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जब गैरी कर्स्टन ने 2011 में भारत को वनडे विश्व कप के गौरव तक पहुँचाया था, तब 20 मिलियन श्रीलंकाई प्रशंसकों के दिल टूटे थे। आज, श्रीलंका के नए मुख्य कोच के रूप में, उनका मिशन उन दिलों को मरहम लगाना है। पिछले महीने अपनी नियुक्ति के बाद अपनी पहली विस्तृत प्रेस वार्ता में, कर्स्टन ने श्रीलंका क्रिकेट के भविष्य के लिए एक ठोस रोडमैप प्रस्तुत किया। उनका दृष्टिकोण डेटा-संचालित आधुनिकीकरण और द्वीप राष्ट्र के क्रिकेटिंग डीएनए का एक अनूठा मेल है।

एक गहन ‘टीम ऑडिट’ से शुरुआत

कर्स्टन के कोच के रूप में पहले सप्ताह की पहचान एक व्यापक ‘टीम ऑडिट’ के रूप में हुई है। श्रीलंका के पास कभी भी प्रतिभा की कमी नहीं रही है, लेकिन कर्स्टन का मानना है कि इस प्रतिभा और टीम की वर्तमान विश्व रैंकिंग के बीच एक बड़ा फासला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिभा पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है।

कर्स्टन ने कहा, ‘हमारा फॉर्मूला समय के साथ विकसित होगा। मैंने अपना पहला सप्ताह टीम ऑडिट करने में बिताया है ताकि यह समझ सकूं कि हर खिलाड़ी वर्तमान में कहां खड़ा है। आप केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं रह सकते। आपको एक अच्छी कार्य नैतिकता और एक सकारात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।’ इस ऑडिट को विस्तार देने के लिए, कर्स्टन की नजर अगली पीढ़ी पर भी है। उन्होंने पुष्टि की कि वे तुरंत गाले (Galle) जा रहे हैं ताकि न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ खेल रही श्रीलंका ‘ए’ टीम की प्रतिभा को देख सकें।

उनका लक्ष्य एक ‘संतुलित टीम’ बनाना है जो केवल वरिष्ठ खिलाड़ियों तक सीमित न हो। कर्स्टन टीम में गहराई (Squad Depth) बनाना चाहते हैं ताकि खिलाड़ियों के कार्यभार (Workload Management) को सही ढंग से प्रबंधित किया जा सके। उनका मानना है कि एक ही खिलाड़ी से हर समय खेलने की उम्मीद करना उसे जल्दी थका सकता है।

डेटा: आधुनिक खिलाड़ियों के लिए एक ‘मजबूत तर्क’

2008 में अपना कोचिंग करियर शुरू करने वाले कर्स्टन का तरीका समय के साथ काफी बदल गया है। फ्रेंचाइजी क्रिकेट के अनुभवों ने उन्हें सिखाया है कि आधुनिक खिलाड़ी अब केवल आदेशों का पालन नहीं करते। वे तर्क और साक्ष्य चाहते हैं।

कर्स्टन ने बताया, ‘आधुनिक खिलाड़ी अक्सर ‘हम-बताएंगे-क्या-करना-है’ वाले दृष्टिकोण को नहीं सुनते क्योंकि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए मजबूत तर्क होते हैं।’ इसका समाधान कर्स्टन ने ‘डेटा-आधारित तर्कों’ में खोजा है। उन्होंने एक विशिष्ट आंकड़े का उदाहरण दिया – पिछले 30 वनडे मैचों में श्रीलंका द्वारा बनाए गए शतकों की संख्या। 2020 की शुरुआत से श्रीलंका ने 100 वनडे खेले हैं – जो किसी भी अन्य पूर्ण सदस्य देश से अधिक है (भारत 91, न्यूजीलैंड 83, ऑस्ट्रेलिया 80)। इसके बावजूद, श्रीलंका ने केवल 25 शतक बनाए हैं, जबकि भारत के पास 38, न्यूजीलैंड के पास 35 और ऑस्ट्रेलिया के पास 32 शतक हैं।

कर्स्टन का मानना है कि अगर खिलाड़ियों के सामने इन आंकड़ों को सही तरीके से पेश किया जाए, तो वे सुधार के लिए प्रेरित होंगे। हालांकि, वे इस बात से भी वाकिफ हैं कि कुछ ‘बड़े मैचों के खिलाड़ी’ (Big-game players) आंकड़ों से परे हो सकते हैं। ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करना उनके लिए समय के साथ संभव होगा।

फ्रेंचाइजी और फिटनेस के बीच संतुलन

दुनिया भर में बढ़ती टी20 लीगों के प्रति कर्स्टन का नजरिया व्यावहारिक है। कई श्रीलंकाई खिलाड़ी प्रमुख लीगों का हिस्सा हैं, और कर्स्टन का मानना है कि अभ्यास शिविरों की तुलना में ‘मैच-रेडी’ होना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘संभवतः हमारे पास वेस्टइंडीज दौरे के पहले वनडे से केवल दो या तीन दिन पहले पूरी टीम उपलब्ध होगी। यह आसान नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी प्रतिस्पर्धी मैचों में खेलें, क्योंकि यह तैयारी का सबसे अच्छा तरीका है।’

फिटनेस के मुद्दे पर कर्स्टन ने कड़ा रुख अपनाया है। श्रीलंका ने इस साल टी20 विश्व कप के दौरान ईशान मलिंगा, मथीशा पथिराना और वानिंदु हसरंगा जैसे महत्वपूर्ण गेंदबाजों को चोट के कारण खो दिया था। कर्स्टन ने फिटनेस प्रोटोकॉल को ‘उपलब्धता का साधन’ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिटनेस मानक बहुत कठिन नहीं हैं, बल्कि ये बुनियादी स्तर हैं जो खिलाड़ियों को मैदान पर बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।

2027 वनडे विश्व कप की उल्टी गिनती

2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप से पहले श्रीलंका के पास लगभग 20-25 वनडे मैच बचे हैं। कर्स्टन ने अभी से उन विशिष्ट परिस्थितियों के लिए टीम तैयार करना शुरू कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर गति, उछाल और स्विंग की जरूरत होती है।

कर्स्टन ने सवाल उठाया, ‘दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियां उन परिस्थितियों से बहुत अलग होंगी जिनके हमारे खिलाड़ी आदी हैं। क्या हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं जिनके पास हवा में गति है? क्या हमारे पास स्विंग और उछाल वाले गेंदबाज हैं? क्या हमारे पास ऐसे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं जो उन परिस्थितियों में टिक सकें?’

कर्स्टन न केवल क्रिकेट के मैदान पर बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी श्रीलंका के साथ जुड़ने की योजना बना रहे हैं, जिसमें पूरे द्वीप की साइकिल यात्रा भी शामिल है। उन्होंने अंत में कहा, ‘परिणाम मायने रखते हैं, और हम उससे भाग नहीं सकते। विश्व कप की ओर बढ़ते हुए हर श्रृंखला में हम सुधार और प्रगति का लक्ष्य रखेंगे।’

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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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