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नाहिद राणा ने माशराफी के रिकॉर्ड की बराबरी की, मुस्तफीजुर को छोड़ा पीछे
बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने हाल ही में समाप्त हुई न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता है। यह उपलब्धि उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इस जीत के साथ ही वे बांग्लादेश के क्रिकेट इतिहास में एक महान नाम के साथ बराबरी पर आ गए हैं।
खराब शुरुआत के बाद आई शानदार वापसी
सीरीज के पहले मैच में नाहिद राणा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने 10 ओवर में 65 रन दिए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। लेकिन इसके बाद उन्होंने अगले दो मैचों में जबरदस्त गेंदबाजी की और लगातार विकेट झटकते हुए सीरीज में अपनी वापसी का संकेत दिया।
इस प्रदर्शन के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उनके छोटे ओडीआई करियर में यह पुरस्कार दूसरी बार मिला है। इससे पहले, पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में भी वे इस खिताब से नवाजे गए थे, जहां उन्होंने तनजीद हसन तमीम के साथ संयुक्त रूप से यह पुरस्कार जीता था।
माशराफी के साथ बराबरी
बांग्लादेश के ओडीआई इतिहास में अब तक केवल एक ही खिलाड़ी है जिसने दो बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता है – वह हैं माशराफी बिन मोर्तजा। नाहिद राणा ने इसी रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, और वह भी महज 23 साल की उम्र में।
मुस्तफीजुर से आगे, अनोखी उपलब्धि
लेकिन एक मामले में नाहिद ने माशराफी से भी आगे निकल लिया है। वे बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने लगातार दो सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता है। यह उपलब्धि माशराफी के लिए भी अभी तक अनुपलब्ध है।
दोनों सीरीज में नाहिद के प्रदर्शन में चमक रही। पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों सीरीज में उन्होंने 8-8 विकेट लिए, जिसमें हर सीरीज में एक बार पांच विकेट का हैट्रिक शामिल है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका औसत और इकॉनमी रेट और भी बेहतर रहा।
बांग्लादेश के अन्य प्रमुख गेंदबाज
नाहिद राणा के अलावा, बांग्लादेश के केवल दो अन्य तेज गेंदबाजों ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता है: मुस्तफीजुर रहमान और तस्कीन अहमद।
- मुस्तफीजुर रहमान: 2015 में भारत के खिलाफ अपनी डेब्यू सीरीज में 13 विकेट लेकर यह पुरस्कार जीता।
- तस्कीन अहमद: 2022 में दक्षिण अफ्रीका में 8 विकेट के साथ पुरस्कार के हकदार बने।
विरोधी बल्लेबाजों के लिए बन गए हैं बड़ी चुनौती
नाहिद राणा का उदय बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बहुत कम उम्र में ऐसी लगातार उपलब्धियां हासिल करना और राष्ट्रीय रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना उनकी प्रतिभा और लगन को दर्शाता है।
चुनौतीपूर्ण पिचों के बावजूद नाहिद ने विरोधी बल्लेबाजों पर हावी होने का काम किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे भविष्य में कितने और रिकॉर्ड अपने नाम करते हैं और बांग्लादेश क्रिकेट को कितना ऊंचा ले जाते हैं।
एक बात स्पष्ट है कि नाहिद राणा सिर्फ एक प्रतिभाशाली नहीं, बल्कि एक विश्वस्तरीय गेंदबाज बनने के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
