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चिन्नास्वामी में कोहली-पडिक्कल का जलवा
आईपीएल 2024 के एक रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को पांच विकेट से मात देकर अपने घरेलू दर्शकों का दिल जीत लिया। इस मैच में साई सुदर्शन का 58 गेंदों में जड़ा गया शानदार शतक अंततः व्यर्थ साबित हुआ, क्योंकि कोहली और पडिक्कल की जोड़ी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आतिशी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
साई सुदर्शन का ऐतिहासिक शतक
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार के लिए सही साबित हुआ। पिच की शुरुआत में धीमी और चिपचिपी स्थिति का फायदा उठाते हुए आरसीबी के गेंदबाजों ने गुजरात को बांधे रखा। साई सुदर्शन ने पारी को संयम के साथ आगे बढ़ाया और 100 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने आईपीएल में 2000 रन पूरे करने का कीर्तिमान भी बनाया और क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़कर सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। हालांकि, गुजरात की टीम डेथ ओवर्स में तेजी से रन नहीं बना सकी और 205 रनों का लक्ष्य ही खड़ा कर पाई।
कोहली और पडिक्कल की आक्रामक शुरुआत
206 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी को एक मजबूत शुरुआत की जरूरत थी। विराट कोहली को पारी की पहली ही गेंद पर जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। कोहली ने 44 गेंदों में 81 रनों की तूफानी पारी खेली। दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल ने अपनी लय दिखाते हुए केवल 27 गेंदों में 55 रन जड़ दिए। इन दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए महज 9.5 ओवरों में 115 रनों की साझेदारी करके मैच को गुजरात के हाथों से पूरी तरह छीन लिया।
गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा
गुजरात के स्पिनर राशिद खान ने विकेट लेने की कोशिश की, लेकिन पडिक्कल और कोहली के सामने उनकी एक न चली। पडिक्कल ने तो राशिद की गेंदों पर छक्कों की बरसात कर दी और मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, आरसीबी की पारी के अंतिम चरणों में कुछ विकेट जल्दी गिरे, जिससे मैच में थोड़ा रोमांच पैदा हुआ। आरसीबी को आखिरी चार ओवरों में 31 रनों की दरकार थी और उनके पांच विकेट गिर चुके थे, लेकिन अंत में क्रुणाल पांड्या ने शांतचित्त रहकर टीम को जीत दिलाई।
मैच के निर्णायक मोड़
गुजरात टाइटंस की ओर से 16 ओवरों तक स्कोरबोर्ड काफी मजबूत दिख रहा था, लेकिन सुयश शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और हेज़लवुड की कसी हुई गेंदबाजी ने रनों की गति को थाम लिया। आखिरी ओवरों में चोटिल खिलाड़ियों और मेडिकल ब्रेक के कारण भी खेल में रुकावटें आईं, लेकिन अंततः आरसीबी ने सात गेंद शेष रहते हुए जीत दर्ज की। क्रुणाल पांड्या ने 18वें ओवर में आक्रामक रुख अपनाते हुए मैच को पूरी तरह आरसीबी के पक्ष में मोड़ दिया।
निष्कर्ष
यह जीत आरसीबी के लिए न केवल मनोबल बढ़ाने वाली है बल्कि अंक तालिका में भी उनकी स्थिति को मजबूत करती है। विराट कोहली की निरंतरता और देवदत्त पडिक्कल की युवा ऊर्जा ने दिखाया कि चिन्नास्वामी की पिच पर बड़े लक्ष्य को हासिल करना नामुमकिन नहीं है। गुजरात टाइटंस के लिए साई सुदर्शन का शतक एक व्यक्तिगत उपलब्धि रही, लेकिन टीम के तौर पर उन्हें डेथ ओवरों की गेंदबाजी और बल्लेबाजी में सुधार की आवश्यकता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच एक यादगार शाम साबित हुआ, जहां बल्लेबाजों का बोलबाला रहा।
