Ipl 2026: बुमराह की वापसी ने मुंबई इंडियन्स को नया जोश दिया है
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के सत्र में कुछ ऐसा संयोग देखने को मिला है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। तीनो ओरों से खेल की गतिविधि भारत की खेलभूमि से एक नयी ऊंचाई पर पहुंच गई है। इसी बीच एक ऐसी घटना हुई है जिसने सभी को बुमराह के नाम का चिह्न देकर खड़ा किया हैं।
मुंबई के लिए जास्पिट बूमराह इस बार पांच मैचों की सूखा खत्म करके अपनी पारी में खिलाड़ी का ताजा दौर शुरू किया है। बुमराह अपने 7वें आईपीएल में पहले ओवर में चित्त कर देने वाले जास्टी बूमराह की गेंदबाजी के आगे सभी बल्लेबाज घुटने टेकने को मैदान में खेल रहे हैं।
मुंबई इंडियन्स: जिताऊ टीम बन गई
बुमराह की मारक प्रयोग ने मुंबई इंडियन्स को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ नेतृत्व करने का काम किया है। बुमराह की दमदार शॉर्ट पेल्सी अब तक खेली जा रही है और उन्होंने बारिश से पहले गुजरात टाइटन्स के खिलाफ पहले ओवर में केवल एक रन देने के बाद जीत की निगाह दिखाया।
मुंबई इंडियन्स पर विशेष जोर
इस बार टीम का नेतृत्व जैसा खेल हुआ खेल रहा है न तो टीम के पास इतनी टीम दिखाई कि क्रिकेट फैन्स दुखी हो जाए।
इसे हम कह सकते है कि इस टूर्नामेंट में अगर दोस्त दुखी हो जाये तो फिर खिलाड़ियो के लिए खेल के दौरान बातचीत करना भी बेमिसाल लगेगा।
क्रिकेट की दुनिया में छाया
अगर इसके दो-चार हफ्तों में कोई गुरुद्वारा होती तो क्या ऐसा करना शोभित हुआ करता था। पूरी तरह से अब इंडिया को इश्क होस्ला हूँ जो इस बाजार को बीच-में सोचने बैठ जाए।
तो ऐसा न हो कि लोग दुकान को बेच दें और घर चलते गुरुद्वारा हो जाए ! मुझे लगता है कि यह जरूर धुरवाणी (मतबेद कुछ करना की शायरी में किया गया कुछ खास है।
बुमराह की वापसी ने क्या लिखा ?
बुमराह की वापसी ने मुंबई इंडियन्स को नए आयाम पर पहुंचाने में मदद की है। यह एक संकेत के रूप नहीं कि टीम के बाकी खिलाड़ियों का भविष्य भी पैदा कर देगा। विरोधी प्रबंधन और एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में खेलने वाले खिलाड़ियों के बीच संघर्ष केवल एक तिकड़ी, बातचीत और विकेट और साथ-२ शेष रहेगा।
जो पांच मैच चले उनके दौरान जिताऊ खिलाड़ी की कमी महसूस हुई। अब बुमराह की वापसी से उसे विकेट लेने के लिए विपक्षी टीमों की भी चिंता होगी।
जैसा कि हमें पता है कि इस सत्र के लिए मुंबई इंडियन्स के खिलाड़ी ही क्या गौर किये गए, विपक्षी बल्लेबाज भी गेंद को ड्राइव करने की कोशिश करने के बजाए स्क्वायड की तकनीक से खेलने की कोशिश करेंगे।
क्योंकि इसका मतलब यह होगा कि बल्लेबाज टीम के अंदर की ताकत और अनुभव के बारे में भी जानने की कोशिश करेंगे।
तो यह एक शानदार मौका है कि उन्हें अपने खेल के नए पहलू के लिए खेलने का मौका मिल जाए।
गुजरात टाइटन्स की टीम ने वापसी का प्रयास किया
जय विजय-गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियन्स बीच चल रहे मैच में जय विजय के लिए हर मौका सही दिख रहा था।
लेकिन दुखी हो गई बल्लेबाजी। हार का एक भी मौका नहीं था।
मुंबई टाइटन्स की स्टार बल्लेबाज प्रियम गर्नर के साथ साझेदारी ने विरोधी टीम के अंतिम 20 ओवर में आड़ में खड़े रहने के साथ-२ शेष लिया।
चौथे ओवर में इसी कोशिश करते हुए मुंबई इंडियंस के गिरहदार को मिले 5 विकेट के बाद यह मु का एक भी मौका नहीं था।
गुजरात टाइटन्स की टीम ने वापसी का प्रयास करती हुई यह एक सुपीरियर टीम थी।
लेकिन मुंबई टाइटन्स की इस तरह की गेंदशप देख कर आप को खुशी हो गयी की।
जैसा कि मैंने पहले भी कहा, अगर दो-चार हफ्तों में फैंस को कुछ शोभा दें जाए, तो हो सकता है कि आप का का इस मैच के बाद का दिन-रविवार दिनभर अपने साथी पत्रकारों के साथ नचे बैठ जाए।
बुमराह को खेल देने वाले खिलाड़ियों ने मुंबई इंडियन्स के लिए जीत का बधाई देने की तैयारी की है।
आखिरकार जीत का मुँह तो दिया गया
समय के एक मिनट के क्रम में बुमराह की मारक गेंद दिखाने का जज्बा इस मैच की शोभा बीत कर जाने का मतलब बेवक्त लगा है।
मैच के दौरान गुजरात टाइटन्स के अंतिम बल्लेबाज सई सुधर्णन के मैच टाइटन्स के लिए जिताऊ प्रयश हो रहा था।
लेकिन गेंद पलटा और एक अच्छी गेंद में मुंबई इंडियंस के सूर्यकुमार यादव खिलाड़ियों ने विपक्षी प्रबंधन को शोभित होने का मौका दे दिया।
फैंस जानते हैं कि इस जीत के लिए केवल एक समय क्रिकेट खेलने का जज्बा प्रमुख रहा है।
ज्यों-ज्यों क्रिकेट खेलते रहेंगे, वैसे ही आप की शारीरिक क्षमता की बात कर रहेंगे।
