में से केवल दो में जीत दर्ज की है, जिसके कारण वे वर्तमान में नौवें स्थान पर हैं।
मुंबई इंडियंस की इस निराशाजनक स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीम के पूर्व खिलाड़ी शॉन पोलॉक ने अपनी बेबाकी से टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण किया है। पोलॉक का मानना है कि टीम की विफलता के पीछे कुछ विशिष्ट खिलाड़ियों का खराब फॉर्म है, जिन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर टीम का साथ नहीं दिया।
गेंदबाजी विभाग में भारी गिरावट: पोलॉक ने तीन खिलाड़ियों को निशाने पर लिया
शॉन पोलॉक ने स्पष्ट रूप से तीन गेंदबाजों—ट्रेंट बोल्ट, शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर—को टीम के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार, इन तीनों खिलाड़ियों ने फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफलता दिखाई है।
खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन और आंकड़े:
- ट्रेंट बोल्ट: अनुभवी तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट का प्रदर्शन इस सीजन बेहद फीका रहा है। उन्होंने तीन मैच खेले हैं, जिसमें केवल एक विकेट हासिल किया है। उनका औसत 110 का रहा है और इकोनॉमी रेट 12 से भी अधिक रहा है, जो टी-20 क्रिकेट में काफी महंगा माना जाता है।
- दीपक चाहर: दीपक चाहर की स्थिति भी बोल्ट से अलग नहीं है। तीन मैचों में उन्होंने केवल एक विकेट लिया है, उनका औसत 87 रहा है और इकोनॉमी रेट 13 से ऊपर गया है।
- शार्दुल ठाकुर: हालांकि शार्दुल ठाकुर ने छह मैचों में छह विकेट लेकर विकेट लेने की क्षमता दिखाई है, लेकिन उनकी इकोनॉमी रेट 13.57 रही है, जिसने विपक्षी टीमों को आसान रन बनाने का मौका दिया।
क्रिकबज़ पर बात करते हुए पोलॉक ने कहा, “तीन खिलाड़ियों ने मुंबई को निराश किया है। ठाकुर, बोल्ट और चाहर ने फ्रेंचाइजी के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।”
रणनीति और टीम चयन पर गंभीर सवाल
पोलॉक ने केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन की ही आलोचना नहीं की, बल्कि मुंबई इंडियंस के टीम प्रबंधन और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि वर्तमान प्लेइंग इलेवन वह नहीं है जिसे नीलामी (Auction) के बाद चुना जाना चाहिए था।
उन्होंने आगे कहा, “सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि वे अभी जिस 11 के साथ खेल रहे हैं, वह नीलामी के बाद उनकी प्राथमिक पसंद से बहुत अलग है। ऐसा लगता है कि उनके पास बहुत अधिक विकल्प हैं, और पिछले कुछ वर्षों से यही समस्या रही है। उनकी ताकत ही अब उनके लिए समस्या बन गई है।”
पोलॉक ने टीम के बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों के रोटेशन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने उदाहरण दिया कि क्विंटन डी कॉक द्वारा शतक लगाने के बाद रिकेल्टन को मौका नहीं मिला है, जो यह दर्शाता है कि टीम चयन में स्थिरता की कमी है।
आगामी मुकाबला: MI बनाम SRH और निर्णायक ‘X-फैक्टर्स’
मुंबई इंडियंस के लिए अब वापसी का रास्ता 29 अप्रैल को वानखेड़े स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ होने वाले मैच से होकर गुजरता है। पोलॉक के अनुसार, यदि मुंबई को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है, तो उन्हें पहले SRH को हराना होगा।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लिए पोलॉक ने दो खिलाड़ियों को ‘X-फैक्टर्स’ बताया है:
1. अभिषेक शर्मा (SRH)
हैदराबाद के अभिषेक शर्मा इस समय तूफानी फॉर्म में हैं। उन्होंने 8 मैचों में 54 की औसत और 212.29 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 380 रन बनाए हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी मुंबई के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
2. जसप्रीत बुमराह (MI)
मुंबई की उम्मीदें अपने स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर टिकी हैं। हालांकि बुमराह का यह सीजन औसत रहा है—सात मैचों में दो विकेट, 105 का औसत—लेकिन उनकी 8.07 की किफायती इकोनॉमी यह बताती है कि वह अभी भी दबाव बनाने में सक्षम हैं।
निष्कर्षतः, मुंबई इंडियंस के लिए यह समय आत्ममंथन का है। यदि टीम अपने गेंदबाजी आक्रमण को संतुलित नहीं करती और सही प्लेइंग इलेवन का चयन नहीं करती, तो इस सीजन में उनका सफर जल्द ही समाप्त हो सकता है।
