मैदान से बाहर भी धोनी का जलवा बरकरार
महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर ही ‘कैप्टन कूल’ नहीं हैं, बल्कि वित्तीय जिम्मेदारी निभाने में भी वे किसी से पीछे नहीं हैं। हाल ही में आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी बिहार और झारखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता के रूप में उभरे हैं। यह उपलब्धि उनके खेल करियर के बाद की सफलता को दर्शाती है।
आयकर विभाग के आंकड़ों से मिली जानकारी
मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार और झारखंड से कुल 20,000 करोड़ रुपये का कर राजस्व एकत्र किया गया था, जिसमें से 12,000 करोड़ रुपये केवल झारखंड से आए। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड), डॉ. डी. सुधाकर राव ने मीडिया को संबोधित करते हुए पुष्टि की कि इन दोनों राज्यों में एमएस धोनी सबसे बड़े व्यक्तिगत करदाता रहे हैं।
निवेश का विस्तृत पोर्टफोलियो
धोनी की आर्थिक सफलता का राज उनके विविध निवेशों में छिपा है। मई 2026 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 1,060 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनकी सालाना आय का मुख्य स्रोत उनके ब्रांड एंडोर्समेंट, फ्रेंचाइजी क्रिकेट अनुबंध और विभिन्न स्टार्टअप्स में निवेश है।
- तकनीकी और फिनटेक: धोनी Cars24, Garuda Aerospace और KhataBook जैसे प्रमुख ब्रांडों के न केवल एंबेसडर हैं, बल्कि एक निवेशक भी हैं।
- खाद्य और पेय पदार्थ: वे Seven Ink Brews, House of Biryani और शाकाहारी मांस ब्रांड ‘Shaka Harry’ से जुड़े हुए हैं।
- खेल स्वामित्व: वे इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम चेन्नईyin FC और ‘माही रेसिंग टीम इंडिया’ के सह-मालिक भी हैं।
संपत्ति और विलासिता
धोनी का जीवन और उनके शौक भी उनकी विशाल संपत्ति के अनुरूप हैं। उनके पास रांची में एक 43 एकड़ का फार्म है जहां वे व्यावसायिक स्तर पर सब्जियों की खेती करते हैं। इसके अलावा, उनका सात एकड़ का लग्जरी घर किसी जन्नत से कम नहीं है, जिसमें एक विशेष ग्लास-वॉल गैरेज है। इस गैरेज में 100 से अधिक विंटेज और आधुनिक मोटरसाइकिलों का शानदार कलेक्शन मौजूद है। इन्हीं विविध व्यावसायिक स्रोतों के कारण, धोनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 38 करोड़ रुपये का आयकर भुगतान किया है।
भारतीय क्रिकेटरों में कर भुगतान की स्थिति
जब हम भारतीय क्रिकेटरों की बात करते हैं, तो कर भुगतान के मामले में विराट कोहली शीर्ष पर हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, विराट कोहली लगभग 66 करोड़ रुपये का वार्षिक आयकर देते हैं। उनकी आय के मुख्य स्रोतों में Puma, MRF, BCCI, IPL और उनकी खुद की कंपनी ‘One8’ शामिल है।
इस सूची में एमएस धोनी दूसरे स्थान पर हैं, जबकि महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर सालाना 28 करोड़ रुपये के कर भुगतान के साथ तीसरे स्थान पर हैं। ऋषभ पंत भी इस सूची में अपनी जगह बनाए हुए हैं, जिन्होंने 2023-24 में 10 करोड़ रुपये का आयकर दिया था।
निष्कर्ष
एमएस धोनी की यह उपलब्धि साबित करती है कि उन्होंने खेल से संन्यास लेने के बाद भी अपनी वित्तीय सूझबूझ और व्यावसायिक कौशल से अपनी पहचान कायम रखी है। चाहे वह तकनीक हो, खेल हो या कृषि, धोनी हर क्षेत्र में एक आदर्श उदाहरण बनकर उभर रहे हैं। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में इतना बड़ा कर योगदान देना न केवल उनकी सफलता को दर्शाता है, बल्कि देश के प्रति उनके समर्पण को भी उजागर करता है।
