अंशुल कंबोज: एक अनजान खिलाड़ी से आईपीएल का सुपरस्टार बनने तक का सफर
आईपीएल 2026 के इस सीजन में अगर किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, तो वह हैं अंशुल कंबोज। हरियाणा के इस तेज गेंदबाज का सफर काफी दिलचस्प रहा है। 2024 में मुंबई इंडियंस के खेमे में रहने के बावजूद उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने का सही मौका नहीं मिल पाया था। लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और आज परिणाम सबके सामने है।
सीएसके का मास्टर प्लान और कंबोज की नई लय
अंशुल कंबोज की सफलता के पीछे सीएसके के कोचिंग स्टाफ, विशेषकर एरिक सिमंस की बड़ी भूमिका रही है। पूर्व क्रिकेटर मिचेल मैक्लेनाघन का मानना है कि कंबोज को अब अपनी गेंदबाजी का ‘प्लान’ मिल गया है। वे कहते हैं, सीएसके में आने से पहले शायद उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि डेथ ओवरों में उन्हें क्या करना है, लेकिन अब उन्होंने एक ऐसा रास्ता खोज लिया है जो उनके लिए काम कर रहा है।
एक ‘थ्री-फेज’ गेंदबाज की खूबी
अंबाती रायडू ने कंबोज की तारीफ करते हुए उन्हें एक विशेष गेंदबाज करार दिया है। रायडू ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के ‘टाइमआउट’ शो पर कहा, उनकी पावरप्ले, मिडिल ओवर्स और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करने की क्षमता उन्हें उन टॉप-5 गेंदबाजों की सूची में लाती है जो आईपीएल में कभी खेले हैं। हर कोई तीनों चरणों में सफल नहीं हो पाता, लेकिन कंबोज यह बखूबी कर रहे हैं।
गेंदबाजी में सटीकता और अनुशासन
मैक्लेनाघन के अनुसार, कंबोज की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘सिक्स-टू-एट’ मीटर की लेंथ पर गेंद डालने की क्षमता है। वे कहते हैं, कंबोज अब जोश हेजलवुड, मोहम्मद सिराज और भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाजों की श्रेणी में आ गए हैं। उनकी गेंद में जो हल्का सीम मूवमेंट होता है, उसे संभालना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं है।
मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग का नजरिया
चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग कंबोज के प्रदर्शन से हैरान नहीं हैं। उन्होंने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यह हमारे लिए कोई सरप्राइज नहीं है। उन्होंने एरिक सिमंस के साथ डेथ बॉलिंग की अवधारणा पर काफी मेहनत की है। उन्होंने दबाव में गेंदबाजी करने और कोणों को समझने की कला विकसित की है, जो बहुत प्रभावशाली है।
भविष्य की चुनौतियां और विकास की संभावनाएं
भले ही कंबोज का प्रदर्शन लाजवाब रहा हो, लेकिन अंबाती रायडू का मानना है कि उन्हें अभी और विकसित होने की जरूरत है। रायडू ने सलाह दी कि कंबोज को अपनी स्लोअर गेंदों पर काम करने और जब चीजें उनके अनुकूल न हों, तो ‘ओवर द स्टंप्स’ गेंदबाजी करने के नए तरीके सीखने की आवश्यकता है। अगर वे ऐसा कर पाते हैं, तो वे और भी घातक साबित होंगे।
निष्कर्ष
अंशुल कंबोज का अब तक का सीजन शानदार रहा है। 9 मैचों में 17 विकेट लेना और निरंतरता बनाए रखना इस बात का प्रमाण है कि वे एक परिपक्व गेंदबाज के रूप में विकसित हो चुके हैं। वे न केवल सीएसके के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, बल्कि भविष्य के भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। क्या वे इस सीजन में पर्पल कैप अपने नाम कर पाएंगे? यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।
