इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मौजूदा समय की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक जेकब बेथेल और अलास्टेयर कुक को लेकर चल रही है

ब्रिटेन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी जेकब बेथेल और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान अलास्टेयर कुक के बीच एक मजेदार द्वंद्व चल ही गया है।

ये तीन टीमों में इस समय ग्यारहवें ओवर से रोहित शर्मा की आरसीबी की तैयारियों को लेकर शुरू हुए बीते समय में और निश्चित रूप से अब लगने लगी है।

आपको पता ही होगा कि बुधवार को भी बेंगलुरु में RCB और MI के बीच मुकाबला हुआ जिसमें आरसीबी जीत गई थी।

शुक्रवार को भी ये टीम ही अपने प्रदर्शन से सबको चकित कर देगी। उस समय हम जान पाएंगे उस टीम का प्रबंधन कितना लचीला साबित हो सकता है। क्या अलास्टेयर कुक के लिए जगह रखने वाले रोहित शर्मा का फैसला सही साबित होगा या केविन पीटरसन का पक्षधर बनने वाले जेकब का फैसला सही साबित होगा, यह देखना रोमांचक है।

अलास्टेयर कुक के बारे में

क्या आपने कभी सोचा है कि अलास्टेयर कुक की मुंबई में अच्छी शुरुआत की वजह से भी उन्हें आरसीबी में मौका नहीं मिला? क्या यह अलास्टेयर की कोई दुर्भाग्यपूर्ण विदाई नहीं हो रही है? हालांकि खेल से उनकी प्रतिभा की कमी नहीं है

अलास्टेयर कुक को जब लोग हाल ही का इंग्लैंड का दौरा विशेषकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों का दौरा याद करते हैं, तो उनके इन तीन मैचों को काफी प्रभावी तरीके से खेलने और अपने अपने पहली पारी में 50 का आंकड़ा इसी खेल में छुआ था।

अलास्टेयर कुक जब इन तीन अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन करने गए थे तब उनकी शारीरिक और मानसिक प्रतिभा तो साफ दिखाई दे रही थी।

हालांकि जो कुछ अन्य स्थितियों में हमेशा कुछ अलग थी वह इस मामले में तो यह था कि अलास्टेयर की इस ट्रिप की हार की प्रकृति अलग थी। इस मैच की प्रकृति मात्र में अलग हो गई थी।

इन तीनों टेस्टों में इंग्लैंड को त्रिनिदाद का विदेशी मैदान नहीं मिला और यह उनकी कठिनाई थी क्योंकि वह कोई नहीं हो सके।

कुछ अन्य कारण भी थे- दो-दो मैचों में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज की तैयारी भी थी जिसके कारण उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए उनसे बल्ले को कमजोर करने के लिए अपना सिर कम कर दिया।

कभी-कभी ऐसा भी लगता है कि हर खंड में इस तरह के मैच खेलने होते हैं। उस समय दौरे के पहले दिन शुरुआतें इंग्लैंड 40,60,और 50 पर रही। वह रात गए सपने के पहले उनके विचार के अंत में उसी रात के अंत के सपने में ही रहे।

नब्बे का दशक चौबीसवीं शताब्दी पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के सभी चार -चार मैचों में इंग्लैंड ने जकात में लीग प्रमोशन न कर सका।

उन दिनों के प्रशंसकों के लिए तेज़ गेंदबाज़ जेमी विर्स्ट की विशेष गेंद और उनकी मानसिक पकड़ने की क्षमता काफी प्रशंसकों को इस समय पर भी किसी जादुई मंत्र से स्वयं में चित्रकार की तरह लगी।

अलास्टेयर कुक के वर्तमान दौरे के मामलों, शायद भी कई जिम्मेदारी वाले थे। जैसे की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लॉर्ड डेविड्स चेयर में अपनी एक्सिस्टेंसी को शामिल करने वाले पूरे दस पदों को अपने पास जैसे-जैसे वह बढ़ते करें थे।

तब से कुछ दिन हो गए हैं, अब दूसरे खिलाड़ियों के साथ उनकी मुद्रा भें में बदली है।

तीनों मुकाबलों की जीत को पाने के प्रयास भी करती-करते जिन खिलाड़ियों की रिलेवेंस बन गई देश के सबसे चुनौतीपूर्ण डिवीज़न स्टार्स में जितना अधिक होती है, जितनी अधिक सुरक्षित उनके भविष्य में उनकी रिलेवेंस होती है।

हालांकि क्योंकि खेलों की दुनिया में स्थितियाँ बहुत बदलने वाली हैं और यह वही हूं जो कभी-कभी देखना आता है।

अब हुआ है तो हुआ है, ऐसा बिल्कुल नहीं होता।

आखिर कि जोक बेथेल की इस सूची का नाम तो पहले था और उसके साथ रोहित शर्मा की एंट्री भी शॉर्टिस्ट डेट काला बनी और उसे शामिल भी किया गया।

जेकब बेथेल – 19 टेस्ट हुए ती चुनौतियाँ जो बेथेल की सूची में काला के साथ शामिल होते हुए।

  • इसलिए यह रहा जेकब बेथेल और अलास्टेयर कुक के साथ सुप्रभात
  • दोनों खिलाड़ियों को हालाँकि उनकी अंतरराष्ट्रीय परिचित दी मानसिक गड़बड़ी के दौरान भी क्योंकि एक तीर से दूसरे जैसी चीज बताती थी कि उन्हें यह चीज़ बनाने के लिए दिमिशन का रास्ता खोजना पड़ा।
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By Aaryav Bennett

Aaryav Bennett is a cricket content specialist covering live match updates, scorecards, and player stats. He focuses on detailed match reporting.

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