इंग्लैंड क्रिकेट का बड़ा दांव: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्टार को सौंपी जिम्मेदारी
क्रिकेट के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिद्वंद्विता किसी से छिपी नहीं है। 1900 के दशक से चली आ रही यह ऐतिहासिक लड़ाई ‘एशेज’ के रूप में विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी जंग मानी जाती है। ऐसे में यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इंग्लैंड की टीम को संवारने में अहम भूमिका निभाएगा। लेकिन, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक ऐसा चौंकाने वाला फैसला लिया है जिसने पूरे खेल जगत को हैरान कर दिया है।
मार्कस नॉर्थ की नियुक्ति: एक नया युग
खबरों के अनुसार, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और डरहम के क्रिकेट निदेशक मार्कस नॉर्थ को इंग्लैंड का नया नेशनल सिलेक्टर नियुक्त किया जा रहा है। वे ल्यूक राइट की जगह लेंगे, जिन्होंने एशेज में इंग्लैंड की शर्मनाक हार के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ ने इस दौड़ में डैरेन गफ और स्टीवन फिन जैसे पूर्व इंग्लिश गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक ईसीबी आधिकारिक रूप से इस नियुक्ति की घोषणा कर देगा।
अधिकारों में वृद्धि: ल्यूक राइट से बड़ी भूमिका
यह नियुक्ति केवल नाम की नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, मार्कस नॉर्थ को ल्यूक राइट की तुलना में अधिक अधिकार दिए जाएंगे। जहां राइट केवल एक चयनकर्ता की भूमिका में थे, वहीं नॉर्थ को ईसीबी में एक वरिष्ठ पद सौंपा गया है। उन्हें टीम चयन में काफी हद तक स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त होगी। स्टिवन फिन को इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन नॉर्थ का प्रशासनिक अनुभव उनके पक्ष में साबित हुआ।
काउंटी क्रिकेट में नॉर्थ का प्रभाव
मार्कस नॉर्थ को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में उनका अनुभव है। उन्होंने न केवल काउंटी क्रिकेट खेला है, बल्कि खिलाड़ियों की पहचान करने (स्काउटिंग) में भी अपनी दक्षता साबित की है। उनके मार्गदर्शन में डरहम क्रिकेट क्लब ने 2016 की वित्तीय गिरावट से उबरकर एक मजबूत टीम के रूप में वापसी की है। इतना ही नहीं, उन्होंने एमिलियो गे और बेन मैकिनी जैसे युवा प्रतिभाशाली बल्लेबाजों को तराशा है, जो जल्द ही इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं। काउंटी क्रिकेट के अलावा, उन्होंने ‘द हंड्रेड’ लीग में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
मार्कस नॉर्थ का क्रिकेट सफर
46 वर्षीय मार्कस नॉर्थ का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बहुत लंबा न रहा हो, लेकिन उनके पास अनुभव की कमी नहीं है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 2008-09 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में शानदार शतक जड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, 2009 की एशेज सीरीज के बाद उनके प्रदर्शन में गिरावट आई और 2010 में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 21 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 35 की औसत से 1171 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने कुछ वनडे और टी20 मैच भी खेले हैं।
आगे की राह
यदि अगले सप्ताह आधिकारिक नियुक्ति होती है, तो नॉर्थ की पहली बड़ी परीक्षा जून की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज के लिए टीम का चयन करना होगा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज इंग्लैंड की टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जा पाएगा या यह प्रयोग ईसीबी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। इंग्लैंड की टीम फिलहाल अपने प्रदर्शन में निरंतरता लाने के लिए संघर्ष कर रही है और नॉर्थ का अनुभव निश्चित रूप से एक नई सोच और रणनीति लेकर आएगा। प्रशंसकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या दुश्मन देश का यह खिलाड़ी ‘थ्री लायंस’ के लिए किस्मत बदल पाएगा।
