राजनीति से मोहभंग: मनोज तिवारी का बड़ा बयान

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने राजनीति की दुनिया को अलविदा कह दिया है। हाल ही में बंगाल चुनावों के परिणामों के बाद, टीएमसी (Trinamool Congress) के खराब प्रदर्शन और पार्टी की कार्यप्रणाली पर उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। 40 वर्षीय मनोज तिवारी ने न केवल राजनीति छोड़ने का ऐलान किया, बल्कि पार्टी के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

टिकट के लिए 5 करोड़ की मांग का सनसनीखेज दावा

मनोज तिवारी ने पीटीआई (PTI) के साथ बातचीत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट देने के बदले 5 करोड़ रुपये देने को कहा गया था। तिवारी ने कहा, ‘यह हार मेरे लिए बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं है। ऐसा होना ही था क्योंकि वहां कोई विकास नहीं हुआ और पार्टी भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त रही। मुझसे टिकट के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे गए थे, जिसे मैंने देने से साफ मना कर दिया।’

तिवारी ने आगे कहा, ‘मेरे पास जानकारी है कि लगभग 70 से 72 लोगों ने टिकट हासिल करने के लिए यह मोटी रकम चुकाई है, और आप खुद देख सकते हैं कि उनमें से कितने लोग चुनाव जीत पाए।’

‘विधायक के तौर पर काम करना चुनौतीपूर्ण था’

पूर्व आईपीएल विजेता और केकेआर (KKR) के सदस्य रहे मनोज तिवारी ने अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान आई चुनौतियों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि शिबपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए उन्हें कितनी जद्दोजहद करनी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘एक विधायक होने के बावजूद, मुझे अपने क्षेत्र में जल निकासी (drainage) जैसे बुनियादी कार्यों के लिए दर-दर भटकना पड़ा। लोग इस पर ध्यान नहीं देते थे। कई मौकों पर मैंने अपने निजी पैसों से काम पूरा करवाया।’

तिवारी ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हर साल जल निकासी प्रणाली को अपग्रेड करने का वादा किया जाता था, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ।

खेल मंत्री के रूप में असुरक्षा और राजनीति

खेल मंत्रालय के अपने समय को याद करते हुए तिवारी ने तत्कालीन खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘अरूप दा को खेल के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है। ऐसे कई कार्यक्रम होते थे जहां हम दोनों मौजूद होते थे, और मुझे मंच पर आमंत्रित किया जाता था, जिससे वे असुरक्षित महसूस करते थे।’

मेसी का कोलकाता दौरा और दूरी

लिओनेल मेसी के कोलकाता दौरे के संदर्भ में मनोज तिवारी ने एक और खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे पहले ही अहसास हो गया था कि कुछ गड़बड़ होने वाली है। आम जनता को गुमराह किया जा रहा था और मैं उस नाटक का हिस्सा नहीं बनना चाहता था।’

राजनीतिक करियर का अंत

जब मनोज तिवारी से उनके भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राजनीति का वह अध्याय अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। पांच साल के संघर्ष और अनुभव के बाद, तिवारी अब क्रिकेट और अपनी व्यक्तिगत शांति पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उनका यह बयान बंगाल की राजनीति में टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि एक सेलिब्रिटी चेहरे का इस तरह से पार्टी छोड़ने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से छवि पर गहरा असर पड़ता है।

मनोज तिवारी का यह सफर एक खिलाड़ी से राजनेता और फिर वापस सामान्य जीवन की ओर एक बड़ा सबक है। उनके आरोप अब जांच का विषय हो सकते हैं, लेकिन निश्चित रूप से यह मामला लंबे समय तक चर्चा में बना रहेगा।

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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