RBCL Virat Kohli ki Patelaa Koiinj, MI vs RCB IPL 2026 Mein
मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्ज़ बेंगलुरु के बीच खेले जा रहे आईपी एल 2026 के एक दिलचस्प मुकाबले के दौरान हाल ही में मौजूदा आईपी एल चैंपियन रॉयल चैलेंजर्ज़ विराट कोह्ली ने अपनी पीठ में चोट लगा कर केवल 19 वें ओवर पर मैदान छोड़ दिया।
विनाशी था विराट कोहली, जिन्होंने अपनी उम्र के खिलाफ जीतने के लिए आईपी एल में अपनी तकदीर बदलनी थी। उन्हाओ ने अपने 38 गेंदो के साथ 50 खिलाडियों का निशाना बनाया था। उन्होंने 5 काउंडर्स और 1 छक्का लगाया। कोह्ली की 131.57 की स्ट्राइक रेट उन्हें आईपी एल का सबसे खतरनाक खिलाडी बना देता।
कुछ दुरागाजी की घटनाएँ
आईपी एल के इस 19वें सत्र के सेमीफाइनल में ज्यादातर ध्यान विराट कोह्ली पर ही थे, लेकिन जब 19 वे ओवर में ही कोह्ली की चोट लग गई, तो विराट कोहली ने जैसे ही रन बनाए केवल 19वें ओवर तक आते ही वह मैदान छोड़कर अपना स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए देखते आए। खेल डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, वह चोट के कारण अब ट्रीटमेंट के लिए मुंबई नहीं आ पाएंगे।
कुछ समय पहले तक रॉयल चैलेंजर्ज़ बेंगलुरु के जीत के लिए विराट कोहली का ही नाम सुना जा रहा था, क्यूंकि विराट कोहली की बल्लेबाजी में बेवजह लाली बेवजह नहीं लगाई जा सकती।
विराट कोहली क्या सोच रहे होंगें।
क्यूंकि आईपी एल 2026 एक लंबी टूर्नामेंट है, इसलिए दोनों टीमों के चैंपियन प्रतियोगिता के लिए यह समय बिल्कुल सही है। इस टूर्नामेंट को जीतने के लिए दोनों टीमों के खेल से ही नहीं, बल्कि फिटनेस और टीम की क्षमता भी जरूरी है। अगर हमारी दो टीम्स की बात करें, तो मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपरकिंग्स भी अपने टूर्नामेंट का अच्छा अभ्यास करते आए हैं। हालांकि रॉयल चैलेंजर्ज़ बेंगलुरु की भी लालची बाजारों में इस टूर्नामेंट को जीतने का महत्व है।
कोहली के बिना चैंपियन कैसे बनेंगे रॉयल चैलेंजर्स
इतना खुलासा अब किसी मैच में हरी और बोतल को एक साथ देखकर बताई जा सकती हैं। चैंपियन का जादू बिना किसी चमत्कार के या किसी जड़ी-बूटी के इंतजाम के केवल दिनों की बाजारी हैै। अभी हाल में चैंपियन जोधपुर स्पॉट को मैदान पर गाजर की गाजर कांचे पूरे जाने जा था, लेकिन अब से उनका सफर लाचारी है।
दो टीमो का रोज़ मुकाबले के बारे में
इससे पिछले लेटेस्ट चैंपियन मुंबई इंडियन्स की टीम को उनके अंदर की हिम्मत और यंत्रत्री की क्षमताएं चुनौती का सम्मान स्वीकृति को अपनाना ही होगा। या फिर उनकी ताकद पूरी स्वीकृति की ही मांगा रहे होंगे।
गुज़शत और भाट से देखा जाये तो, खेल शैली में चेंट बैक प्रेशर ही ही अपनी बाजार बनाने में क्यूंकि इस प्रोसेस का मुकाबला होता था।
