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दिल्ली की हार: क्या रणनीति में हुई बड़ी चूक?

शनिवार की शाम का आईपीएल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने 264 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे देखकर लग रहा था कि जीत पक्की है। लेकिन, पंजाब किंग्स (PBKS) ने इतिहास रचते हुए सात गेंद शेष रहते ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। यह आईपीएल के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज बन गया है।

इस मुकाबले के बाद ईएसपीएनक्रिकइंफो के ‘टाइमआउट’ शो पर बात करते हुए पूर्व क्रिकेटर कार्लोस ब्रैथवेट ने दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी रणनीति की कड़ी आलोचना की। ब्रैथवेट का मानना है कि दिल्ली ने शुरुआत में अपनी गेंदबाजी के साथ पर्याप्त सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे पंजाब के बल्लेबाजों को लय मिल गई।

गेंदबाजी बदलावों पर उठते सवाल

ब्रैथवेट ने मैच के विश्लेषण में बताया कि दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने पावरप्ले के शुरुआती पांच ओवरों में ऑकिब नबी और मुकेश कुमार को चार ओवर दिए, जिन्होंने 87 रन लुटाए। नबी और मुकेश का इकॉनमी रेट इस दौरान 21.75 रहा, जो किसी भी टी20 मैच के लिए विनाशकारी है। अक्षर पटेल ने खुद तीसरे ओवर में 20 रन दिए।

ब्रैथवेट ने कहा, ‘जब आप 260 से ज्यादा रन बनाते हैं, तो आपको रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है, बल्कि एक आक्रामक मानसिकता की आवश्यकता होती है। मैंने देखा कि टी नटराजन ने पावरप्ले में केवल एक ही ओवर फेंका। दिल्ली को और अधिक सक्रिय होना चाहिए था।’

कुलदीप और नटराजन की भूमिका

पूर्व ऑलराउंडर ने सुझाव दिया कि कुलदीप यादव को जल्दी लाना चाहिए था। भले ही उन्हें विकेट न मिलता, लेकिन वे रनों की गति को रोक सकते थे। ब्रैथवेट के अनुसार, ‘अगर नटराजन और कुलदीप ने शुरुआती छह ओवरों में तीन ओवर फेंके होते और पंजाब 65 रन ही बनाता, तो पंजाब के ऊपर दबाव बहुत अधिक होता। नटराजन ने पिच के व्यवहार को समझकर गेंदबाजी की थी, लेकिन उनका सही इस्तेमाल नहीं हो पाया।’

श्रेयस अय्यर का शानदार प्रदर्शन

पंजाब की ओर से प्रभसिमरन सिंह (26 गेंदों में 76 रन) और प्रियांश आर्या (17 गेंदों में 43 रन) की धुआंधार शुरुआत ने श्रेयस अय्यर के लिए मंच तैयार कर दिया। ब्रैथवेट ने कहा कि जब शुरुआती जोड़ी इतना शानदार खेल दिखाती है, तो नंबर चार पर आने वाले बल्लेबाज को दबाव महसूस नहीं होता। अय्यर ने नाबाद 71 रन बनाकर खेल का रुख मोड़ दिया।

उन्होंने आगे कहा, ‘वे इतनी अच्छी शुरुआत कर चुके थे कि श्रेयस को सेट होने का मौका मिला। अगर लक्ष्य 200 से अधिक होता और शुरुआती विकेट जल्दी गिरते, तो किसी भी बल्लेबाज के लिए 19 या 20 रन प्रति ओवर की गति से खेलना नामुमकिन होता।’

प्रभसिमरन की बल्लेबाजी की तकनीक

दूसरी ओर, दीप दासगुप्ता ने प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इसे सिर्फ ‘हिटिंग’ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दोनों बल्लेबाज बेहद सामान्य और शुद्ध क्रिकेट शॉट्स खेल रहे थे।

ब्रैथवेट ने भी प्रभसिमरन की सराहना करते हुए कहा, ‘वह जानता है कि गेंदबाज कब धीमी गेंद डालने वाला है। वह क्रीज का इस्तेमाल करना जानता है, आगे बढ़कर प्रहार कर सकता है या सिर के ऊपर से शॉट खेल सकता है। जब एक बल्लेबाज गेंदबाज के दिमाग से खेलता है, तो गेंदबाज घबरा जाता है, और यही पंजाब की शुरुआती साझेदारी ने दिल्ली के गेंदबाजों के साथ किया।’

निश्चित रूप से, दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार एक बड़ा सबक है। टी20 क्रिकेट में बड़े स्कोर का बचाव करने के लिए केवल रन बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि गेंदबाजी के दौरान सही समय पर सही गेंदबाजों का इस्तेमाल करना जीत और हार के बीच का अंतर तय करता है। दिल्ली को आगामी मैचों में अपनी गेंदबाजी रोटेशन पर फिर से विचार करना होगा।

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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