मुंबई इंडियंस की चुनौतीपूर्ण स्थिति और कम स्कोर का बचाव
मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। इस मुकाबले में भी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर केवल 159 रन लगाए। इतने छोटे स्कोर के साथ, यह स्पष्ट था कि मुंबई के गेंदबाजों को हर एक मौके को विकेट में तब्दील करना होगा। पिछले मैच में 240 से अधिक रनों के स्कोर का बचाव करने में विफल रहने के बाद, मुंबई की गेंदबाजी इकाई पर इस सीजन के अपने सबसे कम स्कोर की रक्षा करने का भारी दबाव था। प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए यह जीत उनके लिए अनिवार्य थी।
विल जैक्स की बड़ी गलती और जसप्रीत बुमराह की निराशा
मैच का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब जसप्रीत बुमराह नई गेंद के साथ आक्रमण पर थे। बुमराह ने अपनी सधी हुई गेंदबाजी से दबाव बनाना शुरू किया। इसी दौरान, संजू सैमसन—जो पिछले मुकाबले में शतक जड़ चुके थे—मुंबई के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर क्रीज पर मौजूद थे। बुमराह ने एक बेहतरीन गेंद फेंकी जो ऑफ स्टंप के बाहर टप्पा खाकर थोड़ी उछली। सैमसन ने इस गेंद के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे पहली स्लिप में तैनात विल जैक्स के पास गई।
वहां खड़े विल जैक्स के पास यह मैच का सबसे आसान कैच हो सकता था, जिसे अक्सर ‘सिटर’ कहा जाता है। लेकिन जैक्स ने इस साधारण से मौके को गंवा दिया और गेंद उनके हाथों से छिटक गई। इस ड्रॉप कैच को देखकर जसप्रीत बुमराह के चेहरे पर गहरी निराशा साफ झलक रही थी, हालांकि उन्होंने एक फीकी मुस्कान के साथ अपनी हताशा को छिपाने की कोशिश की। बुमराह जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज के लिए, जो पहले से ही विकेटों की कमी से जूझ रहे हैं, यह पल वाकई में कष्टदायक था।
संजू सैमसन का विकेट और रयान रिकलटन की शानदार फील्डिंग
जीवनदान मिलने के बाद, संजू सैमसन ने अगली तीन गेंदों पर पांच रन बटोरे, जिसमें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक शानदार चौका भी शामिल था। ऐसा लग रहा था कि यह ड्रॉप कैच मुंबई को बहुत महंगा पड़ने वाला है। हालांकि, बुमराह ने हार नहीं मानी और अपनी अगली ही जादुई गेंद से भारतीय टीम के अपने साथी को चकमा दे दिया। बुमराह ने एक सटीक आउटस्विंगर फेंकी, जिसे चेपॉक की पिच से मिली अतिरिक्त उछाल ने और भी घातक बना दिया।
सैमसन ने इस गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर की ओर गई। इस बार रयान रिकलटन ने अपने दाईं ओर गोता लगाते हुए एक शानदार कैच लपका। सैमसन 11 रनों की संक्षिप्त पारी खेलकर पवेलियन लौटे। इस विकेट के बाद मैदान पर सबसे ज्यादा राहत विल जैक्स के चेहरे पर देखी गई, जिन्होंने कुछ ही देर पहले एक आसान मौका गंवाया था।
मुंबई इंडियंस का सीजन और गेंदबाजी की विफलता
इस मैच से पहले मुंबई इंडियंस अंक तालिका में नौवें स्थान पर थी। आठ मैचों में केवल दो जीत के साथ, उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। हालांकि टीम ने कुछ मुकाबलों में बड़ा स्कोर बनाया है, लेकिन उनके गेंदबाज उन रनों का बचाव करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। गेंदबाजी की इसी कमजोरी के कारण मुंबई इस आईपीएल में अब तक कोई निरंतरता नहीं दिखा पाई है।
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रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी पारी और चेन्नई की स्थिति
दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के लिए इस सीजन की शुरुआत काफी धीमी रही थी। शुरुआती मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 105 से भी नीचे था, जो टी20 प्रारूप के लिहाज से चिंता का विषय था। लेकिन जब उनकी टीम गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुश्किल में थी, तब कप्तान ने अपनी जिम्मेदारी समझी और फॉर्म में वापसी की।
रुतुराज ने पिछले मैच से मिले आत्मविश्वास को इस मुकाबले में भी बरकरार रखा है। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गायकवाड़ एक बार फिर मोर्चे से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक, वह 36 रनों पर नाबाद थे और अपनी टीम को जीत की ओर ले जा रहे थे। उनकी बल्लेबाजी में अब वही पुरानी लय नजर आ रही है, जिसने उन्हें आईपीएल के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की सूची में शामिल किया है।
निष्कर्ष
क्रिकेट में कहा जाता है कि ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’, और विल जैक्स की उस गलती ने मुंबई के खेमे में हलचल मचा दी थी। हालांकि बुमराह ने सैमसन को जल्द ही आउट कर अपनी क्लास दिखाई, लेकिन मुंबई के लिए राह अब भी कठिन है। रुतुराज गायकवाड़ की फॉर्म और मुंबई की गेंदबाजी की कमजोरी इस मैच का परिणाम तय करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
