गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाइल पर उठ रहे हैं सवाल
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर इन दिनों काफी दबाव में हैं। 2024 में पदभार संभालने के बाद से, जहां व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में भारत का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, वहीं टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन चिंताजनक बना हुआ है। घरेलू सीरीज में हार और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी व वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में निराशाजनक परिणामों ने गंभीर की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
इसी बीच, गंभीर के पूर्व साथी अतुल वासन ने एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान गंभीर की पर्सनैलिटी और कोचिंग शैली को लेकर विस्फोटक दावे किए हैं। वासन के इन बयानों ने भारतीय क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है।
अतुल वासन ने गंभीर को ‘बुली’ करार दिया
अतुल वासन, जो गंभीर को बचपन से जानते हैं, ने उन पर ‘मेरी बात मानो या बाहर जाओ’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘गंभीर का स्वभाव बहुत आक्रामक है। वे दिल्ली क्रिकेट के दिनों से ही दबदबा बनाने की कोशिश करते रहे हैं। उनका अहंकार अलग स्तर का है। वे चाहते हैं कि अगर वे कहें कि दिन में रात है, तो सब उसे ही सच मानें। जो खिलाड़ी उनकी बात नहीं मानते, वे उनके निशाने पर आ जाते हैं।’
वासन का मानना है कि गंभीर का यह आक्रामक रवैया टीम के माहौल को नकारात्मक बना सकता है। हालांकि, वासन ने यह भी माना कि यही आक्रामक स्वभाव उन्हें मैदान पर सफलता दिलाने में मददगार रहा है, लेकिन कोचिंग के स्तर पर यह तरीका हमेशा सही नहीं होता।
खिलाड़ियों में डर का माहौल?
सबसे गंभीर आरोप यह है कि गंभीर की मौजूदगी में खिलाड़ी खुलकर अपनी बात रखने से डरते हैं। वासन का कहना है, ‘सभी खिलाड़ी खुश नहीं हो सकते। कई खिलाड़ी कांटों पर सो रहे होंगे। जब कोच की पर्सनैलिटी इतनी मजबूत हो और पसंद-नापसंद का इतना बोलबाला हो, तो दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। जब तक आप जीत रहे हैं, तब तक सब ठीक लगता है, लेकिन हारने पर कोच को आलोचना झेलनी ही पड़ती है।’
वासन ने किसी खिलाड़ी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि टीम के अंदर कुछ खिलाड़ी गंभीर की शैली से असहज महसूस कर रहे हैं।
रोहित और कोहली के साथ मतभेदों की चर्चा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ गंभीर के संबंधों को लेकर पहले से ही तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चाएं हैं कि गंभीर 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए इन दोनों दिग्गजों को वनडे टीम से बाहर करना चाहते हैं क्योंकि उनकी उम्र बढ़ रही है।
हालांकि, कोहली और रोहित का वर्तमान फॉर्म लाजवाब है, जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर करना किसी भी कोच के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। यह स्थिति गंभीर के लिए एक चौराहे जैसी है, जहां उन्हें अपने फैसलों और टीम के संतुलन के बीच तालमेल बिठाना होगा।
क्या है टीम इंडिया का भविष्य?
जैसे-जैसे 2027 वर्ल्ड कप का समय करीब आ रहा है, भारतीय क्रिकेट प्रबंधन के भीतर तनाव और अधिक स्पष्ट होता जा रहा है। कोच गौतम गंभीर के लिए अब यह आवश्यक हो गया है कि वे न केवल मैदान पर परिणामों में सुधार करें, बल्कि ड्रेसिंग रूम के अंदर विश्वास का माहौल भी बहाल करें।
भारतीय क्रिकेट प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि ये विवाद टीम के प्रदर्शन पर हावी न हों और प्रबंधन जल्द ही टीम के हित में कोई ठोस रास्ता निकालेगा। आने वाले दिनों में भारतीय क्रिकेट के भीतर कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करेंगे कि बोर्ड और कोच किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

