वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में पहले 100, फिर 200 और अब 500 रन पूरे किए हैं, जो किसी भी 15 वर्षीय उमर में बेहद चुनौतीपूर्ण है। यह भी एक अलग बात है कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए भी खेला, जो कि खेल के पालन सिखाते कुछ अलग ही करते हैं।
सूर्यवंशी स्पोर्ट्स की दुनिया में मौजूदा पीढ़ी के सितारे हैं जो तैश में अपना सितारा बजाये हुए हैं। सूर्यवंशी का जन्म पूरे तयसदृष्य से सितारों के तारों में हुआ था जो कि परिवार के नसीब का खाजा। हर कॉलेज में ये खिलाड़ी इंसान बनके नहीं रहा था इसलिए वे अपनी तरह के अद्वितीय और सुपरस्टार हो गए।
सूर्यवंशी ने 2025 और 2026 में खेल में निहाय रहे हैं।
सूर्यवंशी के परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले क्रिकेट खेला है जैसे कि उनका पिता, माता, और ससुर जैसे लोग ।,
क्रिकेट के अलावा उनका एक भाई भी क्रिकेट खेलते हैं।,
उन्होने अपने क्रिकेटिंग करियर की शुरुआत अपने स्कूल के टीम में ही कि थी। , क्रिकेट में खेलने की शुरुआत 9 वें क्लास में शुरू की। सूर्यवंशी ने अपने करियर की शुरुआत 9वें क्लास से ही कि, लेकिन उनके पिता ने उन्हें 10वीं क्लास पूरी करने के लिए कहा क्योंकि 10वीं क्लास के बाद स्कूल के क्रिकेट में प्लेजिंग की पात्रता आती है।
10वीं क्लास पूरी करने के बाद सूर्यवंशी यु.19 विश्व कप मैन ऑफ द मैच पहुंचे तो 13 साल की उम्र में उन्हे अपने करियर की पहली बाद में शहीद कर के
मुरादाबाद की 1 साल की बच्चे से भी अच्छे क्रिकेटर को देखने का मौका नहीं मिला।
और
12वीं पूरा करते समय 19 साल के क्रिकेटर के खिलाफ सूर्यवंशी को एक गेंद मिली जो कि बहुत ज्यादा तेज यानी फ्लाई कर रही थी और सूर्यवंशी ने 2 बार से
, सीर ही 18 पेज के 6 भाग में विकबी (विकेट के बाद
सूर्यवंशी के पिता ने उन्हे 17 साल की उम्र में 20 लाख के पैमाने पर खुद से फेड ही कर दियाऔर
क्रिकेट में सबसे तेज विकेट लेने वाले
14 साल की उम्र में शहीद कर दिया।
17 साल की उम्र में सबसे तेज विकेट लेने वाले
तीरथ तोलिया को
सबसे तीन तेस्त प्लेयर चुनने के लिए प्लैंर का सवाल तय किया। ,
पारिवार प्रेमी के प्रधानमंत्री रहे विनोबा भावे के बेटे की
श्रुति भावे
