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वेस्टइंडीज चैंपियनशिप: असुरक्षित पिच बनी मैच रद्द होने का कारण
एंटीगुआ के सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में क्रिकेट के खेल के लिए एक डरावना मंजर देखने को मिला। वेस्टइंडीज चैंपियनशिप के तहत त्रिनिदाद एंड टोबैगो और लीवार्ड आइलैंड्स के बीच खेले जा रहे प्रथम श्रेणी मैच को खेल के तीसरे दिन ‘खतरनाक पिच’ के कारण रद्द घोषित कर दिया गया। यह निर्णय तब लिया गया जब लीवार्ड आइलैंड्स के तेज गेंदबाज जेरेमिया लुईस को त्रिनिदाद के टेस्ट तेज गेंदबाज जयडन सील्स की एक घातक गेंद पर सिर में चोट लगी और उन्हें मैदान से अस्पताल ले जाना पड़ा।
तीसरे दिन की सुबह और डरावना हादसा
मैच के तीसरे दिन की सुबह खेल शुरू होने के कुछ ही समय बाद यह हादसा हुआ। लीवार्ड आइलैंड्स अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे थे और उनके पास 96 रनों की बढ़त थी, जबकि सात विकेट गिर चुके थे। इसी दौरान जेरेमिया लुईस क्रीज पर थे। जयडन सील्स की एक गेंद गुड लेंथ से बेहद खतरनाक तरीके से उछली और सीधे लुईस के हेलमेट पर जा लगी। गेंद की गति और उछाल इतना असामान्य था कि लुईस वहीं मैदान पर गिर पड़े। हताशा में उन्होंने पिच पर हाथ मारा और फिर खड़े होकर अपना हेलमेट लेग अंपायर की दिशा में फेंका।
लुईस को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने मैदान पर मौजूद सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया। अंपायर लेस्ली रीफर और जाहिद बसारथ ने मैच रेफरी जॉनथन ब्लेड्स और ग्राउंड स्टाफ के साथ लंबी चर्चा की और अंततः दोनों कप्तानों—जोशुआ दा सिल्वा (त्रिनिदाद) और जस्टिन ग्रीव्स (लीवार्ड)—को सूचित किया कि पिच खेलने के लिए बहुत खतरनाक है और मैच को यहीं समाप्त किया जाता है।
पिच की स्थिति और 27 विकेटों का पतन
इस चार दिवसीय मैच में पिच का व्यवहार पहले दिन से ही संदिग्ध था। महज 147 ओवरों के खेल में 27 विकेट गिर चुके थे, जो यह दर्शाता है कि पिच बल्लेबाजों के लिए कितनी घातक थी। उछाल पूरी तरह से अनिश्चित था—कभी गेंद घुटनों के नीचे रह रही थी तो कभी अचानक सिर तक पहुंच रही थी। जयडन सील्स इस पिच का पूरा फायदा उठा रहे थे; उन्होंने दूसरी पारी में गिरे सभी सात विकेट अपने नाम किए थे, जबकि पहली पारी में भी उन्होंने तीन सफलताएं हासिल की थीं।
लुईस के चोटिल होने से ठीक पहले, सील्स ने विशालकाय ऑलराउंडर रहकीम कॉर्नवाल के कंधे पर एक बाउंसर मारी थी। उसके तीन गेंद बाद ही उन्होंने जहामार हैमिल्टन को पवेलियन भेजा, जब एक गेंद दस्ताने पर लगकर स्लिप में चली गई। खेल के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
कोचों की प्रतिक्रिया: तैयारी पर सवाल
लीवार्ड आइलैंड्स के कोच विल्डेन कॉर्नवाल ने लुईस की चोट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “लुईस को स्ट्रेचर पर ले जाते देखना विनाशकारी था। मुझे पहले दिन से ही परिस्थितियों पर संदेह था। ऐसा लगता है कि इस पिच को चार दिवसीय मैच के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं किया गया था। हमने देखा कि कई खिलाड़ियों को चोटें आईं और पिच पूरे तीन दिनों तक असामान्य व्यवहार करती रही।” बाद में क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने स्पष्ट किया कि लुईस की हालत अब स्थिर है।
वहीं, त्रिनिदाद एंड टोबैगो के कोच रायाद एमरिट ने भी निराशा व्यक्त की, लेकिन उन्होंने अंपायरों के फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठाए। एमरिट ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो उछाल ढाई दिनों से ही अनिश्चित था। अगर खेल रद्द करना ही था, तो यह फैसला पहले दिन ही लिया जाना चाहिए था। तीसरे दिन तक इंतजार करने का कोई मतलब नहीं था जब कोई खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गया।”
CWI का आधिकारिक स्पष्टीकरण और भविष्य की योजनाएं
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि क्यूरेटर के साथ चर्चा के बाद यह निर्धारित किया गया कि किसी भी टीम को अनुचित लाभ दिए बिना पिच की सुरक्षित मरम्मत नहीं की जा सकती। इसलिए इसे असुरक्षित मानकर मैच को ड्रॉ के रूप में समाप्त कर दिया गया। दोनों टीमों को मैच रद्द होने तक अर्जित किए गए अंक दिए जाएंगे।
दिलचस्प बात यह है कि CWI ने इस साल वित्तीय कारणों से वेस्टइंडीज चैंपियनशिप के सत्र को छोटा कर दिया है। बोर्ड ने 2025 के वित्तीय विवरणों में 28.5 मिलियन डॉलर के नुकसान की रिपोर्ट दी है, जिसके कारण घरेलू टीमों के मैचों की संख्या घटा दी गई है। बोर्ड ने यह भी आश्वासन दिया है कि 17-20 मई को होने वाले फाइनल मैच तक इस मैदान पर कोई और मैच नहीं होगा और फाइनल के लिए एक सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी पिच तैयार करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन लगाए जाएंगे।
खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि
यह घटना एक बार फिर क्रिकेट जगत में पिच की तैयारी के मानकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट किसी भी देश के टेस्ट भविष्य की नींव होती है, और यदि वहां की पिचें खेलने योग्य नहीं होंगी, तो यह न केवल खेल की गुणवत्ता को प्रभावित करेगा बल्कि खिलाड़ियों के करियर को भी जोखिम में डाल सकता है। CWI ने भविष्य में सभी स्थानों पर पिच की तैयारी और मैच संचालन के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने का वादा किया है।
