IPL की सबसे महंगी टीमें: क्या बदल गया है बाजार का रुख?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे अमीर और प्रभावशाली क्रिकेट लीग है। लेकिन, हाल ही में ‘Stockgo’ द्वारा जारी की गई टीमों की नेट वर्थ और ब्रांड स्ट्रेंथ की रैंकिंग ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। इस रैंकिंग में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का टॉप 3 से बाहर होना कई प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है।
RCB का जलवा बरकरार
ताजा आंकड़ों के अनुसार, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 16,706 करोड़ रुपये की नेट वर्थ के साथ सूची में सबसे ऊपर है। यह दर्शाता है कि बिना आईपीएल ट्रॉफी जीते भी RCB का कमर्शियल प्रभाव कितना विशाल है। विराट कोहली का प्रभाव, वैश्विक स्तर पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग, डिजिटल एंगेजमेंट और मजबूत स्पॉन्सरशिप ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।
टॉप 3 में कौन-कौन शामिल?
रैंकिंग में राजस्थान रॉयल्स (RR) 15,300 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि मुंबई इंडियंस (MI) 13,500 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। चेन्नई सुपर किंग्स अब 11,300 करोड़ रुपये की नेट वर्थ के साथ चौथे स्थान पर खिसक गई है।
MS धोनी के बाद CSK के ब्रांड पर असर
ऐतिहासिक रूप से, CSK आईपीएल की सबसे प्रभावशाली टीमों में से एक रही है। इसका मुख्य कारण टीम की निरंतरता और एमएस धोनी का नेतृत्व था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि धोनी द्वारा कप्तानी छोड़ने के बाद से टीम की ब्रांड वैल्यू में गिरावट देखी गई है। ऋतुराज गायकवाड़ और डेवाल्ड ब्रेविस जैसे खिलाड़ियों के पास टीम में अपार प्रतिभा है, लेकिन अभी तक वे धोनी जैसी ‘मार्केट पुल’ हासिल करने में सफल नहीं हो पाए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संजू सैमसन के टीम में शामिल होने के बाद क्या CSK की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
IPL 2026: धोनी के बिना चेन्नई की चुनौती
मैदान के बाहर आर्थिक आंकड़ों के अलावा, मैदान के अंदर भी CSK के लिए राह आसान नहीं है। IPL 2026 के सीजन में टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और वे शुरुआती तीन मैच हारकर अंक तालिका में सबसे नीचे पहुंच गए थे। हालांकि, टीम ने शानदार वापसी की और अब 10 मैचों में 5 जीत के साथ वे छठे स्थान पर हैं।
सबसे बड़ा सवाल एमएस धोनी की फिटनेस को लेकर है। काफ इंजरी के कारण धोनी अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। टीम प्रबंधन की ओर से उनकी वापसी पर कोई स्पष्ट जानकारी न होने के कारण प्रशंसकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्लेऑफ की राह और समीकरण
CSK के लिए प्लेऑफ का गणित अब बिल्कुल साफ है। टीम के पास लीग चरण के चार मैच और बचे हैं। प्लेऑफ में सुरक्षित जगह बनाने के लिए सामान्यतः 16 अंक जरूरी होते हैं। यदि चेन्नई को अपनी दावेदारी मजबूत रखनी है, तो उन्हें बचे हुए चार में से कम से कम तीन मैचों में जीत हासिल करनी होगी। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हालिया जीत ने टीम का मनोबल बढ़ाया है और वे अब मजबूती से अपनी क्वालिफिकेशन की दौड़ में बने हुए हैं।
यह देखना सुखद होगा कि क्या धोनी की अनुपस्थिति में युवा खिलाड़ी दबाव के इस क्षण में टीम को प्लेऑफ तक पहुंचा पाते हैं या नहीं। क्रिकेट का खेल अनिश्चितताओं से भरा है, और चेन्नई के प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी टीम न केवल पॉइंट टेबल में ऊपर जाएगी, बल्कि ब्रांड वैल्यू की इस दौड़ में भी फिर से वापसी करेगी।
