विराट कोहली की फॉर्म पर क्यों नहीं है किसी को चिंता?
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होना किसी भी बल्लेबाज के लिए चिंता का सबब बन सकता है। जब यह बल्लेबाज विराट कोहली जैसा दिग्गज हो, तो शोर और आलोचनाएं और भी तेज हो जाती हैं। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ जाती है और फॉर्म को लेकर सवाल उठाए जाने लगते हैं। लेकिन इन सबके बीच कुणाल पांड्या की प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान खींचा है।
कुणाल पांड्या का अटूट विश्वास
कुणाल पांड्या ने विराट कोहली का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा, ‘विराट कोहली वही करेंगे जो विराट कोहली करते हैं।’ पांड्या का कहना है कि जब कोहली जैसे खिलाड़ी लगातार दो बार नाकाम होते हैं, तो वे चिंतित होने के बजाय और अधिक उत्साहित हो जाते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि कोहली वापसी करना बखूबी जानते हैं।
पांड्या ने आगे कहा, ‘विराट एक चैंपियन खिलाड़ी हैं। जब वह दो मैचों में नहीं चल पाते, तो मैं उत्साहित हो जाता हूं क्योंकि मुझे पता है कि वह वापसी करेंगे। हम उनके लिए कभी तनाव में नहीं होते। वह एक अलग ही स्तर के खिलाड़ी हैं और उनमें रनों की भूख कभी खत्म नहीं होती।’
क्या यह कोहली का पतन है?
अगर हम इस सीजन की बात करें, तो कोहली बिल्कुल भी फॉर्म से बाहर नहीं दिखे हैं। वास्तव में, आईपीएल 2026 में वह पहले से कहीं अधिक आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं और टीम के संघर्ष के बावजूद आरसीबी के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाज बने हुए हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली असफलताएं किसी बड़े पतन का संकेत नहीं, बल्कि एक खराब दौर भर है।
क्रिकेट में कभी-कभी बेहतरीन गेंदें भी किसी महान खिलाड़ी की पारी का अंत कर देती हैं। प्रिंस यादव की शानदार गेंद हो या दीपक चाहर का सटीक प्रहार, ये कुछ ऐसी घटनाएं थीं जिन्होंने कोहली के सफर को उस मैच में रोक दिया। लेकिन कोहली की खूबी यही है कि वह अपनी नाकामियों से निराश होने के बजाय उनसे और अधिक तीव्रता के साथ उभरते हैं।
एक खिलाड़ी के रूप में कोहली का कद
कोहली का करियर इस बात का गवाह है कि कठिन दौर ने हमेशा उन्हें और मजबूत बनाया है। यही वह भूख है जिसने उन्हें इतने वर्षों तक खेल के शिखर पर बनाए रखा है। आरसीबी के लिए भी, कोहली केवल एक बल्लेबाज नहीं बल्कि टीम के ‘इमोशनल इंजन’ हैं।
यादों के गलियारे से
कुणाल पांड्या ने पिछले साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मैच को याद करते हुए बताया कि कैसे कोहली के साथ बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है। पांड्या ने कहा, ‘जब विराट क्रीज पर होते हैं, तो चीजें बहुत आसान हो जाती हैं। उनकी ऊर्जा और आभा हमेशा आपको प्रेरित करती है। एक महान खिलाड़ी का दूसरे छोर पर होना बहुत बड़ी बात होती है।’
अंततः, क्रिकेट के जानकार और साथी खिलाड़ी जानते हैं कि विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को कम आंकना एक बड़ी भूल हो सकती है। उनकी कड़ी मेहनत और खेल के प्रति जुनून उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। आने वाले मुकाबलों में प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि कोहली एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आएंगे और आलोचकों का मुंह बंद करेंगे।
