शाकिब अल हसन ने राजनीति और जुलाई आंदोलन पर तोड़ी चुप्पी
बांग्लादेश क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार शाकिब अल हसन पिछले कुछ समय से मैदान से दूर हैं और कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में सरकार गिरने के बाद, शाकिब पर कई गंभीर आरोप लगे, जिनमें एक हत्या का मामला भी शामिल है। भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट के बाद से उन्होंने बांग्लादेश के लिए कोई मैच नहीं खेला है। हाल ही में bdnews24.com को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में, उन्होंने अपने राजनीतिक करियर और जुलाई के आंदोलन को लेकर पहली बार खुलकर बात की है।
जुलाई आंदोलन और राजनीतिक स्थिति पर शाकिब का रुख
शाकिब ने स्पष्ट किया कि जब बांग्लादेश में जुलाई आंदोलन चरम पर था, तब वे देश से बाहर थे। उन्होंने कहा, ‘वर्ल्ड कप 2024 से पहले मैं अमेरिका गया था। उसके बाद मैं मेजर लीग क्रिकेट और कनाडा में ग्लोबल टी20 खेलने में व्यस्त था। इंटरनेट बंद होने के कारण मुझे घटनाओं की पूरी जानकारी नहीं थी। मैं मानता हूं कि अगर मैं देश में होता, तो शायद स्थिति की गंभीरता को बेहतर समझ पाता।’
सोशल मीडिया पर पोस्ट न करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कई लोगों को उम्मीद थी कि मैं फेसबुक पर कुछ लिखूंगा। सरकार ने भी शांति के लिए संदेश देने को कहा था, लेकिन क्या इससे स्थिति बदल जाती? यह एक बड़ा सवाल है। हर किसी की जान कीमती है, चाहे वो प्रदर्शनकारी हों या पुलिस अधिकारी। मैंने कभी भी आंदोलन के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।’
अवामी लीग के साथ वफादारी
राजनीति में शामिल होने और अवामी लीग का प्रतिनिधित्व करने के बारे में पूछे जाने पर शाकिब ने बहुत ही सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहा हूं। मुझे दल बदलने की आदत नहीं है। अगर मैं किसी टीम या विचारधारा से जुड़ता हूं, तो उसके साथ बना रहता हूं। अवामी लीग पर प्रतिबंध के सवाल पर शाकिब ने कहा कि राजनीति में लोकतंत्र महत्वपूर्ण है और लोगों को अपनी पसंद की पार्टी चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। किसी को हमेशा के लिए प्रतिबंधित करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।’
देशभक्ति पर उठे सवालों का जवाब
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो, जिसमें उनसे पूछा गया था कि उन्होंने देश के लिए क्या किया है, पर शाकिब ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल किया, ‘क्या 15-16 साल तक राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना देश के लिए कुछ करना नहीं है? क्या फेसबुक पर पोस्ट करना देश सेवा से बड़ा है?’ उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा से अपनी मेहनत और खेल के जरिए देश का नाम रोशन करने में विश्वास रखते हैं।
भविष्य की राह
शाकिब ने साफ किया कि राजनीति के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन फिलहाल उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर है। न्यूयॉर्क में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ देखे जाने पर उन्होंने कहा कि वहां की राजनीति बांग्लादेश से अलग है। लोग वहां अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद मिलजुलकर रहते हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। शाकिब के इस बयान से यह स्पष्ट है कि वे अपने राजनीतिक अस्तित्व को लेकर पूरी तरह से अडिग हैं और अब आने वाले समय में वे क्रिकेट के मैदान पर अपनी वापसी की राह तलाश रहे हैं।
अंत में, शाकिब का यह साक्षात्कार उनके प्रशंसकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने उन सभी कयासों पर विराम लगाने की कोशिश की है जो उनके दल बदलने या राजनीति छोड़ने को लेकर लगाए जा रहे थे। अब देखना यह होगा कि क्रिकेट के मैदान पर उनकी वापसी कब होती है।
